फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   50 lakhs will be recovered from Mission Hospital, FIR is certain

Moradabad News: मिशन अस्पताल से होगी 50 लाख की वसूली, एफआईआर होनी तय

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 06 Apr 2024 02:59 AM IST
विज्ञापन
50 lakhs will be recovered from Mission Hospital, FIR is certain
मुरादाबाद। पाकबड़ा के मिशन अस्पताल ने भारत सरकार की आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपये का चूना लगाया। 73 लोगों की बिना जानकारी के आयुष्मान कार्ड व अंगूठा लगाकर हार्निया के फर्जी ऑपरेशन दिखाए। इनके एवज में सरकार से 10.16 लाख रुपये का भुगतान लिया। स्वास्थ्य विभाग की जांच में अस्पताल का पर्दाफाश हो गया है।
विज्ञापन


सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने सारे मामले की जांच करने के बाद रिपोर्ट आयुष्मान मुख्यालय भेज दी है। अब नियमानुसार अस्पताल संचालक से भुगतान की गई राशि का पांच गुना वसूल किया जाएगा। जल्द ही मिशन अस्पताल को आयुष्मान योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों की श्रेणी से हमेशा के लिए हटा दिया जाएगा। गड़बड़ी की आशंका पर सांचीज ने अस्थायी रूप से सेवाओं पर पहले ही रोक लगा दी थी। स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया कि अस्पताल संचालक ने बुखार, डेंगू व अन्य रोगों के मरीजों को भर्ती कर उनके आयुष्मान कार्ड का दुरुपयोग किया। उनके ऑपरेशन दिखाए गए, जिससे सरकार से भुगतान लिया जा सके। जबकि वास्तव में कोई ऑपरेशन नहीं हुआ।
विज्ञापन


जिस लैब की रिपोर्ट दिखाई, वह लैब ही नहीं
मिशन अस्पताल ने 70 से ज्यादा मरीजों के हर्निया के फर्जी ऑपरेशन दिखाने के लिए फर्जी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट भी तैयार की थी। संचालक ने बिलारी रोड स्थित श्री साईं अल्ट्रासाउंड सेंटर के नाम से डॉ. पीयूष कुमार के हस्ताक्षर से फर्जी रिपोर्ट तैयार कराईं। स्वास्थ्य विभाग ने पाया कि ऐसी कोई लैब पंजीकृत नहीं है। ऑपरेशन साबित करने के लिए मरीजों के सर्जरी के दौरान के फर्जी फोटो एआई की मदद से तैयार कर आयुष्मान मुख्यालय को भेजे गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी मिलीं खामियां
- 10 बेड की अनुमति पर चल रहे थे 19 बेड
- बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण की नहीं थी व्यवस्था
- अस्पताल में चल रही पैथोलॉजी का नहीं था पंजीकरण
- तीन अपंजीकृत डॉक्टरों से कराई जा रही थी ओपीडी
- एनेस्थेटिक डॉक्टर को बताया गया सर्जन
- मरीजों की फर्जी जांच रिपोर्ट की गई थीं तैयार
- कुछ आयुष्मान मित्रों की मदद से चल रहा था खेल
- ज्यादा भुगतान पाने के लिए दिखाए अमलाईकल हर्निया के ऑपरेशन

पांच जनवरी को मिली थी सूचना, जांच में लगे तीन माह
स्वास्थ्य विभाग को पांच जनवरी को यह सूचना सांचीज की ओर से मिली थी अस्पताल आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा कर रहा है। सीएमओ ने मौके पर जाकर 300 से ज्यादा फाइलें जब्त कीं। डॉ. संजीव बेलवाल, डॉ. नरेंद्र कुमार व डॉ. भरत भूषण को जांच अधिकारी बनाया गया। फाइलों के अनुसार मरीजों के पते पर जाकर सत्यापन कराया गया व कुछ से फोन पर बात की गई। अधिकतर मामलों में पाया गया कि मरीजों का ऑपरेशन नहीं हुआ और मिशन अस्पताल ने उनका ऑपरेशन दिखाकर सरकार से भुगतान ले लिया। इस जांच को पूरा होने में तीन माह लग गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed