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300 आवेदकाें की सीट पक्की
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sun, 26 Feb 2017 02:43 AM IST
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- फोटो : getty images
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हज के पाक सफर जाने वाले खुशनसीबों का नाम कुर्रा पड़ने के बाद तय होगा। लेकिन रिजर्व कैटेगरी के आवेदकों का हजयात्रा पर जाना तय है। जिले से ऐसे तीन सौ आवेदक हैं, जिनके नाम पर मुहर लग चुकी है। ये आवेदक सत्तर प्लस और फोर्थ टाइमर कैटेगरी में शामिल हैं। इन आवेदकों को कुर्रा में शामिल नहीं किया जाता हैै।
हर साल बड़ी संख्या में हज के लिए आवेदन किए जाते हैं। पिछले साल जिले से करीब पांच हजार आवेदकों ने हजयात्रा के लिए आवेदन फार्म भरे थे। लेकिन 1782 आवेदक ही खुशनसीब बन सके, जिन्हें हज के पाक सफर पर जाने का मौका मिला। इस बार आवेदकों की संख्या चार हजार से अधिक बताई जा रही है।
हज पर कौन जाएगा, इसका फैसला पंद्रह मार्च के बाद पड़ने वाले कुर्रा से होगा। लेकिन तीन सौ आवेदक ऐसे हैं, जिन्हें कुर्रा में नहीं शामिल किया जाएगा। जो रिजर्व कैटेगरी के आवेदक हैं, इनका हज पर जाना तय हैै।
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हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम ने बताया कि सत्तर साल से अधिक उम्र वाले आवेदकाें को रिजर्व कैटेगरी में रखा जाता है, ऐसे ही लगातार चौथी बार आवेदन करने वाले भी रिजर्व कैटेगरी में हैं। इन आवेदकों को कुर्रा में शामिल नहीं किया जाता है। इनका हजयात्रा पर जाना तय होता है।
पिछले साल 400 रिजर्व कैटेगरी के आवेदकों को मिला था मौका ः पिछले साल जिले से 1782 आजमीनों को हज करने का मौका मिला। इसमें चार सौ रिजर्व कैटेगरी आवेदक शामिल थे। इनका नाम कुर्रा से पहले ही तय हो चुका था।
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हर साल बड़ी संख्या में हज के लिए आवेदन किए जाते हैं। पिछले साल जिले से करीब पांच हजार आवेदकों ने हजयात्रा के लिए आवेदन फार्म भरे थे। लेकिन 1782 आवेदक ही खुशनसीब बन सके, जिन्हें हज के पाक सफर पर जाने का मौका मिला। इस बार आवेदकों की संख्या चार हजार से अधिक बताई जा रही है।
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हज पर कौन जाएगा, इसका फैसला पंद्रह मार्च के बाद पड़ने वाले कुर्रा से होगा। लेकिन तीन सौ आवेदक ऐसे हैं, जिन्हें कुर्रा में नहीं शामिल किया जाएगा। जो रिजर्व कैटेगरी के आवेदक हैं, इनका हज पर जाना तय हैै।
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हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम ने बताया कि सत्तर साल से अधिक उम्र वाले आवेदकाें को रिजर्व कैटेगरी में रखा जाता है, ऐसे ही लगातार चौथी बार आवेदन करने वाले भी रिजर्व कैटेगरी में हैं। इन आवेदकों को कुर्रा में शामिल नहीं किया जाता है। इनका हजयात्रा पर जाना तय होता है।
पिछले साल 400 रिजर्व कैटेगरी के आवेदकों को मिला था मौका ः पिछले साल जिले से 1782 आजमीनों को हज करने का मौका मिला। इसमें चार सौ रिजर्व कैटेगरी आवेदक शामिल थे। इनका नाम कुर्रा से पहले ही तय हो चुका था।