{"_id":"13560","slug":"Moradabad-13560-46","type":"story","status":"publish","title_hn":"रहस्य बना महिला व बच्ची का मर्डर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रहस्य बना महिला व बच्ची का मर्डर
Moradabad
Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
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मुरादाबाद। भगतपुर के जालपुर हाल्ट के पास मिली तीस वर्षीय महिला व सात साल की बच्ची के मर्डर को तीन महीने बीत चुके हैं। पुलिस इस केस को खोलना तो दूर दोनों शवों की शिनाख्त नहीं करा सकी है। क्षेत्र में सनसनी फैला देने वाले इस मर्डर की जांच बस कागजों में ही चल रही है। अफसरों के बदलते ही केस की जांच भी ठंडे बस्ते में चली गई है।
ग्यारह फरवरी को भगतपुर थाना क्षेत्र के जालपुर हाल्ट के पास ओमप्रकाश के गन्ने के खेत में एक महिला व बच्ची का शव मिला था। इससे एक दिन पहले ही यहां से मुश्किल से पचास कदम की दूरी पर एक बच्चा रोता हुआ मिला था। अगले ही दिन दोनों शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। दोनों की गले के नाड़े से गला घोंटकर हत्या की गई थी। शुरुआत में पुलिस दोनों को मां-बेटी मान रही थी। दोनों से ही लूट व रेप का कोई क्लू न मिलने से पुलिस इस मामले को परिवार से जुड़ा मान रही थी। आसपास के क्षेत्रों में सर्च के बाद भी जब इनकी शिनाख्त नहीं हुई तो पुलिस ने क्षेत्र से सटे उत्तराखंड के इलाकों की पुलिस से मदद ली लेकिन कोई नतीजा सामने नहीं आया। शुरुआत में पुलिस का दावा था जल्द ही इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझा लिया जाएगा लेकिन समय बीतने के साथ मामले की जांच भी धीमी होती चली गई। इसी बीच चुनाव आ गए, पुलिस उसमें उलझ गई।
तीन महीने गुजर चुके हैं इस कांड को लेकिन पुलिस एक इंच भी आगे नहीं बढ़ सकी है। अभी तक दोनों शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। अफसरों के बदलने के साथ ही केस की विवेचना बस कागजों में ही चल रही हैं। अब अफसर इस मामले को देखने की बात कह रहे हैं।
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शुरू से रही पुलिस लापरवाह
मुरादाबाद। डबल मर्डर के मामले में पुलिस शुरू से ही लापरवाह बनी रही। दोनों शवों का दारोगा ने एक ही पंचनामा भर दिया था। शवों के पोस्टमार्टम से पहले इसका खुलासा हुआ था। नियमों के मुताबिक हरेक शव का अलग पंचनामा भरा जाना चाहिए। इसके चलते शनिवार को मिले दोनों शवों का पोस्टमार्टम अगले दिन देर शाम हो सका था। इतना ही नहीं पोस्टमार्टम में रेप की पुष्टि न होने के बाद पुलिस ने स्लाइड के लिए बैजाइनल की स्लाइड नहीं मांगी।
ढाई महीने से शिशु निकेतन में है मासूम
मुरादाबाद। शवों के मिलने से एक दिन पहले घटनास्थल के पास मिला आठ महीने के मासूम अभी भी रामपुर शिशु निकेतन में ही पल रहा है। दस फरवरी को इस बच्चे के मिलने के बाद उसे गांव के ही दिलशाद पुत्र शमशेर की सुपुर्दगी में दिया गया था। बाद में इसे चाइल्ड लाइन संस्था को सौंप दिया गया। यहां से उसे रामपुर शिशु निकेतन भेज दिया गया था।
‘केस मेरे आने से पहले का है, लंबित विवेचनाओं की समीक्षाओं के दौरान मैंने इसे देखा था, अभी पूरी स्टडी के बाद ही कुछ कह सकूंगा’
- अनिल कुमार सिंह, एसपी देहात
ग्यारह फरवरी को भगतपुर थाना क्षेत्र के जालपुर हाल्ट के पास ओमप्रकाश के गन्ने के खेत में एक महिला व बच्ची का शव मिला था। इससे एक दिन पहले ही यहां से मुश्किल से पचास कदम की दूरी पर एक बच्चा रोता हुआ मिला था। अगले ही दिन दोनों शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। दोनों की गले के नाड़े से गला घोंटकर हत्या की गई थी। शुरुआत में पुलिस दोनों को मां-बेटी मान रही थी। दोनों से ही लूट व रेप का कोई क्लू न मिलने से पुलिस इस मामले को परिवार से जुड़ा मान रही थी। आसपास के क्षेत्रों में सर्च के बाद भी जब इनकी शिनाख्त नहीं हुई तो पुलिस ने क्षेत्र से सटे उत्तराखंड के इलाकों की पुलिस से मदद ली लेकिन कोई नतीजा सामने नहीं आया। शुरुआत में पुलिस का दावा था जल्द ही इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझा लिया जाएगा लेकिन समय बीतने के साथ मामले की जांच भी धीमी होती चली गई। इसी बीच चुनाव आ गए, पुलिस उसमें उलझ गई।
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तीन महीने गुजर चुके हैं इस कांड को लेकिन पुलिस एक इंच भी आगे नहीं बढ़ सकी है। अभी तक दोनों शवों की शिनाख्त नहीं हो सकी है। अफसरों के बदलने के साथ ही केस की विवेचना बस कागजों में ही चल रही हैं। अब अफसर इस मामले को देखने की बात कह रहे हैं।
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शुरू से रही पुलिस लापरवाह
मुरादाबाद। डबल मर्डर के मामले में पुलिस शुरू से ही लापरवाह बनी रही। दोनों शवों का दारोगा ने एक ही पंचनामा भर दिया था। शवों के पोस्टमार्टम से पहले इसका खुलासा हुआ था। नियमों के मुताबिक हरेक शव का अलग पंचनामा भरा जाना चाहिए। इसके चलते शनिवार को मिले दोनों शवों का पोस्टमार्टम अगले दिन देर शाम हो सका था। इतना ही नहीं पोस्टमार्टम में रेप की पुष्टि न होने के बाद पुलिस ने स्लाइड के लिए बैजाइनल की स्लाइड नहीं मांगी।
ढाई महीने से शिशु निकेतन में है मासूम
मुरादाबाद। शवों के मिलने से एक दिन पहले घटनास्थल के पास मिला आठ महीने के मासूम अभी भी रामपुर शिशु निकेतन में ही पल रहा है। दस फरवरी को इस बच्चे के मिलने के बाद उसे गांव के ही दिलशाद पुत्र शमशेर की सुपुर्दगी में दिया गया था। बाद में इसे चाइल्ड लाइन संस्था को सौंप दिया गया। यहां से उसे रामपुर शिशु निकेतन भेज दिया गया था।
‘केस मेरे आने से पहले का है, लंबित विवेचनाओं की समीक्षाओं के दौरान मैंने इसे देखा था, अभी पूरी स्टडी के बाद ही कुछ कह सकूंगा’
- अनिल कुमार सिंह, एसपी देहात