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मदरसों में खेल का रिकार्ड तलब
Updated Tue, 27 Mar 2018 02:51 AM IST
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मुरादाबाद। मदरसों का बड़ा फर्जीवाड़ा बड़ा रूप लेता जा रहा है। एक ओर जहां इस फर्जीवाड़े को लेकर नाराज चल रहे हैं, वहीं जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अफसरों को मदरसों की लोकेशन तक पता नहीं है। यानी अफसरों ने बिना मौकेपर जाए मदरसों का सत्यापन कर दिया। इसके चलते डीएम ने नाराजगी जताई है। सीडीओ ने पूरे मामले का रिकार्ड तलब किया है।
शासन ने पूरे जिले के मदरसों का सत्यापन कराने के आदेश दिए थे। अब तक ठाकुरद्वारा क्षेत्र के 72 मदरसों की जांच ही हो पाई है। इनमें से 57 फर्जी मिले हैं। एसडीएम ठाकुरद्वारा ने डीएम को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इससे57 मदरसों पर बंदी की तलवार लटक रही है। इसको लेकर विकास भवन और तहसील में दिनभर मदरसा संचालक हंगामा करते रहे।
यूं फंसा पेच -
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों ने अपनी जांच में ठाकुरद्वारा के मदरसों को मानकों पर सही बताया है। अपनी रिपोर्ट को शासन की साइट पर डालकर लॉक कर दिया था। अब उसको ठीक भी नहीं किया जा सकता है। एसडीएम ठाकुरद्वारा की जांच में मौके पर मदरसे चलते ही नहीं मिले। कई मदरसे ऐसे हैं जिनको नाममात्र को संचालित दिखाया जा रहा है। वहीं 12 से ज्यादा ऐसे हैं, जो कहीं पर हैं ही नहीं। जबकि अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर इनका सत्यापन दिखाया हुआ है। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि उनके पास मदरसों के संचालन स्थल का कोई नक्शा नहीं है। ज्यादातर की लोकेशन तक पता नहीं है।
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आफिस का चक्कर काट रहे मदरसा संचालक
सोमवार को मदरसा संचालन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पर जांच रिपोर्ट को खारिज कराने को दबाव बनाते रहे। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालय में तैनात बाहरी कर्मचारी भी गायब मिले। मदरसा संचालकों ने एसडीएम ठाकुरद्वारा का भी घेराव किया। माना जा रहा है कि संचालकों को उकसाया जा रहा है। इन मदरसों से जुड़ी फाइलों को तलाशा जा रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो सोमवार को यह फाइल कार्यालय में नहीं मिलीं। इनको एक बाहरी कर्मचारी ने अपने पास रखा हुआ है।
अभी तक मदरसों की लोकेशन रिकार्ड में नहीं आई है। हमने एसडीएम से अपनी रिपोर्ट मदरसों पर जाकर दोबारा से तैयार करने को कहा है। उन्होंने किराए पर चलने वाले मदरसों को खारिज कर दिया है, जबकि उनके लिए आदेश हैं। एसडीएम की रिपोर्ट से बड़ा गलत संदेश गया है।
- अंजना सिरोही, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
मेरी टीम ने एक-एक मदरसे पर मौके पर जाकर, संचालकों से बातचीत करके, उनका देखकर और दस्तावेज की छाया प्रति लेकर सत्यापन किया है। हमारी रिपोर्ट सौ फीसदी सही और मानकों-शासनादेश के आधार पर जांची गई है, कोई भी अधिकारी इसका सत्यापन करा सकता है। हम दोबारा से क्यों जांच करें? मदरसा संचालकों को उकसाकर भेजने की जानकारी डीएम को दे दी गई है।
- शैलेंद्र सिंह, एसडीएम ठाकुरद्वारा।
हमने पूरे रिकार्ड के साथ अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को बुलाया है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट भी मंगवाई है। मामला बेहद गंभीर है। इसकी गहनता से जांच की जाएगी। जांच के उपरांत सही तथ्य सामने आ सकेंगे।
- सी. इंदुमति, सीडीओ।
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शासन ने पूरे जिले के मदरसों का सत्यापन कराने के आदेश दिए थे। अब तक ठाकुरद्वारा क्षेत्र के 72 मदरसों की जांच ही हो पाई है। इनमें से 57 फर्जी मिले हैं। एसडीएम ठाकुरद्वारा ने डीएम को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इससे57 मदरसों पर बंदी की तलवार लटक रही है। इसको लेकर विकास भवन और तहसील में दिनभर मदरसा संचालक हंगामा करते रहे।
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यूं फंसा पेच -
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों ने अपनी जांच में ठाकुरद्वारा के मदरसों को मानकों पर सही बताया है। अपनी रिपोर्ट को शासन की साइट पर डालकर लॉक कर दिया था। अब उसको ठीक भी नहीं किया जा सकता है। एसडीएम ठाकुरद्वारा की जांच में मौके पर मदरसे चलते ही नहीं मिले। कई मदरसे ऐसे हैं जिनको नाममात्र को संचालित दिखाया जा रहा है। वहीं 12 से ज्यादा ऐसे हैं, जो कहीं पर हैं ही नहीं। जबकि अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर इनका सत्यापन दिखाया हुआ है। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि उनके पास मदरसों के संचालन स्थल का कोई नक्शा नहीं है। ज्यादातर की लोकेशन तक पता नहीं है।
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आफिस का चक्कर काट रहे मदरसा संचालक
सोमवार को मदरसा संचालन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पर जांच रिपोर्ट को खारिज कराने को दबाव बनाते रहे। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यालय में तैनात बाहरी कर्मचारी भी गायब मिले। मदरसा संचालकों ने एसडीएम ठाकुरद्वारा का भी घेराव किया। माना जा रहा है कि संचालकों को उकसाया जा रहा है। इन मदरसों से जुड़ी फाइलों को तलाशा जा रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो सोमवार को यह फाइल कार्यालय में नहीं मिलीं। इनको एक बाहरी कर्मचारी ने अपने पास रखा हुआ है।
अभी तक मदरसों की लोकेशन रिकार्ड में नहीं आई है। हमने एसडीएम से अपनी रिपोर्ट मदरसों पर जाकर दोबारा से तैयार करने को कहा है। उन्होंने किराए पर चलने वाले मदरसों को खारिज कर दिया है, जबकि उनके लिए आदेश हैं। एसडीएम की रिपोर्ट से बड़ा गलत संदेश गया है।
- अंजना सिरोही, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
मेरी टीम ने एक-एक मदरसे पर मौके पर जाकर, संचालकों से बातचीत करके, उनका देखकर और दस्तावेज की छाया प्रति लेकर सत्यापन किया है। हमारी रिपोर्ट सौ फीसदी सही और मानकों-शासनादेश के आधार पर जांची गई है, कोई भी अधिकारी इसका सत्यापन करा सकता है। हम दोबारा से क्यों जांच करें? मदरसा संचालकों को उकसाकर भेजने की जानकारी डीएम को दे दी गई है।
- शैलेंद्र सिंह, एसडीएम ठाकुरद्वारा।
हमने पूरे रिकार्ड के साथ अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को बुलाया है। एसडीएम की जांच रिपोर्ट भी मंगवाई है। मामला बेहद गंभीर है। इसकी गहनता से जांच की जाएगी। जांच के उपरांत सही तथ्य सामने आ सकेंगे।
- सी. इंदुमति, सीडीओ।