{"_id":"5b393f6e4f1c1b6a4d8b9a40","slug":"171530478446-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"12 अगस्त को होगा आईएमए का चुनाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
12 अगस्त को होगा आईएमए का चुनाव
Updated Mon, 02 Jul 2018 02:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
आईएमए भवन में एसोसिएशन की मासिक बैठक हुई। अध्यक्ष डा. बबीता गुप्ता ने संगठन के आगामी चुनाव को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि 12 अगस्त को डा. नितिन बत्रा , डा. मनोज सक्सेना डा. सुधीर मिढ्ढा की देखरेख में चुनाव होंगे।
बैठक में डाक्टर और मरीज के आपसी संबंधों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि समाज में डाक्टरों के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है। इसके लिए डाक्टरों के साथ समाज भी जिम्मेदार है। वक्ताओं ने कहा कि डाक्टर भगवान नहीं हो सकता है। समाज को चिकित्सा पद्धति की सीमाओं को समझना होगा। डा. शरद अग्रवाल ने कहा कि भारत में सरकारी अस्पतालों की कमी है। गरीब और अमीर के बीच चिकित्सा सुविधाओं में असमानता है। एक गरीब को जब अपनी जमा पूंजी खर्च करने के बाद भी लाभ नहीं मिलता है तो वह डाक्टर को दोषी ठहराता है।
डा. नीरज गुप्ता, डा. मुकेश रायजादा डा. सुधीर मित्तल, डा. शलभ अग्रवाल और डा. मनोज सक्सेना ने भी विचार रखे। डा. रोजश सिंह ने कहा कि मरीज और डाक्टर के बीच आपसी विश्वास में कमी आई है। डा. डीके प्रेमी ने सरकार की ओर से टीबी उन्मूलन अभियान की जानकारी दी। सचिव डा. मोहित टंडन ने अतिथियों का आभार जताया। इस दौरान डा. रवि गंगल, डा. वीएस दीक्षित, डा. एएस कोठीवाल, डा. श्रुति खन्ना, डा. पायल, डा. आशीष मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
आईएमए भवन में एसोसिएशन की मासिक बैठक हुई। अध्यक्ष डा. बबीता गुप्ता ने संगठन के आगामी चुनाव को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि 12 अगस्त को डा. नितिन बत्रा , डा. मनोज सक्सेना डा. सुधीर मिढ्ढा की देखरेख में चुनाव होंगे।
बैठक में डाक्टर और मरीज के आपसी संबंधों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि समाज में डाक्टरों के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है। इसके लिए डाक्टरों के साथ समाज भी जिम्मेदार है। वक्ताओं ने कहा कि डाक्टर भगवान नहीं हो सकता है। समाज को चिकित्सा पद्धति की सीमाओं को समझना होगा। डा. शरद अग्रवाल ने कहा कि भारत में सरकारी अस्पतालों की कमी है। गरीब और अमीर के बीच चिकित्सा सुविधाओं में असमानता है। एक गरीब को जब अपनी जमा पूंजी खर्च करने के बाद भी लाभ नहीं मिलता है तो वह डाक्टर को दोषी ठहराता है।
विज्ञापन
डा. नीरज गुप्ता, डा. मुकेश रायजादा डा. सुधीर मित्तल, डा. शलभ अग्रवाल और डा. मनोज सक्सेना ने भी विचार रखे। डा. रोजश सिंह ने कहा कि मरीज और डाक्टर के बीच आपसी विश्वास में कमी आई है। डा. डीके प्रेमी ने सरकार की ओर से टीबी उन्मूलन अभियान की जानकारी दी। सचिव डा. मोहित टंडन ने अतिथियों का आभार जताया। इस दौरान डा. रवि गंगल, डा. वीएस दीक्षित, डा. एएस कोठीवाल, डा. श्रुति खन्ना, डा. पायल, डा. आशीष मौजूद रहे।
विज्ञापन