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स्मार्ट सिटी में महानगर का ड्रेनेज प्लान होगा तैयार
Updated Mon, 03 Sep 2018 01:53 AM IST
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मुरादाबाद।
महानगर का ड्रेनेज प्लान तैयार करने के लिए अब स्मार्ट सिटी योजना में इंजीनियरों की टीम सर्वे करेगी। इससे शहर की सभी ऊंची-नीची कालोनियों का पानी एक साथ निकल जाएगा। उसकेबाद महानगर में जलभराव से निजात मिलने की उम्मीद जगेगी। स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद नगर निगम ने पूरे शहर के ड्रेनेज की योजना तैयार की है। इसका प्रस्ताव दस सितंबर को होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जा सकता है।
निर्यातक शहर होने के बावजूद महानगर में मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। हल्की सी बारिश से ही लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ता है। यहां तक कि महानगर में ड्रेनेज सिस्टम तक ही नहीं है। ऐसे में बरसात का पानी भी नालों में ही जाता है। नालों के ओवर फ्लो होने और कबाड़ सिल्ट से अटने के कारण जल निकासी नहीं हो पाती है। शहर का विकास अलग-अलग चरणों में हुआ है। ऐसे में कालोनियों का लेबल भी अलग-अलग हो गया है। ऊंचाई पर बसी कालोनियों के बीच में नीची कालोनी आ जाती हैं। वहीं पर डूब क्षेत्र जैसे हालात बन जाते हैं। एकता कालोनी, ढक्का, बुद्धि विहार, सूर्य नगर, चंद्र नगर, भोला नाथ कालोनी और महाशिव कालोनी इसी तरह की हैं।
अब नगर निगम ने शहर का ड्रेनेज प्लान तैयार कराने का निर्णय लिया है। इसमें पीडब्ल्यूडी, जल निगम और टाउन प्लानिंग बोर्ड के विशेषज्ञ शामिल रहकर प्लान तैयार करेंगे। ड्रेनेज प्लान नालों से अलग भूमिगत डाला जाएगा। जगह-जगह जाली लगे मेनहोल बनाए जाएंगे। उनसे होकर बारिश का पानी तत्काल गांगन व राम गंगा नदी में पहुंच जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि भारी बारिश होने पर भी पानी तत्काल निकल जाएगा। शहर में कहीं पर भी जल भराव नहीं होगा। जीएम जलकल एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि बहुत पहले ही महानगर का ड्रेनेज प्लान बन जाना चाहिए था। उसके बिना जलभराव से निजात मिलना आसान नहीं है। स्मार्ट सिटी का अपना ड्रेनेज प्लान होगा ही। हमारी तैयारी है कि उसकेसाथ ही पूरे महानगर का ड्रेनेज प्लान तैयार करकेउसको धरातल पर लाया जाए। इस पर जल्द काम शुरू किया जाएगा।
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महानगर का ड्रेनेज प्लान तैयार करने के लिए अब स्मार्ट सिटी योजना में इंजीनियरों की टीम सर्वे करेगी। इससे शहर की सभी ऊंची-नीची कालोनियों का पानी एक साथ निकल जाएगा। उसकेबाद महानगर में जलभराव से निजात मिलने की उम्मीद जगेगी। स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद नगर निगम ने पूरे शहर के ड्रेनेज की योजना तैयार की है। इसका प्रस्ताव दस सितंबर को होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जा सकता है।
निर्यातक शहर होने के बावजूद महानगर में मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। हल्की सी बारिश से ही लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ता है। यहां तक कि महानगर में ड्रेनेज सिस्टम तक ही नहीं है। ऐसे में बरसात का पानी भी नालों में ही जाता है। नालों के ओवर फ्लो होने और कबाड़ सिल्ट से अटने के कारण जल निकासी नहीं हो पाती है। शहर का विकास अलग-अलग चरणों में हुआ है। ऐसे में कालोनियों का लेबल भी अलग-अलग हो गया है। ऊंचाई पर बसी कालोनियों के बीच में नीची कालोनी आ जाती हैं। वहीं पर डूब क्षेत्र जैसे हालात बन जाते हैं। एकता कालोनी, ढक्का, बुद्धि विहार, सूर्य नगर, चंद्र नगर, भोला नाथ कालोनी और महाशिव कालोनी इसी तरह की हैं।
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अब नगर निगम ने शहर का ड्रेनेज प्लान तैयार कराने का निर्णय लिया है। इसमें पीडब्ल्यूडी, जल निगम और टाउन प्लानिंग बोर्ड के विशेषज्ञ शामिल रहकर प्लान तैयार करेंगे। ड्रेनेज प्लान नालों से अलग भूमिगत डाला जाएगा। जगह-जगह जाली लगे मेनहोल बनाए जाएंगे। उनसे होकर बारिश का पानी तत्काल गांगन व राम गंगा नदी में पहुंच जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि भारी बारिश होने पर भी पानी तत्काल निकल जाएगा। शहर में कहीं पर भी जल भराव नहीं होगा। जीएम जलकल एसपी श्रीवास्तव ने बताया कि बहुत पहले ही महानगर का ड्रेनेज प्लान बन जाना चाहिए था। उसके बिना जलभराव से निजात मिलना आसान नहीं है। स्मार्ट सिटी का अपना ड्रेनेज प्लान होगा ही। हमारी तैयारी है कि उसकेसाथ ही पूरे महानगर का ड्रेनेज प्लान तैयार करकेउसको धरातल पर लाया जाए। इस पर जल्द काम शुरू किया जाएगा।
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