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कोहरे की चादर से सर्दी का सितम
Updated Wed, 14 Nov 2018 02:15 AM IST
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मुरादाबाद। आधा नवंबर होने के साथ ही मौसम में भी बदलाव होने लगा है। सोमवार रात को वातावरण में छाई कोहरे की चादर और बादलों की वजह से सर्दी का सिलसिला शुरू हो गया। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में आए गाजा च्रकवात की वजह से सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई। दोपहर तक सूर्य न निकलने से लोगों को ठंडक महसूस होने लगी। हालांकि दोपहर बाद निकली धूप से राहत मिली। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दो-तीन दिन हल्के बादल छाए रहेंगे।
सोमवार को अधिकतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस था। रात नौ बजे से ही आसमान में कोहरा छाने लगा। सुबह में बादल भी छा गए। इससे न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस हो गया, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम रहा। सुबह 11 बजे के करीब बूंदाबांदी भी शुरू हो गई। इसके बाद मौसम में ठंडक महसूस की गई। दोपहर तक यही हाल था। घरों में भी लोगों को हल्के गर्म कंबलों का सहारा लेना पड़ा। राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद अंसारी ने बताया कि शाम के समय न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बूंदाबांदी की वजह से मौसम में नमी बनी हुई थी। सुबह के समय की आर्द्रता 90 फीसदी और शाम को 82 फीसदी रही। पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि चक्रवात का असर दो दिन में खत्म हो जाएगा। उसके बाद फिर कोहरा बना रहेगा। हवा में नमी रहने से रात में ठिठुरन बढ़ेगी। अधिकम तापमान 27 और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।
युवाओं में भी मिल रही निमोनिया की शिकायत
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. नितिन बत्रा ने बताया कि इस समय वायु प्रदूषण और मौसम में बदलाव हो रहा है। वातावरण में भारी मात्रा में वायरस, बैक्टीरिया, फंगस, धूल के अतिसूक्ष्म कण भी मौजूद हैं। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट न लगाने से तेज हवा नाक के अंदर जाती है। प्रदूषित हवा होने की वजह से फेफड़ों पर दबाव बनता है और संक्रमण बन जाता है। इसके कारण युवाओं को भी बुखार, जुकाम, छींक, सांस फूलना, सीने में दर्द, खांसी आदि की परेशानी हो रही है। हेलमेट से हवा का दबाव कम हो जाता है। उन्हें सीधे हवा के संपर्क में आने से बचना चाहिए। बुजुर्ग कपड़े पहनकर सुबह के समय टहल सकते हैं। सर्दी से बचने के लिए पानी और मौसमी फल भी पर्याप्त मात्रा में लेते रहें। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पायल पुरी ने बताया कि बच्चे को बुखार, पसीना, कंपकंपी, बहुत अधिक खांसी हो रही है तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। उल्टी, दस्त और पेट फूलना भी निमोनिया के संकेत हैं।
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सोमवार को अधिकतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस था। रात नौ बजे से ही आसमान में कोहरा छाने लगा। सुबह में बादल भी छा गए। इससे न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस हो गया, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम रहा। सुबह 11 बजे के करीब बूंदाबांदी भी शुरू हो गई। इसके बाद मौसम में ठंडक महसूस की गई। दोपहर तक यही हाल था। घरों में भी लोगों को हल्के गर्म कंबलों का सहारा लेना पड़ा। राजकीय इंटर कालेज स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी निसार अहमद अंसारी ने बताया कि शाम के समय न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बूंदाबांदी की वजह से मौसम में नमी बनी हुई थी। सुबह के समय की आर्द्रता 90 फीसदी और शाम को 82 फीसदी रही। पंत नगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि चक्रवात का असर दो दिन में खत्म हो जाएगा। उसके बाद फिर कोहरा बना रहेगा। हवा में नमी रहने से रात में ठिठुरन बढ़ेगी। अधिकम तापमान 27 और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है।
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युवाओं में भी मिल रही निमोनिया की शिकायत
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. नितिन बत्रा ने बताया कि इस समय वायु प्रदूषण और मौसम में बदलाव हो रहा है। वातावरण में भारी मात्रा में वायरस, बैक्टीरिया, फंगस, धूल के अतिसूक्ष्म कण भी मौजूद हैं। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट न लगाने से तेज हवा नाक के अंदर जाती है। प्रदूषित हवा होने की वजह से फेफड़ों पर दबाव बनता है और संक्रमण बन जाता है। इसके कारण युवाओं को भी बुखार, जुकाम, छींक, सांस फूलना, सीने में दर्द, खांसी आदि की परेशानी हो रही है। हेलमेट से हवा का दबाव कम हो जाता है। उन्हें सीधे हवा के संपर्क में आने से बचना चाहिए। बुजुर्ग कपड़े पहनकर सुबह के समय टहल सकते हैं। सर्दी से बचने के लिए पानी और मौसमी फल भी पर्याप्त मात्रा में लेते रहें। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पायल पुरी ने बताया कि बच्चे को बुखार, पसीना, कंपकंपी, बहुत अधिक खांसी हो रही है तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। उल्टी, दस्त और पेट फूलना भी निमोनिया के संकेत हैं।
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