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खातों में पड़ा है बजट, खर्च करने में कंजूसी
Updated Wed, 24 Oct 2018 02:20 AM IST
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मुरादाबाद।
स्वास्थ्य सुविधाओं में पिछड़ा मुरादाबाद मंडल स्वास्थ्य की योजनाओं में भी बजट खर्च करने में कंजूस है। सीएमओ के खातों में बजट पड़ा है। बजट खर्च नहीं होने से जरूरतमंदों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मंगलवार को मंडलायुक्त अनिल राजकुमार की समीक्षा बैठक में इसका मुद्दा उठा। मंडलायुक्त ने कहा कि बजट खर्च करने में मुरादाबाद मंडल के जिले काफी पीछे हैं। उन्होंने सभी जिलों के सीएमओ कहा कि सरकार की योजनाओं का पात्र लाभार्थियों को लाभ देना सुनिश्चित की जाए। मंडलायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जननी सुरक्षा योजना, शगुन कीट और आशा वर्कर का भुगतान में संभल प्रदेश में 37वें स्थान पर है। मुरादाबाद 26वें और अमरोहा 34वें स्थान पर है। पिछले साल मुरादाबाद 40वें स्थान पर था। कमिश्नर ने कहा कि बिजनौर और रामपुर जिले ने पिछले साल की तुलना में काफी सुधार किया है। बिजनौर इस साल तीसरे और रामपुर 8वें स्थान पर है। जबकि पिछले साल बिजनौर 74 और रामपुर 69 वें स्थान पर था। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का बजट भारत सरकार से आता है और सीएमओ के खातों में एडवांस में जमा है।
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स्वास्थ्य सुविधाओं में पिछड़ा मुरादाबाद मंडल स्वास्थ्य की योजनाओं में भी बजट खर्च करने में कंजूस है। सीएमओ के खातों में बजट पड़ा है। बजट खर्च नहीं होने से जरूरतमंदों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मंगलवार को मंडलायुक्त अनिल राजकुमार की समीक्षा बैठक में इसका मुद्दा उठा। मंडलायुक्त ने कहा कि बजट खर्च करने में मुरादाबाद मंडल के जिले काफी पीछे हैं। उन्होंने सभी जिलों के सीएमओ कहा कि सरकार की योजनाओं का पात्र लाभार्थियों को लाभ देना सुनिश्चित की जाए। मंडलायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की जननी सुरक्षा योजना, शगुन कीट और आशा वर्कर का भुगतान में संभल प्रदेश में 37वें स्थान पर है। मुरादाबाद 26वें और अमरोहा 34वें स्थान पर है। पिछले साल मुरादाबाद 40वें स्थान पर था। कमिश्नर ने कहा कि बिजनौर और रामपुर जिले ने पिछले साल की तुलना में काफी सुधार किया है। बिजनौर इस साल तीसरे और रामपुर 8वें स्थान पर है। जबकि पिछले साल बिजनौर 74 और रामपुर 69 वें स्थान पर था। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का बजट भारत सरकार से आता है और सीएमओ के खातों में एडवांस में जमा है।
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