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ग्वालखेड़ा स्कूल में न बिजली, न पानी और न शौचालय
Updated Mon, 09 Jul 2018 01:32 AM IST
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बिलारी। तहसील के ब्लॉक बनियाखेड़ा अंतर्गत ग्वालखेड़ा गांव के परिषदीय प्राईमरी स्कूल में बिजली, पानी और शौचालय की व्यवस्थाएं दुरूस्त कराने की मांग का लेकर स्कूली बच्चों ने प्रदर्शन किया।
ग्वालखेड़ा गांव में चांदपुर रोड पर एक ही परिसर में परिषदीय जूनियर स्कूल और परिषदीय प्राईमरी स्कूल बने हुए है। दोनों स्कूल परिसर के पूरब और पश्चिम की ओर टूटी पड़ी चाहर दीवारी काफी समय बाद भी नहीं बन पाई है। प्राईमरी स्कूल परिसर में लगा इंडिया मार्का हैंडपम्प काफी दिनों से खराब होने के बाद ठप पड़ा है। ऐसी स्थिति में पीने के पानी के लिए बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राईमरी स्कूल का पुराना जर्जर भवन न तो अभी तक गिरवाया गया और न ही उसके स्थान पर नया भवन बनवाया गया।
पुराना भवन न गिरने से जहां स्कूली बच्चों को खेलने के दौरान हादसे की आशंका बनी रहती है वहीं पर्याप्त कक्ष न होने से शिक्षक दो दो कक्षाओं के बच्चों को एक ही कक्ष में बैठाकर पढ़ाई कर रहे हैं। भीषण गर्मी के मौसम में भी स्कूल के कक्षों में बिजली के पंखे नहीं चल रहे हैं। पता चला है कि पुराने बिल की बकाया अदा न हो पाने की वजह से विद्युत विभाग ने स्कूल की विद्युत आपूर्ति काट दी है। स्कूल के पुराने शौचालय खंडहर हो चुके हैं और नए शौचालय अभी अर्द्धनिर्मित हैं। स्कूल परिसर में शौचालय न होने की वजह से लघूशंका और शौच आदि के लिए बच्चों के सामने काफी समस्या आ रही है। जब कुछ अभिभावक स्कूल में शिक्षण कार्य देखने पहुंचे तब बच्चों ने बिजली, पानी और शौचालय न होने की समस्याएं बताईं। बाद में स्कूली बच्चों ने अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।
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ग्वालखेड़ा गांव में चांदपुर रोड पर एक ही परिसर में परिषदीय जूनियर स्कूल और परिषदीय प्राईमरी स्कूल बने हुए है। दोनों स्कूल परिसर के पूरब और पश्चिम की ओर टूटी पड़ी चाहर दीवारी काफी समय बाद भी नहीं बन पाई है। प्राईमरी स्कूल परिसर में लगा इंडिया मार्का हैंडपम्प काफी दिनों से खराब होने के बाद ठप पड़ा है। ऐसी स्थिति में पीने के पानी के लिए बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राईमरी स्कूल का पुराना जर्जर भवन न तो अभी तक गिरवाया गया और न ही उसके स्थान पर नया भवन बनवाया गया।
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पुराना भवन न गिरने से जहां स्कूली बच्चों को खेलने के दौरान हादसे की आशंका बनी रहती है वहीं पर्याप्त कक्ष न होने से शिक्षक दो दो कक्षाओं के बच्चों को एक ही कक्ष में बैठाकर पढ़ाई कर रहे हैं। भीषण गर्मी के मौसम में भी स्कूल के कक्षों में बिजली के पंखे नहीं चल रहे हैं। पता चला है कि पुराने बिल की बकाया अदा न हो पाने की वजह से विद्युत विभाग ने स्कूल की विद्युत आपूर्ति काट दी है। स्कूल के पुराने शौचालय खंडहर हो चुके हैं और नए शौचालय अभी अर्द्धनिर्मित हैं। स्कूल परिसर में शौचालय न होने की वजह से लघूशंका और शौच आदि के लिए बच्चों के सामने काफी समस्या आ रही है। जब कुछ अभिभावक स्कूल में शिक्षण कार्य देखने पहुंचे तब बच्चों ने बिजली, पानी और शौचालय न होने की समस्याएं बताईं। बाद में स्कूली बच्चों ने अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।
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