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मुरादाबाद में खुलेगा गन्ना प्रशिक्षण संस्थान, प्रदेश सरकार ने दी हरी झंडी
Mon, 17 Dec 2018 01:51 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरादाबाद
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 17 Dec 2018 01:51 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : youtube
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प्रदेश सरकार ने मुरादाबाद में गन्ना प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान को हरी झंडी दे दी है। दो फेज में इस संस्थान का निर्माण किया जाएगा। पहले फेज में प्रशिक्षण संस्थान होगा, उसके बाद यहां शोध की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए शासन के उप निदेशक गन्ना एनके कमल ने पांच कमरे और तीन हाल वाले भवन की तलाश शुरू कर दी है।
उप निदेशक गन्ना एनके कमल ने बताया कि इसी माह गन्ना संस्थान की स्थापना कर दी जाएगी।
जिससे कि शुरुआत में प्रशासनिक कार्य कराए जा सके। इसी के साथ डीएम से शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान खोलने के लिए 22 एकड़ सरकारी जमीन मांगी गई है। इस संस्थान के शुरू होने पर 11 जिलों के साढ़े छह लाख किसानों को नई तकनीक से गन्ने की खेती कराने के साथ-साथ दो गुनी आय का मौका मिलेगा।
किसानों के अलावा गन्ना अधिकारी तथा चीनी मिलों के प्रशासनिक और प्रबंधतंत्र को भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस घोषणा के मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल होने के कारण इसी माह कार्यालय स्थापित हो जाएगा। अब तक यहां के किसानों को मुजफ्फरनगर और शाहजहांपुर गन्ना शोध संस्थान से ही सुविधाएं प्रदान की जा रहीं थीं। लेकिन इस संस्थान के स्थापित होने के बाद किसानों को नजदीक में सुविधा मिलेगी। जिसमें खेती की नई तकनीक के साथ -साथ जैविक उर्वरक तथा उन्नत किस्म के उपकरण प्रदान किए जाएंगे। संस्थान के कार्यालय केलिए पांच बड़े कमरे, और तीन बड़े हाल वाले भवन की तलाश की जा रही है।
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इस संस्थान से मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडल के नौ जिलों मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, संभल, रामपुर, अलीगढ़, एटा, हाथरस, कासगंज, के अलावा बुलंदशहर और मथुरा जिलों के किसानों को भी लाभ मिलेगा।
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उप निदेशक गन्ना एनके कमल ने बताया कि इसी माह गन्ना संस्थान की स्थापना कर दी जाएगी।
जिससे कि शुरुआत में प्रशासनिक कार्य कराए जा सके। इसी के साथ डीएम से शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान खोलने के लिए 22 एकड़ सरकारी जमीन मांगी गई है। इस संस्थान के शुरू होने पर 11 जिलों के साढ़े छह लाख किसानों को नई तकनीक से गन्ने की खेती कराने के साथ-साथ दो गुनी आय का मौका मिलेगा।
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किसानों के अलावा गन्ना अधिकारी तथा चीनी मिलों के प्रशासनिक और प्रबंधतंत्र को भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस घोषणा के मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल होने के कारण इसी माह कार्यालय स्थापित हो जाएगा। अब तक यहां के किसानों को मुजफ्फरनगर और शाहजहांपुर गन्ना शोध संस्थान से ही सुविधाएं प्रदान की जा रहीं थीं। लेकिन इस संस्थान के स्थापित होने के बाद किसानों को नजदीक में सुविधा मिलेगी। जिसमें खेती की नई तकनीक के साथ -साथ जैविक उर्वरक तथा उन्नत किस्म के उपकरण प्रदान किए जाएंगे। संस्थान के कार्यालय केलिए पांच बड़े कमरे, और तीन बड़े हाल वाले भवन की तलाश की जा रही है।
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इस संस्थान से मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडल के नौ जिलों मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, संभल, रामपुर, अलीगढ़, एटा, हाथरस, कासगंज, के अलावा बुलंदशहर और मथुरा जिलों के किसानों को भी लाभ मिलेगा।