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चाइनीज बीटीएस को लेकर लड़ेगा बीएसएनएल
Moradabad
Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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मुरादाबाद। भारत संचार निगम लिमिटेड चायनीज बीटीएस को लेकर निजी संचार कंपनियों से लड़ेगा। उनको पटकनी देने का काम करेगा। महाप्रबंधक राम विलास वर्मा ने बताया कि चायनीज बीटीएस काफी पावरफुल और हाई टेक्निक पर आधारित है। इसलिए इसका कवरेज एरिया व नेटवर्क काफी मजबूत होगा। इसका लाभ मोबाइल ग्राहकों को मिलेगा। खराब नेटवर्क से जूझ रहे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्राहकों को अच्छी सेवाएं देने के लिए बीएसएनएल 50 करोड़ रुपये खर्च कर चीन से बीटीएस मंगवाया है। ये बीटीएस उन स्थानों पर लगाए जाएंगे जहां पर ब्लैक होल्स हैं।
बीएसएनएल के मोबाइल फोन के ग्राहक खराब नेटवर्क से परेशान हैं और इसकी शिकायत लगातार बढ़ती देख विभाग ने कदम उठाया है। इस संचार क्रांति के युग में निजी कंपनियों को टक्कर देने के लिए और अपनी ग्राहकों को बांधे रखने के लिए पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1000 नए बीटीएस लगाए जाएंगे। ये बीटीएस काफी हाईटेक होंगे और उसकी पावर क्षमता काफी अधिक होगी। इसका कवरेज एरिया भी काफी लंबा होगा।
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बीटीएस रेलवे लाइन के किनारे, हाईवे के साथ ही उन स्थानों पर भी लगाए जाएंगे जहां-जहां ब्लैक होल (नेटवर्क खराब रहता है अथवा बिल्कुल ही गायब हो जाता है) आदि के किनारे खास तौर से लगाए जाएंगे। ताकि रेल और हाईवे पर यात्रा करने वालों को बेहतर नेटवर्क मिलता रहे। इसके लिए मुरादाबाद में 100 स्थानों पर यह बीटीएस लगाए जाएंगे और 61 लोकेशन को चिंहित भी किया जा चुका है। एक बीटीएस लगाने पर करीब 25 लाख रुपये का खर्च आता है। इस तरह से 1000 बीटीएस लगाने पर करीब ढाई अरब रुपये खर्च हाेंगे। इन बीटीएस को लगा देने पर निजी संचार कंपनियों पर असर पड़ेगा।
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