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जंगली कुते पकड़वाने की मांग को ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Updated Fri, 13 Jul 2018 02:05 AM IST
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बिलारी। स्थानीय कोतवाली के समाथल गांव में कुत्ते के काटने से बीमार हुए बालक की मौत हो जाने की घटना को लेकर ग्रामीणों में रोष है। बृहस्पतिवार की सुबह ग्रामीणों ने संपर्क मार्ग पर जमा होकर प्रशासन, वन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। बाद में ग्राम प्रधान के माध्यम से एसडीएम और सीओ को अपनी मांगों का ज्ञापन भेजा।
समाथल गांव निवासी दीनदयाल मौर्य के आठ वर्षीय बेटे अजीत को 15 दिन पहले गांव में एक कुत्ते ने काट लिया था। बाद में उसकी हालत बिगड़ती चली गई और दो दिन पूर्व उसकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार की सुबह दीनदयाल के घर के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए और बैठक की। बैठक में कहा गया कि गांव की आबादी के पश्चिम में बिजलीघर के निकट जो मृतक पशु डाले जाते हैं इन्हीं पशुओं का मांस खाकर कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं। गांव के कई इलाके ऐसे हैं जहां कुत्ते समूह के रूप में मौजूद रहते हैं और आने जाने वालों पर हमला बोलते रहते हैं।
ग्रामीणों ने दीनदयाल के बेटे की मौत हो जाने की घटना में तहसील प्रशासन के साथ ही वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की भी लापरवाही मानी है। वन विभाग को लेकर यह नाराजगी थी कि यदि समय रहते जंगली कुत्तों को पकड़ लिया गया होता तब शायद यह घटना न होती। बाद में ग्रामीणों ने संपर्क मार्ग पर जमा होकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और एसडीएम को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान सुरेश यादव, मोहनलाल, नत्थू सिंह, नैकश, परमेश्वरी, पप्पू, राकेश, रामसेवक, प्रेमपाल, चंद्रपाल आदि मुख्य थे।
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समाथल गांव निवासी दीनदयाल मौर्य के आठ वर्षीय बेटे अजीत को 15 दिन पहले गांव में एक कुत्ते ने काट लिया था। बाद में उसकी हालत बिगड़ती चली गई और दो दिन पूर्व उसकी मौत हो गई। बृहस्पतिवार की सुबह दीनदयाल के घर के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए और बैठक की। बैठक में कहा गया कि गांव की आबादी के पश्चिम में बिजलीघर के निकट जो मृतक पशु डाले जाते हैं इन्हीं पशुओं का मांस खाकर कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं। गांव के कई इलाके ऐसे हैं जहां कुत्ते समूह के रूप में मौजूद रहते हैं और आने जाने वालों पर हमला बोलते रहते हैं।
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ग्रामीणों ने दीनदयाल के बेटे की मौत हो जाने की घटना में तहसील प्रशासन के साथ ही वन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की भी लापरवाही मानी है। वन विभाग को लेकर यह नाराजगी थी कि यदि समय रहते जंगली कुत्तों को पकड़ लिया गया होता तब शायद यह घटना न होती। बाद में ग्रामीणों ने संपर्क मार्ग पर जमा होकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और एसडीएम को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान सुरेश यादव, मोहनलाल, नत्थू सिंह, नैकश, परमेश्वरी, पप्पू, राकेश, रामसेवक, प्रेमपाल, चंद्रपाल आदि मुख्य थे।
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