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ट्रंप के एलान ने उड़ाई हस्तशिल्प इंडस्ट्री की नींद -Cordination
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मुरादाबाद।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के जीएसपी खत्म करने के एलान ने मुरादाबाद के हस्तशिल्प निर्यातकों की नींद उड़ा दी है। मुरादाबाद से हर साल करीब 4000 करोड़ रुपये का निर्यात अमेरिका को होता है। निर्यातकों को डर है कि उत्पाद महंगे होने पर अमेरिकी बायर्स उनके आर्डर निरस्त कर सकते हैं। हस्तशिल्प निर्यात में चीन और दूसरे देशों के सामने औंधे मुंह गिरने का खतरा भी हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री को सता रहा है।
सीएल गुप्ता एक्सपोर्ट हाउस के मालिक अजय गुप्ता कहते हैं कि इस निर्णय से भारतीय उत्पाद पांच से 15 प्रतिशत तक महंगे हो जाएंगे। मुरादाबाद का निर्यात 20 से 30 प्रतिशत तक गिर सकता है।
मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के पूर्व सचिव सतपाल का कहना है कि अमेरिका के जीएसपी खत्म करने से हस्तशिल्प निर्यात पर बड़ी मार पड़ेगी।
ईपीसीएच के पूर्व चेयरमैन और निदेशक सुधीर त्यागी का कहना है कि अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर ड्यूटी लगने का सीधा अर्थ है कि भारतीय उत्पाद महंगे हो जाएंगे। भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों को आयात करने वाले अमेरिकी बायर्स या तो निर्यातकों पर रेट कम करने के लिए दबाव बनाएंगे या फिर आर्डर निरस्त करेंगे।
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ईपीसीएच के सीओए मेंबर और मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल अजीम का कहना है कि अमेरिका द्वारा जीएसपी खत्म करने से मुरादाबाद के हस्तशिल्प उत्पादों पर ड्यूटी लगेगी जो अभी तक नहीं लगती थी। हमारे उत्पाद महंगे होते ही बायर्स आर्डर निरस्त करने लगेंगे।
हम सरकार और दूतावास के संपर्क में: डीजी
मुरादाबाद।
भारतीय हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के महानिदेशक राकेश कुमार का कहना है कि अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों के आयात पर ड्यूटी लगाने से भारतीय निर्यात और हस्तशिल्प निर्यात को बड़ा नुकसान होगा।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के जीएसपी खत्म करने के एलान ने मुरादाबाद के हस्तशिल्प निर्यातकों की नींद उड़ा दी है। मुरादाबाद से हर साल करीब 4000 करोड़ रुपये का निर्यात अमेरिका को होता है। निर्यातकों को डर है कि उत्पाद महंगे होने पर अमेरिकी बायर्स उनके आर्डर निरस्त कर सकते हैं। हस्तशिल्प निर्यात में चीन और दूसरे देशों के सामने औंधे मुंह गिरने का खतरा भी हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री को सता रहा है।
सीएल गुप्ता एक्सपोर्ट हाउस के मालिक अजय गुप्ता कहते हैं कि इस निर्णय से भारतीय उत्पाद पांच से 15 प्रतिशत तक महंगे हो जाएंगे। मुरादाबाद का निर्यात 20 से 30 प्रतिशत तक गिर सकता है।
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मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के पूर्व सचिव सतपाल का कहना है कि अमेरिका के जीएसपी खत्म करने से हस्तशिल्प निर्यात पर बड़ी मार पड़ेगी।
ईपीसीएच के पूर्व चेयरमैन और निदेशक सुधीर त्यागी का कहना है कि अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर ड्यूटी लगने का सीधा अर्थ है कि भारतीय उत्पाद महंगे हो जाएंगे। भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों को आयात करने वाले अमेरिकी बायर्स या तो निर्यातकों पर रेट कम करने के लिए दबाव बनाएंगे या फिर आर्डर निरस्त करेंगे।
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ईपीसीएच के सीओए मेंबर और मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल अजीम का कहना है कि अमेरिका द्वारा जीएसपी खत्म करने से मुरादाबाद के हस्तशिल्प उत्पादों पर ड्यूटी लगेगी जो अभी तक नहीं लगती थी। हमारे उत्पाद महंगे होते ही बायर्स आर्डर निरस्त करने लगेंगे।
हम सरकार और दूतावास के संपर्क में: डीजी
मुरादाबाद।
भारतीय हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के महानिदेशक राकेश कुमार का कहना है कि अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों के आयात पर ड्यूटी लगाने से भारतीय निर्यात और हस्तशिल्प निर्यात को बड़ा नुकसान होगा।