फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   38 thousand women became Lakhpati Didi in the district

Moradabad News: जिले में 38 हजार महिलाएं बनीं लखपति दीदी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2025 12:12 AM IST
विज्ञापन
38 thousand women became Lakhpati Didi in the district
मुरादाबाद। जिले में स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 38 हजार महिलाएं लखपति दीदी के रूप में चिह्नित की गई हैं। प्रदेश में मुरादाबाद ने इस कार्यक्रम के तहत नौवां स्थान हासिल किया है।
विज्ञापन

शासन ने जिले को जनसंख्या के हिसाब से 61838 महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इस मामले में अभी तक जिले के अधिकारियों ने 38 हजार महिलाओं को लखपति दीदी के रूप में चिह्नित किया है, जो लक्ष्य के सापेक्ष 60 फीसदी से अधिक है। यह महिलाएं अलग-अलग स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। लखपति दीदी ग्रामीण क्षेत्र में रहते हुए खुद का कारोबार करती हैं।
विज्ञापन

पीडीएस आरपी भगत ने बताया कि जिले में स्वयं सहायता समूहों की संख्या वर्तमान में 13 हजार है। तीन माह कार्य करने पर स्वयं सहायता समूह को 30 हजार रुपये का अनुदान सरकार से मिलता है। छह माह पूरा करने पर स्वयं सहायता समूह को डेढ़ लाख का अनुदान दिया जाता है। जिले में कृषि सखी, बैंक सखी, विद्युत सखी के रूप में महिला समूह काम कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------

उमरा गोपालपुर में फूलों की खेती
बिलारी ब्लॉक के ग्राम पंचायत उमरा गोपालपुर की रहने वाली पूनम सैनी ने पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर अपनी संस्था का नाम अटल बिहारी वाजपेयी रखा है। पूनम का कहना है कि उनके गांव में काफी लोग फूलों की खेती करते हैं। वह भी फूलों की खेती करती हैं। सीजन में फूल दिल्ली और मुरादाबाद बाजार में भेजती हैं। वर्तमान समय में फूल का कारोबार काफी मंदा है। इसी प्रकार शिव समूह की पिंकी भी फूलों की खेती करती हैं। गांव में तीन संस्थाओं से 30 महिलाएं जुड़कर अपना कारोबार कर रही हैं।
-------------

ठाकुरद्वारा में जूट और गोबर से बनाए जा रहे उत्पाद
ठाकुरद्वारा ब्लॉक के ग्राम पंचायत रतूपुरा में अंशिका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं जूट के बैग और गोबर से कई उत्पाद तैयार कर रही हैं। इसी संस्था से जुड़ी शालनी समूह की सखी बनी। वह एनआरएलएम द्वारा नाबार्ड के सहयोग से जूट बैग बनाने का प्रशिक्षण ले चुकी हैं। रुद्रपुर और काशीपुर से ऑर्डर मिलने के बाद बैग सप्लाई का काम करना शुरू किया। शालनी गोबर से मूर्ति, समरानी कप, घड़ी, मोमेंटो सहित अन्य उत्पाद तैयार कर बाजार में सप्लाई कर रही हैं।

----------------

लोन लेकर लगाया प्लांट
रतूपुरा की रहने वाली अंजू चौहान ओमकार स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अंजू ने 2021 में समूह का गठन किया। आत्मनिर्भर बनने के लिए सीसीएल से एक लाख की मदद लिया। उन्होंने सबसे पहले दोना-पत्तल बनाने का कार्य 2022 में शुरू किया। 2023 में उन्होंने बैंक से दस लाख का ऋण लेकर तेल प्लांट लगाया। वर्तमान में वह सरसों तेल का उत्पादन कर बेच रही हैं। अंजू साल में दो से ढाई लाख रुपये प्रतिवर्ष लाभ कमा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed