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घिसी पटरी पर दौड़ी थी राज्यरानी एक्सप्रेस
Updated Thu, 05 Oct 2017 02:19 AM IST
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आरडीएसओ से आई रिपोर्ट में हुआ खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
साढ़े पांच महीने पहले रामपुर में बेपटरी हुई राज्यरानी एक्सप्रेस घिसी रेल लाइन पर दौड़ी थी। सूत्रों के अनुसार पटरी मानक से करीब दो मिलीमीटर अधिक घिस गई थी। बावजूद इसके ट्रेनें दौड़ाई जा रही थी। इसका खुलासा दो महीने बाद आरडीएसओ (अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन) से आई रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट सीएजी (सीनियर एडमिनिस्ट्रेशन ग्रेड) कमेटी को भेज दी गई है। जल्द ही सीएजी कमेटी अपनी रिपोर्ट हेडक्वार्टर को साैंप देगी।
पंद्रह अप्रैैल की सुबह मेरठ से लखनऊ जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस कोसी नदी पार रामपुर स्टेशन से दो किमी पहले बेपटरी हो गई थी। ट्रेन से दस डिब्बे पटरी से उतर गए थे। जीआरपी ने रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साथ ही घटना स्थल पर मिले पटरियों के टुकड़ों को कब्जे में लेकर उसे केस प्रापर्टी बना दिया था। कोर्ट के जरिए जीआरपी से पटरी को लेकर रेलवे ने जांच के लिए आरडीएसओ लखनऊ भेज दिया था। जहां से दो महीने बाद आई जांच रिपोर्ट में पटरी कमजोर पाई गई है। सूत्रों के मुताबिक लाइन मानक से अधिक घिस गई थी। पटरी का नीचे का हिस्सा दो मिलीमीटर अधिक घिस गई थी। हालांकि इसमें हादसे की वजह स्पष्ट नहीं हैै। रिपोर्ट में रेल लाइन के स्टैंडर्ड मानक और जांच में पटरी मानकों पर कितनी खरी उतरी इसका ब्योरा दिया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
साढ़े पांच महीने पहले रामपुर में बेपटरी हुई राज्यरानी एक्सप्रेस घिसी रेल लाइन पर दौड़ी थी। सूत्रों के अनुसार पटरी मानक से करीब दो मिलीमीटर अधिक घिस गई थी। बावजूद इसके ट्रेनें दौड़ाई जा रही थी। इसका खुलासा दो महीने बाद आरडीएसओ (अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन) से आई रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट सीएजी (सीनियर एडमिनिस्ट्रेशन ग्रेड) कमेटी को भेज दी गई है। जल्द ही सीएजी कमेटी अपनी रिपोर्ट हेडक्वार्टर को साैंप देगी।
पंद्रह अप्रैैल की सुबह मेरठ से लखनऊ जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस कोसी नदी पार रामपुर स्टेशन से दो किमी पहले बेपटरी हो गई थी। ट्रेन से दस डिब्बे पटरी से उतर गए थे। जीआरपी ने रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साथ ही घटना स्थल पर मिले पटरियों के टुकड़ों को कब्जे में लेकर उसे केस प्रापर्टी बना दिया था। कोर्ट के जरिए जीआरपी से पटरी को लेकर रेलवे ने जांच के लिए आरडीएसओ लखनऊ भेज दिया था। जहां से दो महीने बाद आई जांच रिपोर्ट में पटरी कमजोर पाई गई है। सूत्रों के मुताबिक लाइन मानक से अधिक घिस गई थी। पटरी का नीचे का हिस्सा दो मिलीमीटर अधिक घिस गई थी। हालांकि इसमें हादसे की वजह स्पष्ट नहीं हैै। रिपोर्ट में रेल लाइन के स्टैंडर्ड मानक और जांच में पटरी मानकों पर कितनी खरी उतरी इसका ब्योरा दिया गया है।
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