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सीवर कनेक् शन में बड़ा घोटाला
Updated Thu, 20 Sep 2018 02:05 AM IST
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मुरादाबाद।
जल निगम के सीवर कनेक्शनों में बड़ा घोटाला सामने आया है। सीवर लाइन में पाइप छोटे डालने के विवादों के बीच ही अफसरों ने कनेक्शन में घटिया पाइप लगवा दिया। इसका खुलासा होने पर मुख्य अभियंता ने काम रुकवा दिया है। घटिया पाइप बदलकर नए सिरे से कनेक्शन कराने के आदेश दिए गए हैं।
मुरादाबाद में डाली जा रही सीवर लाइन शुरू से विवादों में रही है। कुछ दिन पहले कम चौड़ाई का पाइप सीवर में डाले जाने का मामला सामने आया था। अब सीवर कनेक्शन को मुख्य लाइन तक जोड़ने में घटिया पाइप डालने का मामला खुला है। शासन के मानकों के अनुसार स्ट्रीट लाइन में एचडीपी श्रेणी का पाइप डाला गया है। लाइन से घरों तक के कनेक्शन में भी एचडीपी श्रेणी का पाइप ही लगाया जाना था। अधिकारियों के मुताबिक यह पाइप पत्थर के प्रहार से भी नहीं टूटता है। इसकी बजाय जल निगम के अफसरों ने पीवीसी पाइप से कनेक्शन लाइन डाल दी। पीवीसी अत्यंत कमजोर होता है और हल्का दबाव पड़ने पर ही टूट जाता है। एचडीपी पाइप का बाजार मूल्य 1000 रुपये मीटर है। शासन से इसका ही बजट आवंटित किया गया है। लेकिन कनेक्शन लाइन में घोटाला करते हुए अफसरों ने 150 रुपये मीटर की दर वाला पीवीसी पाइप लगा दिया।
घोटाले जैसी कोई बात नहीं है। दोनों ही पाइप सीवर में प्रयोग किए जाते हैं। मिट्टी में दबा होने पर यह सुरक्षित रहता है। हम अब पीवीसी को बदलवाकर एचडीपी पाइप डलवाएंगे। सीवर का कार्य धनराशि नहीं मिलने से बंद है।
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- महेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता - सीवर प्रोजेक्ट।
सीवर कनेक्शन में एचडीपी पाइप लगाने का प्रावधान है। उसके बावजूद पीवीसी पाइप लगाकर सीवर कनेक्शन जोड़ दिए गए। मामला संज्ञान में आते ही हमने काम रुकवा दिया। अब सभी पाइप बदलने और एचडीपी से ही कनेक्शन जोड़ने के आदेश दिए गए हैं। मामले की जांच भी कराई जा रही है।
- आरके शर्मा, मुख्य अभियंता जल निगम।
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जल निगम के सीवर कनेक्शनों में बड़ा घोटाला सामने आया है। सीवर लाइन में पाइप छोटे डालने के विवादों के बीच ही अफसरों ने कनेक्शन में घटिया पाइप लगवा दिया। इसका खुलासा होने पर मुख्य अभियंता ने काम रुकवा दिया है। घटिया पाइप बदलकर नए सिरे से कनेक्शन कराने के आदेश दिए गए हैं।
मुरादाबाद में डाली जा रही सीवर लाइन शुरू से विवादों में रही है। कुछ दिन पहले कम चौड़ाई का पाइप सीवर में डाले जाने का मामला सामने आया था। अब सीवर कनेक्शन को मुख्य लाइन तक जोड़ने में घटिया पाइप डालने का मामला खुला है। शासन के मानकों के अनुसार स्ट्रीट लाइन में एचडीपी श्रेणी का पाइप डाला गया है। लाइन से घरों तक के कनेक्शन में भी एचडीपी श्रेणी का पाइप ही लगाया जाना था। अधिकारियों के मुताबिक यह पाइप पत्थर के प्रहार से भी नहीं टूटता है। इसकी बजाय जल निगम के अफसरों ने पीवीसी पाइप से कनेक्शन लाइन डाल दी। पीवीसी अत्यंत कमजोर होता है और हल्का दबाव पड़ने पर ही टूट जाता है। एचडीपी पाइप का बाजार मूल्य 1000 रुपये मीटर है। शासन से इसका ही बजट आवंटित किया गया है। लेकिन कनेक्शन लाइन में घोटाला करते हुए अफसरों ने 150 रुपये मीटर की दर वाला पीवीसी पाइप लगा दिया।
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घोटाले जैसी कोई बात नहीं है। दोनों ही पाइप सीवर में प्रयोग किए जाते हैं। मिट्टी में दबा होने पर यह सुरक्षित रहता है। हम अब पीवीसी को बदलवाकर एचडीपी पाइप डलवाएंगे। सीवर का कार्य धनराशि नहीं मिलने से बंद है।
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- महेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता - सीवर प्रोजेक्ट।
सीवर कनेक्शन में एचडीपी पाइप लगाने का प्रावधान है। उसके बावजूद पीवीसी पाइप लगाकर सीवर कनेक्शन जोड़ दिए गए। मामला संज्ञान में आते ही हमने काम रुकवा दिया। अब सभी पाइप बदलने और एचडीपी से ही कनेक्शन जोड़ने के आदेश दिए गए हैं। मामले की जांच भी कराई जा रही है।
- आरके शर्मा, मुख्य अभियंता जल निगम।