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24 घंटे में आयुर्वेदिक अस्पताल में जुड़ा कनेक्शन
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मुरादाबाद।
टाउन हाल स्थित राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का आखिरकार शनिवार को बिजली कनेक्शन जुड़ गया। अस्पताल कर्मी पिछले दो महीने से कनेक्शन के लिए स्वास्थ्य और बिजली विभाग के अफसरों के चक्कर काट रहे थे। कनेक्शन नहीं होने से टार्च की रोशनी में मरीजों का इलाज हो रहा था। अमर उजाला के एक फरवरी के अंक में खबर प्रकाशित होने के 24 घंटे बाद ही कनेक्शन जुड़ गया है।
राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का तीन महीने से बिजली कनेक्शन कटा था। अस्पताल को अपर निदेशक स्वास्थ्य कार्यालय से बिजली की सप्लाई थी। कनेक्शन कटने के बाद मरीजों और अस्पताल कर्मियों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी। अस्पताल भवन दशकों पुराना और जर्जर हाल में है। कमरों में अंधेरा होने से अंदर जाने से डर तक लगता था। ओपीडी की पर्ची अस्पताल के बाहर बरामदे में बनाई जा रही थी। ओपीडी में डाक्टर भी टार्च की रोशनी पर मरीजों को देखने को मजबूर थे। अस्पताल के हॉल में अंधेरा होने से मरीज भी बाहर बैठ रहे थे। मरीजों और अस्पताल स्टाफ कर्मियों की परेशानी को अमर उजाला ने एक फरवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को ही क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी सुमन मिश्रा ने अस्पताल निरीक्षण किया। बिजली कनेक्शन को लेकर अस्पताल के कर्मियों से जानकारी ली। अस्पताल के डा. प्रभात रंजन ने बताया कि दो महीने पहले कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। इसके लिए कर्मी स्वास्थ्य एवं बिजली विभाग के चक्कर काट रहे थे। खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार अपराह्न दो किलोवाट का बिजली कनेक्शन जुड़ गया।
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प्राथमिक अस्पताल में अभी भी इंतजार
मुरादाबाद। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी अपर निदेशक कार्यालय से ही बिजली सप्लाई थी। कनेक्शन कटने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने चार किलोवाट के कनेक्शन के लिए आवेदन किया है। आज तक कनेक्शन नहीं जुड़ सका है। इससे अस्पताल मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बिजली नहीं होने से पानी की सबसे अधिक समस्या है।
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टाउन हाल स्थित राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का आखिरकार शनिवार को बिजली कनेक्शन जुड़ गया। अस्पताल कर्मी पिछले दो महीने से कनेक्शन के लिए स्वास्थ्य और बिजली विभाग के अफसरों के चक्कर काट रहे थे। कनेक्शन नहीं होने से टार्च की रोशनी में मरीजों का इलाज हो रहा था। अमर उजाला के एक फरवरी के अंक में खबर प्रकाशित होने के 24 घंटे बाद ही कनेक्शन जुड़ गया है।
राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का तीन महीने से बिजली कनेक्शन कटा था। अस्पताल को अपर निदेशक स्वास्थ्य कार्यालय से बिजली की सप्लाई थी। कनेक्शन कटने के बाद मरीजों और अस्पताल कर्मियों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी। अस्पताल भवन दशकों पुराना और जर्जर हाल में है। कमरों में अंधेरा होने से अंदर जाने से डर तक लगता था। ओपीडी की पर्ची अस्पताल के बाहर बरामदे में बनाई जा रही थी। ओपीडी में डाक्टर भी टार्च की रोशनी पर मरीजों को देखने को मजबूर थे। अस्पताल के हॉल में अंधेरा होने से मरीज भी बाहर बैठ रहे थे। मरीजों और अस्पताल स्टाफ कर्मियों की परेशानी को अमर उजाला ने एक फरवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को ही क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी सुमन मिश्रा ने अस्पताल निरीक्षण किया। बिजली कनेक्शन को लेकर अस्पताल के कर्मियों से जानकारी ली। अस्पताल के डा. प्रभात रंजन ने बताया कि दो महीने पहले कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। इसके लिए कर्मी स्वास्थ्य एवं बिजली विभाग के चक्कर काट रहे थे। खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार अपराह्न दो किलोवाट का बिजली कनेक्शन जुड़ गया।
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प्राथमिक अस्पताल में अभी भी इंतजार
मुरादाबाद। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी अपर निदेशक कार्यालय से ही बिजली सप्लाई थी। कनेक्शन कटने के बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने चार किलोवाट के कनेक्शन के लिए आवेदन किया है। आज तक कनेक्शन नहीं जुड़ सका है। इससे अस्पताल मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बिजली नहीं होने से पानी की सबसे अधिक समस्या है।