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किराए के भवनों में चल सकेंगे मदरसे
Updated Thu, 05 Jul 2018 02:04 AM IST
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मुरादाबाद। मदरसे अब किराए के भवनों में चल सकेंगे। शासनादेश में मदरसों को 10 साल तक किराए के भवनों में चलाने की अनुमति दी गई है, लेकिन इसको लागू नहीं किया जा रहा था। इसी आधार पर पिछले दिनों जिले के 68 मदरसों को बंद करने के आदेश दिए गए थे।
ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र के मदरसों का पिछले दिनों सत्यापन किया गया था। वहां पर 68 मदरसों के पास अपने भवन नहीं थे। उन्होंने विधिवत किरायानामा भी नहीं लिया गया था। एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में उक्त मदरसों के पास भवन न होने की बात कहते हुए इनको अवैध करार दिया था। इसी आधार पर डीएम को रिपोर्ट सौंपकर मदरसों को बंद करने की सिफारिश की गई थी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अंजना सिरोही ने बताया कि मदरसों को किराए के भवनों में चलने का शासनादेश पुराना था, लेकिन जानकारी के अभाव में इसको लागू नहीं किया था। इसी आधार पर एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट तैयार की थी। लखनऊ से शासनादेश की प्रति मंगवाकर डीएम से उक्त मदरसों की दोबारा से जांच के आदेश कराए गए। मदरसा संचालकों को विधिवत रिकार्ड में किरायानामा तैयार कराकर जमा कराया गया। उसके आधार पर 68 में से 51 मदरसों के संचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई है। अन्य मदरसों के कागजात अभी आने बाकी हैं। अब जिले में मदरसों का संचालन किराए के भवनों में किया जा सकेगा।
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ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र के मदरसों का पिछले दिनों सत्यापन किया गया था। वहां पर 68 मदरसों के पास अपने भवन नहीं थे। उन्होंने विधिवत किरायानामा भी नहीं लिया गया था। एसडीएम ने अपनी जांच रिपोर्ट में उक्त मदरसों के पास भवन न होने की बात कहते हुए इनको अवैध करार दिया था। इसी आधार पर डीएम को रिपोर्ट सौंपकर मदरसों को बंद करने की सिफारिश की गई थी।
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जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अंजना सिरोही ने बताया कि मदरसों को किराए के भवनों में चलने का शासनादेश पुराना था, लेकिन जानकारी के अभाव में इसको लागू नहीं किया था। इसी आधार पर एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट तैयार की थी। लखनऊ से शासनादेश की प्रति मंगवाकर डीएम से उक्त मदरसों की दोबारा से जांच के आदेश कराए गए। मदरसा संचालकों को विधिवत रिकार्ड में किरायानामा तैयार कराकर जमा कराया गया। उसके आधार पर 68 में से 51 मदरसों के संचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई है। अन्य मदरसों के कागजात अभी आने बाकी हैं। अब जिले में मदरसों का संचालन किराए के भवनों में किया जा सकेगा।
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