{"_id":"5cae3adfbdec22146e0fb3ae","slug":"181554922207-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामपुर के परिणाम पर पूरे देश की नजर: रजा मुराद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामपुर के परिणाम पर पूरे देश की नजर: रजा मुराद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर के परिणाम पर पूरे देश की नजर : रजा मुराद
फोटो
रामपुर। बॉलीवुड फिल्मों में खलनायक की भूमिका अदा करने वाले कलाकार रजा मुराद ने पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मतदाता सोच-समझ कर वोट करें। किसी के लालच में न आएं। रामपुर में दिलचस्प मुकाबला करार देते हुए कहा कि रामपुर के चुनाव परिणाम पर पूरे देश की नजर है। रजा मुराद एक विवाह समारोह में शामिल होने रामपुर आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि रामपुर में लोकसभा चुनाव का मुकाबला दिलचस्प है, जिसके परिणाम पर पूरे देश की नजर है। कहा कि रामपुर के मतदाता समझदार हैं, किसी के लालच में न आएं और सोच-समझकर वोट करें। उन्होंने कहा कि आजम खां ने रामपुर में विकास कार्य कराएं हैं तो जयाप्रदा को भी जनता ने दो बार सांसद चुना है, अगर वो काम नहीं करतीं तो जनता उन्हें दोबारा क्यों चुनती। चुनावों में अनर्गल बयानबाजी और अपशब्दों के प्रयोग पर कहा कि चुनाव जंग नहीं होते हैं। इसमें किसी की हत्या या चरित्र की हत्या नहीं होनी चाहिए। बयानबाजी की भी एक लक्ष्मण रेखा हो, हार-जीत जिंदगी का हिस्सा है।
विज्ञापन
फोटो
रामपुर। बॉलीवुड फिल्मों में खलनायक की भूमिका अदा करने वाले कलाकार रजा मुराद ने पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मतदाता सोच-समझ कर वोट करें। किसी के लालच में न आएं। रामपुर में दिलचस्प मुकाबला करार देते हुए कहा कि रामपुर के चुनाव परिणाम पर पूरे देश की नजर है। रजा मुराद एक विवाह समारोह में शामिल होने रामपुर आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि रामपुर में लोकसभा चुनाव का मुकाबला दिलचस्प है, जिसके परिणाम पर पूरे देश की नजर है। कहा कि रामपुर के मतदाता समझदार हैं, किसी के लालच में न आएं और सोच-समझकर वोट करें। उन्होंने कहा कि आजम खां ने रामपुर में विकास कार्य कराएं हैं तो जयाप्रदा को भी जनता ने दो बार सांसद चुना है, अगर वो काम नहीं करतीं तो जनता उन्हें दोबारा क्यों चुनती। चुनावों में अनर्गल बयानबाजी और अपशब्दों के प्रयोग पर कहा कि चुनाव जंग नहीं होते हैं। इसमें किसी की हत्या या चरित्र की हत्या नहीं होनी चाहिए। बयानबाजी की भी एक लक्ष्मण रेखा हो, हार-जीत जिंदगी का हिस्सा है।