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मिनी साइबर क्राइम सेल को कसरत
Moradabad
Updated Sat, 30 Jun 2012 12:00 PM IST
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मुरादाबाद। चोरी, डकैती, राहजनी, मर्डर जैसे संगीन अपराधों के साथ अब हमारी पुलिस ब्रॉडबैंड, वाईफाई, ई-मेल या फेसबुक एकाउंट की हैकिंग, डाटा चोरी समेत ऑनलाइन दुनिया के तमाम अपराधों से निपटने का हुनर भी सीख रही है। पुलिस ट्रेनिंग एकेडमी में हैकिंग, साइबर क्राइम की विशेष कक्षाएं संचालित हो रही हैं। मुमकिन है कि साल के अंत तक यहां मिनी साइबर क्राइम सेल स्थापित हो जाए।
ऑनलाइन दुनिया के बढ़ते अपराध अब पुलिस के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। साइबर क्रिमिनल कभी किसी का फेसबुक एकाउंट हैक करके भद्दे कमेंट या फोटो अपलोड कर देते हैं तो कभी फेक ई-मेल या मैसेज से लोगों को चूना लगा रहे हैं। लेकिन अब पुलिस ऐसे अपराधियों को सबक सिखाने के लिए तैयार हो रही है। आगरा और लखनऊ में साइबर क्राइम सेल की स्थापना के बाद अब प्रदेश के बाकी शहरों में साइबर क्राइम से निपटने को मिनी सेल बनाने की योजना तैयार हो रही है। पुलिस ट्रेनिंग एकेडमी में अत्याधुनिक हथियारों, कानून की किताबों के साथ साइबर क्रिमिनल्स पर कंट्रोल के तरीके भी समझाए जा रहे हैं। इसमें एथिकल हैकिंग की बारीकियों, साइबर अपराधियों को ट्रेस करने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है।
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यूपी पुलिस के आईटी एक्सपर्ट और ट्रेनर रक्षित टंडन ने बताया कि अब कंप्यूटर या सर्वर हैकिंग, फर्जी मेल, बैंकों का फर्जी वेबपेज बनाकर धोखाधड़ी आदि की वारदातें बढ़ गई हैं। देश में ही हर माह दर्जनों मामले सामने आ रहे हैं। कई मामलों में तो पीड़ित पुलिस में शिकायत भी दर्ज नहीं कराते। लेकिन ऐसी घटनाओं की रोकथाम को अब यूपी पुलिस जिलों में साइबर क्राइम यूनिट बनाने जा रही है। उसी के तहत रंगरूटों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
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एथिकल हैकर बनेंगे पुलिसकर्मी
पुलिस अब इंटरनेट उपभोक्ताओं के साथ एथिकल हैकर की भूमिका में नजर आएगी। पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस उसकी सहमति से उसका ई-मेल एकाउंट, पासवर्ड आदि लेकर साइबर क्रिमिनल को पकड़ने की कोशिश करेगी। रक्षित ने बताया कि हैकिंग अपराध की श्रेणी में आता है, लेकिन एथिकल हैकिंग, इस अपराध को रोकने के लिए पीड़ित की सहमति से किसी आइटी एक्सपर्ट द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया है।