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बसपा-रालोद कार्यकर्ताओं को नहीं खींच पाए अखिलेश
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मुरादाबाद। गठबंधन प्रत्याशी डा. एसटी हसन के समर्थन में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की जनसभा बसपा और रालोद के कार्यकर्ताओं को खींच नहीं पाई। अखिलेश यादव ने मंच से भाषण में भले ही गठबंधन की ताकत का एहसास कराया, लेकिन तीनों दलों के झंडे अलग-अलग लहराते नजर आए। भीड़ में लाल टोपियां छोड़कर बसपा और रालोद की गिनती की टोपियां पहने लोग दिखे।
गठबंधन प्रत्याशी डा. हसन के समर्थन में सोमवार को मुरादाबाद में स्टार प्रचारकों में अखिलेश यादव की पहली जनसभा हुई। जनसभा भी जीआईसी मुरादाबाद में हुई। गठबंधन इसकी तैयारियां पिछले चार दिनों से जुटा था। जीआईसी का चयन भी इसलिए हुआ था ताकि अधिक से अधिक लोगों को जनसभा तक खींचा जा सके। लेकिन अखिलेश की जनसभा कार्यकर्ताओं को नहीं खींच सकी।
अखिलेश के मंच पर पहुंचते ही कार्यकर्ता कुर्सियों से उठकर खड़े हो गए। इससे अव्यवस्था हो गई। अधिकतर लोग आगे पहुंच गए और पीछे लगी कुर्सियां खाली हो गई। अव्यवस्था के बीच पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने से चिलचिलाती धूप से कई कार्यकर्ता वापस लौट गए। मंच पर गठबंधन का छाप नजर आई। मंच को तीनों दलों के झंडों के रंग के कपड़े से सजाया गया था। मंच के पीछे लगे फ्लैक्स पर भी गठबंधन के नेताओं की फोटो छपी थी। लेकिन मंच के सामने और पंडाल में सपा, बसपा और रालोद के अलग अलग झंडे लहरा रहे थे। तीनों ही दलों ने झंडों से पंडाल पाटा था। पंडाल में लाल टोपियां पहने सपा कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया जाए तो बसपा की गिनती की टोपियां पहने लोग थे। रालोद पूरी तरह गायब नजर आया।
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जनसभा में इनकी रही मौजूदगी
मुरादाबाद। मंच पर प्रत्याशी डा. एसटी हसन, राज्य सभा सदस्य जावेद अली खान, विधायक हाजी इकराम कुरैशी, विधायक नवाब जान, विधायक फहीम, यूसुफ अंसारी, नासिर कुरैशी, जिलाध्यक्ष राजीव सिंघल, महानगर अध्यक्ष मन्नू कुरैशी, अनीसुररहमान सैफी, जयवीर यादव, समीम उल हक, मौलाना सारिक, सरताज आलम अंसारी, लोकसभा प्रभारी हाफिज उस्मान, हाजी अयूब, चौधरी समरपाल सिंह, बाबर खान, मनोज चौधरी, गुलाब सिंह, मो आसिफ, धर्मेंद्र यादव, शेख सुलेमान समेत कई लोग मौजूद रहे।
दो सीटों वाली कांग्रेस से नहीं किया गठबंधन
अखिलेश यादव ने कहा कि गठबंधन का मुकाबला भाजपा से है। दो सीटों वाली कांग्रेस को इसलिए गठबंधन में शामिल नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस में कोई फर्क नहीं है।
घोषणा नहीं धोखा पत्र है
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के घोषणा पत्र को धोखा पत्र कहा। उन्होंने कहा 2014 के घोषणा पत्र के वादे पूरे नहीं हुए। 2019 का घोषणा पत्र भी धोखा पत्र है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी पांच साल देश के महज एक फीसदी लोगों के प्रधानमंत्री बने। गरीबों की कोई सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 14 दिन में गन्ने भुगतान का दावा किया था। लेकिन आज तक भुगतान नहीं हुआ। भाजपा ने किसानों को धोखा दिया है। किसान चुनाव में भाजपा के खिलाफ वोट कर सबक सीखाएंगे।
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गठबंधन प्रत्याशी डा. हसन के समर्थन में सोमवार को मुरादाबाद में स्टार प्रचारकों में अखिलेश यादव की पहली जनसभा हुई। जनसभा भी जीआईसी मुरादाबाद में हुई। गठबंधन इसकी तैयारियां पिछले चार दिनों से जुटा था। जीआईसी का चयन भी इसलिए हुआ था ताकि अधिक से अधिक लोगों को जनसभा तक खींचा जा सके। लेकिन अखिलेश की जनसभा कार्यकर्ताओं को नहीं खींच सकी।
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अखिलेश के मंच पर पहुंचते ही कार्यकर्ता कुर्सियों से उठकर खड़े हो गए। इससे अव्यवस्था हो गई। अधिकतर लोग आगे पहुंच गए और पीछे लगी कुर्सियां खाली हो गई। अव्यवस्था के बीच पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने से चिलचिलाती धूप से कई कार्यकर्ता वापस लौट गए। मंच पर गठबंधन का छाप नजर आई। मंच को तीनों दलों के झंडों के रंग के कपड़े से सजाया गया था। मंच के पीछे लगे फ्लैक्स पर भी गठबंधन के नेताओं की फोटो छपी थी। लेकिन मंच के सामने और पंडाल में सपा, बसपा और रालोद के अलग अलग झंडे लहरा रहे थे। तीनों ही दलों ने झंडों से पंडाल पाटा था। पंडाल में लाल टोपियां पहने सपा कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया जाए तो बसपा की गिनती की टोपियां पहने लोग थे। रालोद पूरी तरह गायब नजर आया।
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जनसभा में इनकी रही मौजूदगी
मुरादाबाद। मंच पर प्रत्याशी डा. एसटी हसन, राज्य सभा सदस्य जावेद अली खान, विधायक हाजी इकराम कुरैशी, विधायक नवाब जान, विधायक फहीम, यूसुफ अंसारी, नासिर कुरैशी, जिलाध्यक्ष राजीव सिंघल, महानगर अध्यक्ष मन्नू कुरैशी, अनीसुररहमान सैफी, जयवीर यादव, समीम उल हक, मौलाना सारिक, सरताज आलम अंसारी, लोकसभा प्रभारी हाफिज उस्मान, हाजी अयूब, चौधरी समरपाल सिंह, बाबर खान, मनोज चौधरी, गुलाब सिंह, मो आसिफ, धर्मेंद्र यादव, शेख सुलेमान समेत कई लोग मौजूद रहे।
दो सीटों वाली कांग्रेस से नहीं किया गठबंधन
अखिलेश यादव ने कहा कि गठबंधन का मुकाबला भाजपा से है। दो सीटों वाली कांग्रेस को इसलिए गठबंधन में शामिल नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस में कोई फर्क नहीं है।
घोषणा नहीं धोखा पत्र है
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा के घोषणा पत्र को धोखा पत्र कहा। उन्होंने कहा 2014 के घोषणा पत्र के वादे पूरे नहीं हुए। 2019 का घोषणा पत्र भी धोखा पत्र है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी पांच साल देश के महज एक फीसदी लोगों के प्रधानमंत्री बने। गरीबों की कोई सुध नहीं ली। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने 14 दिन में गन्ने भुगतान का दावा किया था। लेकिन आज तक भुगतान नहीं हुआ। भाजपा ने किसानों को धोखा दिया है। किसान चुनाव में भाजपा के खिलाफ वोट कर सबक सीखाएंगे।