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आज भी काम पर नहीं लौटेंगे लेखपाल
Updated Mon, 16 Jul 2018 02:04 AM IST
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मुरादाबाद।
प्रशासन की नरमी के चलते एस्मा का डंडा भी लेखपालों की हड़ताल तुड़वाने में नाकाम है। 13 दिन से लगातार लेखपालों ने तहसीलों में काम ठप कर रखा है। स्कूल - कालेजों में दाखिले का समय होने की वजह से छात्र- छात्राओं को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों की दरकार है। छात्र रोजाना तहसीलों में भटक रहे हैं। प्रशासन प्रमाण पत्रों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं कर सका है। लेखपाल संघ का एलान है कि सोमवार भी लेखपालों की हड़ताल जारी रहेगी।
वेतन विसंगति समेत अपनी आठ मांगों के समर्थन में लेखपाल करीब 25 दिनों से आंदोलित हैं। तीन जुलाई से लेखपालों ने काम पूरी तरह ठप कर दिया है। तीन जुलाई को ही शासन ने लेखपालों की हड़ताल को छह माह के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। हड़ताल पर जाने वाले लेखपालों को एस्मा के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद प्रशासन लेखपालों की हड़ताल तुड़वाने में नाकाम रहा है। कुछ लेखपाल निलंबित जरूर हुए हैं लेकिन उन सभी का निलंबन शादी अनुदान घोटाले में हुआ है। एस्मा के तहत कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिलाध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा भी पुराने मामले में हुआ है। प्रशासन ने प्रमाण पत्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का दावा किया था लेकिन अफसरों के दखल के बाद भी तहसील में कोई कर्मचारी प्रमाण पत्रों का काम करने को तैयार नहीं है। परिवीक्षाधीन लेखपालों को बर्खास्तगी का नोटिस देकर प्रशासन ने उनके काम पर लौटने का दावा किया। अगले ही दिन वह धरने पर हड़ताली लेखपालों के साथ बैठे नजर आए। परिवीक्षाधीन लेखपालों के तेवर देख उल्टा प्रशासन को इस मामले में बैकफुट पर आना पड़ा। पहले बर्खास्तगी का नोटिस देकर तुरंत सेवा समाप्ति का दावा करने वाले प्रशासन ने 48 घंटे में ही रुख बदलकर अब लेखपालों का प्रोवेशन पीरियड दो साल बढ़ाने की चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठी का कहना है कि सोमवार को भी सभी लेखपाल हड़ताल पर रहेंगे। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश के बगैर हड़ताल खत्म नहीं होगी।
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प्रशासन की नरमी के चलते एस्मा का डंडा भी लेखपालों की हड़ताल तुड़वाने में नाकाम है। 13 दिन से लगातार लेखपालों ने तहसीलों में काम ठप कर रखा है। स्कूल - कालेजों में दाखिले का समय होने की वजह से छात्र- छात्राओं को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों की दरकार है। छात्र रोजाना तहसीलों में भटक रहे हैं। प्रशासन प्रमाण पत्रों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं कर सका है। लेखपाल संघ का एलान है कि सोमवार भी लेखपालों की हड़ताल जारी रहेगी।
वेतन विसंगति समेत अपनी आठ मांगों के समर्थन में लेखपाल करीब 25 दिनों से आंदोलित हैं। तीन जुलाई से लेखपालों ने काम पूरी तरह ठप कर दिया है। तीन जुलाई को ही शासन ने लेखपालों की हड़ताल को छह माह के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। हड़ताल पर जाने वाले लेखपालों को एस्मा के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद प्रशासन लेखपालों की हड़ताल तुड़वाने में नाकाम रहा है। कुछ लेखपाल निलंबित जरूर हुए हैं लेकिन उन सभी का निलंबन शादी अनुदान घोटाले में हुआ है। एस्मा के तहत कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जिलाध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा भी पुराने मामले में हुआ है। प्रशासन ने प्रमाण पत्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का दावा किया था लेकिन अफसरों के दखल के बाद भी तहसील में कोई कर्मचारी प्रमाण पत्रों का काम करने को तैयार नहीं है। परिवीक्षाधीन लेखपालों को बर्खास्तगी का नोटिस देकर प्रशासन ने उनके काम पर लौटने का दावा किया। अगले ही दिन वह धरने पर हड़ताली लेखपालों के साथ बैठे नजर आए। परिवीक्षाधीन लेखपालों के तेवर देख उल्टा प्रशासन को इस मामले में बैकफुट पर आना पड़ा। पहले बर्खास्तगी का नोटिस देकर तुरंत सेवा समाप्ति का दावा करने वाले प्रशासन ने 48 घंटे में ही रुख बदलकर अब लेखपालों का प्रोवेशन पीरियड दो साल बढ़ाने की चेतावनी दी है।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठी का कहना है कि सोमवार को भी सभी लेखपाल हड़ताल पर रहेंगे। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश के बगैर हड़ताल खत्म नहीं होगी।
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