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72 घंटे में सूचना देने पर 90 किसानों को मिली 22 लाख की क्षतिपूर्ति
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मुरादाबाद। बीते साल अक्तूबर माह में बारिश और बाढ़ से धान की फसल क्षतिग्रस्त होने पर बीमा कंपनी ने 90 किसानों को कुल 22 लाख का क्लेम दिया है। इन किसानों ने 72 घंटे के अंदर अपनी फसल के नुकसान की सूचना बीमा कंपनी को दी थी।
पिछले साल अक्तूबर में बारिश और बाढ़ की वजह से फसलों को नुकसान हुआ था। सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ था। धान की फसल का बीमा कराने वाले 90 किसानों ने 72 घंटे के अंदर फसल में नुकसान की सूचना बीमा कंपनी को दी थी। इसके बाद बीमा कंपनी और कृषि विभाग की टीम ने संयुक्त रुप से इन किसानों के खेतों पर जाकर मुआयना किया था। टीम की रिपोर्ट पर बीमा कंपनी ने 90 किसानों को 22 लाख रुपये का क्षतिपूर्ति क्लेम दिया है। किसानों को 64 हजार 659 प्रति हेक्टेयर की दर से क्षतिग्रस्त हुई थी।
प्रभारी कृषि उपनिदेशक ऋतुषा तिवारी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि किसानों को अपनी फसल का बीमा जरूर कराना चाहिए। मौसम और प्राकृतिक आपदा कभी भी आ सकती हैं। थोड़ा सा प्रीमियम देकर किसान अपनी फसल को सुरक्षित कर सकते हैं। बस उसे यह ध्यान रखना होगा कि अपने नुकसान की सूचना 72 घंटे के अंदर बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर दे देनी चाहिए।
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पिछले साल अक्तूबर में बारिश और बाढ़ की वजह से फसलों को नुकसान हुआ था। सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ था। धान की फसल का बीमा कराने वाले 90 किसानों ने 72 घंटे के अंदर फसल में नुकसान की सूचना बीमा कंपनी को दी थी। इसके बाद बीमा कंपनी और कृषि विभाग की टीम ने संयुक्त रुप से इन किसानों के खेतों पर जाकर मुआयना किया था। टीम की रिपोर्ट पर बीमा कंपनी ने 90 किसानों को 22 लाख रुपये का क्षतिपूर्ति क्लेम दिया है। किसानों को 64 हजार 659 प्रति हेक्टेयर की दर से क्षतिग्रस्त हुई थी।
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प्रभारी कृषि उपनिदेशक ऋतुषा तिवारी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि किसानों को अपनी फसल का बीमा जरूर कराना चाहिए। मौसम और प्राकृतिक आपदा कभी भी आ सकती हैं। थोड़ा सा प्रीमियम देकर किसान अपनी फसल को सुरक्षित कर सकते हैं। बस उसे यह ध्यान रखना होगा कि अपने नुकसान की सूचना 72 घंटे के अंदर बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर दे देनी चाहिए।
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