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बनने के साथ ही टूटने लगा बंगला गांव का नाला
Updated Wed, 08 Aug 2018 02:29 AM IST
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मुरादाबाद।
नगर निगम का 20 लाख में बनवाया गया नाला दस हफ्ते भी नहीं चला। आड़ा-तिरछा और मानकों को ताक पर रखकर बनाया गया नाला जगह-जगह से फैल गया है। नाले की दीवार गिरने लगी हैं। इसके साथ ही बराबर की सड़क में करीब 40 लाख रुपये का नुकसान कर दिया गया है। इसके बावजूद प्रभावशाली ठेकेदार के सामने अफसर बोलने को तैयार नहीं हैं।
बंगला गांव में सड़क के बराबर में करीब 400 मीटर लंबाई में चौड़ा नाला था। इसको बनाने का ठेका नगर निगम ने 20 लाख रुपये में छोड़ा था। ठेेकेदार ने पिछले दिनों इनका निर्माण कराया था। ठेकेदार ने नाले की चौड़ाई को आधा करके बना दिया। इसकी शिकायत आसपास के लोगों ने की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। नाला निर्माण में ठेकेदार ने मानकों का पालन नहीं किया। लोगों की शिकायत है कि नाले को बनाने में पर्याप्त सरिया नहीं लगाए गए। जिससे नाले की दीवार फटने लगी हैं। ये जगह-जगह टूटने के कगार पर पहुंच गई हैं। अभी नाले को बनें दस सप्ताह का समय ही हुआ है और नाला जर्जर हो गया है। ठेकेदार ने नाले को बनाने में बराबर की सड़क को भी तहस-नहस कर दिया है। इसको बनाने में अब करीब 40 लाख रुपये का खर्चा आएगा। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार खुद को एक मंत्री का नजदीकी बताकर अफसरों पर दबाव बनाए है। इसके चलते कोई अधिकारी कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा रहा है। मुख्य अभियंता सुनील केसरी ने बताया कि नाले की गुणवत्ता का परीक्षण कराया जाएगा। यदि गुणवत्ता से खिलवाड़ हुआ है और मानकों के अनुसार निर्माण नहीं कराया गया है तो ठेकेदार को नोटिस जारी कर रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
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नगर निगम का 20 लाख में बनवाया गया नाला दस हफ्ते भी नहीं चला। आड़ा-तिरछा और मानकों को ताक पर रखकर बनाया गया नाला जगह-जगह से फैल गया है। नाले की दीवार गिरने लगी हैं। इसके साथ ही बराबर की सड़क में करीब 40 लाख रुपये का नुकसान कर दिया गया है। इसके बावजूद प्रभावशाली ठेकेदार के सामने अफसर बोलने को तैयार नहीं हैं।
बंगला गांव में सड़क के बराबर में करीब 400 मीटर लंबाई में चौड़ा नाला था। इसको बनाने का ठेका नगर निगम ने 20 लाख रुपये में छोड़ा था। ठेेकेदार ने पिछले दिनों इनका निर्माण कराया था। ठेकेदार ने नाले की चौड़ाई को आधा करके बना दिया। इसकी शिकायत आसपास के लोगों ने की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। नाला निर्माण में ठेकेदार ने मानकों का पालन नहीं किया। लोगों की शिकायत है कि नाले को बनाने में पर्याप्त सरिया नहीं लगाए गए। जिससे नाले की दीवार फटने लगी हैं। ये जगह-जगह टूटने के कगार पर पहुंच गई हैं। अभी नाले को बनें दस सप्ताह का समय ही हुआ है और नाला जर्जर हो गया है। ठेकेदार ने नाले को बनाने में बराबर की सड़क को भी तहस-नहस कर दिया है। इसको बनाने में अब करीब 40 लाख रुपये का खर्चा आएगा। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार खुद को एक मंत्री का नजदीकी बताकर अफसरों पर दबाव बनाए है। इसके चलते कोई अधिकारी कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा रहा है। मुख्य अभियंता सुनील केसरी ने बताया कि नाले की गुणवत्ता का परीक्षण कराया जाएगा। यदि गुणवत्ता से खिलवाड़ हुआ है और मानकों के अनुसार निर्माण नहीं कराया गया है तो ठेकेदार को नोटिस जारी कर रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
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