आईएमए की मांग पर जांच का आदेश नहीं दिखा पाए स्वास्थ्य अधिकारी

Moradabad Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
मुरादाबाद। एक दिन की हड़ताल के बाद निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों में प्रशासन की सुरक्षा व अग्निशमन मानकों की जांच फिर शुरू हो गई। लेकिन इस बार आईएमए ने स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी को बैरंग लौटा दिया। एसीएमओ, मुख्य अग्निशमन अधिकारी के साथ मौके पर तो गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें अंदर नहीं आने दिया। केवल अग्निशमन विभाग को आईएमए के डॉक्टरों ने अपनी मौजूदगी में जांच करने की इजाजत दी।
प्रशासन की तानाशाही और अभद्रता के विरोध में आईएमए सदस्यों ने सोमवार को स्वास्थ्य सेवाएं ठप करके जोरदार प्रदर्शन किया था। चिकित्सकों के आरोप हैं कि जांच के दौरान प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभद्र व्यवहार करते हैं और कई ऐसे दस्तावेजों की भी जांच कर रहे हैं जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। विरोध स्वरूप डॉक्टरों ने एक दिन की हड़ताल की और मंगलवार सुबह काम पर लौटे। मंगलवार
को सुबह प्रशासन, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम एक बार फिर अस्पतालों की जांच को निकली। कांठ रोड पर नेत्र चिकित्सालय देखने के बाद जब टीम के सदस्य मुस्कान नर्सिंग होम पहुंचे तब तक आईएमए के भी तमाम पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए।
इसके बाद उन्होंने टीम में शामिल एसीएमओ डॉ. एसके शर्मा को अंदर आने से रोक दिया। डॉक्टरों ने कहा कि शासन की ओर से निरीक्षण के जो निर्देश जारी हुए हैं, उसमें केवल अग्निशमन मानकों को चेक करने की बात कही गई है। प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग के अफसर इसमें शामिल नहीं हैं। लिहाजा उन्हें कोई दस्तावेज नहीं दिखाया जाएगा। डॉक्टरों ने एसीएमओ से जांच का अधिकार पत्र मांगा, लेकिन वह नहीं दिखा सके। डॉक्टरों के दो टूक जवाब के बाद एसीएमओ तत्काल वहां से लौट आए। इसके बाद केवल मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुनेंद्र त्यागी ने ही सद्भावना नर्सिंग होम, न्यूरोन अस्पताल, डॉ. एसपी गुप्ता और डॉ. मदान के नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। विभाग को कुछ खामियां मिलीं, जिन्हें डॉक्टरों ने तीन दिन के अंदर पूरा करने का भरोसा दिलाया। शाम को भी सीएफओ ने लाजपत नगर और गांधी नगर के आधा दर्जन नर्सिंग होम और क्लीनिक चेक किए।

डीएम ने सुरक्षा मानकों पर किया फोकस
प्रशासन और अग्निशमन विभाग की जांच को लेकर आक्रोशित आईएमए सदस्यों ने मंगलवार शाम डीएम डॉ. हरिओम से भी मुलाकात की। साथ ही जिले में ट्रेंड पैरामेडिकल स्टॉफ की कमी से अवगत कराया। डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल और नर्सिंग होम में अग्निशमन सुविधाएं मौजूद हैं। जहां कहीं कमियां हैं, उन्हें तीन दिन के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। डीएम ने भी अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म आदि पर फोकस किया। साथ ही पैरा मेडिकल स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए डॉक्टरों को नई नियुक्तियां करने को कहा। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. नितिन बत्रा, डॉ. एसके गुप्ता, डॉ. शलभ अग्रवाल समेत कई सदस्य मौजूद रहे।

मुरादाबाद। एक दिन की हड़ताल के बाद निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों में प्रशासन की सुरक्षा व अग्निशमन मानकों की जांच फिर शुरू हो गई। लेकिन इस बार आईएमए ने स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी को बैरंग लौटा दिया। एसीएमओ, मुख्य अग्निशमन अधिकारी के साथ मौके पर तो गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें अंदर नहीं आने दिया। केवल अग्निशमन विभाग को आईएमए के डॉक्टरों ने अपनी मौजूदगी में जांच करने की इजाजत दी।
प्रशासन की तानाशाही और अभद्रता के विरोध में आईएमए सदस्यों ने सोमवार को स्वास्थ्य सेवाएं ठप करके जोरदार प्रदर्शन किया था। चिकित्सकों के आरोप हैं कि जांच के दौरान प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभद्र व्यवहार करते हैं और कई ऐसे दस्तावेजों की भी जांच कर रहे हैं जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। विरोध स्वरूप डॉक्टरों ने एक दिन की हड़ताल की और मंगलवार सुबह काम पर लौटे। मंगलवार
को सुबह प्रशासन, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम एक बार फिर अस्पतालों की जांच को निकली। कांठ रोड पर नेत्र चिकित्सालय देखने के बाद जब टीम के सदस्य मुस्कान नर्सिंग होम पहुंचे तब तक आईएमए के भी तमाम पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए।
इसके बाद उन्होंने टीम में शामिल एसीएमओ डॉ. एसके शर्मा को अंदर आने से रोक दिया। डॉक्टरों ने कहा कि शासन की ओर से निरीक्षण के जो निर्देश जारी हुए हैं, उसमें केवल अग्निशमन मानकों को चेक करने की बात कही गई है। प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग के अफसर इसमें शामिल नहीं हैं। लिहाजा उन्हें कोई दस्तावेज नहीं दिखाया जाएगा। डॉक्टरों ने एसीएमओ से जांच का अधिकार पत्र मांगा, लेकिन वह नहीं दिखा सके। डॉक्टरों के दो टूक जवाब के बाद एसीएमओ तत्काल वहां से लौट आए। इसके बाद केवल मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुनेंद्र त्यागी ने ही सद्भावना नर्सिंग होम, न्यूरोन अस्पताल, डॉ. एसपी गुप्ता और डॉ. मदान के नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। विभाग को कुछ खामियां मिलीं, जिन्हें डॉक्टरों ने तीन दिन के अंदर पूरा करने का भरोसा दिलाया। शाम को भी सीएफओ ने लाजपत नगर और गांधी नगर के आधा दर्जन नर्सिंग होम और क्लीनिक चेक किए।

डीएम ने सुरक्षा मानकों पर किया फोकस
प्रशासन और अग्निशमन विभाग की जांच को लेकर आक्रोशित आईएमए सदस्यों ने मंगलवार शाम डीएम डॉ. हरिओम से भी मुलाकात की। साथ ही जिले में ट्रेंड पैरामेडिकल स्टॉफ की कमी से अवगत कराया। डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल और नर्सिंग होम में अग्निशमन सुविधाएं मौजूद हैं। जहां कहीं कमियां हैं, उन्हें तीन दिन के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। डीएम ने भी अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म आदि पर फोकस किया। साथ ही पैरा मेडिकल स्टॉफ की कमी को दूर करने के लिए डॉक्टरों को नई नियुक्तियां करने को कहा। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. नितिन बत्रा, डॉ. एसके गुप्ता, डॉ. शलभ अग्रवाल समेत कई सदस्य मौजूद रहे।

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