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पुरानी पेंशन के लिए गरजे शिक्षक
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मुरादाबाद।
पुरानी पेंशन बहाली समेत अन्य मांगों के समर्थन में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शिक्षकों ने बुधवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने नौ सूत्रीय मांगपत्र संयुक्त निदेशक को सौंपा।
संघ के मंडलीय अध्यक्ष डा. पुनीत गिरी के नेतृत्व में दर्जनों शिक्षक मंगलवार को संयुक्त निदेशक कार्यालय में एकत्र हुए। डा. गिरी ने कहा कि सरकार शिक्षकों की उपेक्षा कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष एवं शिक्षक विधायक दल के नेता ओम प्रकाश शर्मा ने पुरानी पेंशन बहाली समेत अन्य मांगों को सदन में रखा, इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई। शिक्षकों को अपनी मांगों के लिए आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा। अध्यक्ष ने कहा कि 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों पर नई पेंशन थोपी गई है। कर्मचारी इसके विरोध में हैं।
पूर्व विधायक सुभाष चंद्र शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा, बोर्ड परीक्षा के कक्ष निरीक्षकों एवं मूल्यांकन पारिश्रमिक सीबीएसई के समान दिया जाए। वित्त विहीन स्कूलों के शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन, विनियमित हुए तदर्थ शिक्षकों को अस्थाई राजकीय कर्मचारियों की भांति पूर्व सेवा लाभ, कंप्यूटर एवं व्यावसायिक शिक्षकों के पद सृजित किए जाए। मंडल मंत्री रविंद्र शर्मा ने कहा कि मांगों के समर्थन में शिक्षकों को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने की जरूरत है। प्रांतीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र मलिक, विनेश त्यागी, डा. जीपी सिंह, प्रेम सिंह और सुखवीर सिंह ने आंदोलन को धारदार बनाने का आह्वान किया। धरने पर सोमपाल सिंह, मनोज रस्तौगी, पुष्पेश मिश्र, विनोद कुमार, अतुल शर्मा, राजा राम, पाल सिंह, सुधीर, गीता, प्रदीप चौहान और धन सिंह समेत कई शिक्षक मौजूद रहे। अध्यक्षता सुरेंद्र मलिक और संचालन डा. सुनीत गिरी ने किया।
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पुरानी पेंशन बहाली समेत अन्य मांगों के समर्थन में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर शिक्षकों ने बुधवार को संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने नौ सूत्रीय मांगपत्र संयुक्त निदेशक को सौंपा।
संघ के मंडलीय अध्यक्ष डा. पुनीत गिरी के नेतृत्व में दर्जनों शिक्षक मंगलवार को संयुक्त निदेशक कार्यालय में एकत्र हुए। डा. गिरी ने कहा कि सरकार शिक्षकों की उपेक्षा कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष एवं शिक्षक विधायक दल के नेता ओम प्रकाश शर्मा ने पुरानी पेंशन बहाली समेत अन्य मांगों को सदन में रखा, इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई। शिक्षकों को अपनी मांगों के लिए आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ा। अध्यक्ष ने कहा कि 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों पर नई पेंशन थोपी गई है। कर्मचारी इसके विरोध में हैं।
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पूर्व विधायक सुभाष चंद्र शर्मा ने कहा कि शिक्षकों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा, बोर्ड परीक्षा के कक्ष निरीक्षकों एवं मूल्यांकन पारिश्रमिक सीबीएसई के समान दिया जाए। वित्त विहीन स्कूलों के शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन, विनियमित हुए तदर्थ शिक्षकों को अस्थाई राजकीय कर्मचारियों की भांति पूर्व सेवा लाभ, कंप्यूटर एवं व्यावसायिक शिक्षकों के पद सृजित किए जाए। मंडल मंत्री रविंद्र शर्मा ने कहा कि मांगों के समर्थन में शिक्षकों को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने की जरूरत है। प्रांतीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र मलिक, विनेश त्यागी, डा. जीपी सिंह, प्रेम सिंह और सुखवीर सिंह ने आंदोलन को धारदार बनाने का आह्वान किया। धरने पर सोमपाल सिंह, मनोज रस्तौगी, पुष्पेश मिश्र, विनोद कुमार, अतुल शर्मा, राजा राम, पाल सिंह, सुधीर, गीता, प्रदीप चौहान और धन सिंह समेत कई शिक्षक मौजूद रहे। अध्यक्षता सुरेंद्र मलिक और संचालन डा. सुनीत गिरी ने किया।
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