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Moradabad News: कांठ के रामसराय भांकरी में पिंजरे में कैद हुआ 15वां तेंदुआ
Thu, 17 Sep 2026 02:06 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Thu, 17 Sep 2026 02:06 AM IST
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मुरादाबाद/कांठ। तेंदुओं की दहशत के बीच कांठ तहसील के रामसराय भांकरी गांव में बुधवार को एक और तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। सुबह पिंजरे में तेंदुआ फंसा देखकर ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित कब्जे में लेकर डियर पार्क ले गई। इसके साथ ही जिले में तेंदुओं के रेस्क्यू की संख्या 15 पहुंच गई है।
रामसराय भांकरी और आसपास के गांवों में कई दिनों से तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में दहशत थी। गन्ने के खेतों में तेंदुए की आहट के कारण किसान खेतों में जाने से बच रहे हैं। महिलाओं और बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजा जा रहा है। खेतों की ओर जाने वाले रास्तों पर भी ग्रामीण सतर्कता बरत रहे हैं।
तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने जिले के 40 से अधिक संवेदनशील गांवों में अभियान चला रखा है। इन गांवों में 49 पिंजरे और 40 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। वनकर्मी रात में भी गश्त कर रहे हैं। कैमरों से मिलने वाली तस्वीरों के आधार पर तेंदुओं की गतिविधियों वाले स्थानों की निगरानी की जा रही है। तीन अगस्त को लालापुर पीपलसाना में महिला की मौत के बाद अभियान तेज किया गया था। 32 दिनों में ही करीब 45 लाख रुपये खर्च होने, छह जिलों के करीब 80 कर्मचारियों के निगरानी अभियान में जुटने और 12 तेंदुओं के पकड़े जाने की जानकारी सामने आई थी। डीएफओ डॉ. विनय सिंह ने बताया कि अब तक 15 तेंदुओं का रेस्क्यू हो चुका है। इन सभी को सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा गया है।
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रामसराय भांकरी और आसपास के गांवों में कई दिनों से तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में दहशत थी। गन्ने के खेतों में तेंदुए की आहट के कारण किसान खेतों में जाने से बच रहे हैं। महिलाओं और बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजा जा रहा है। खेतों की ओर जाने वाले रास्तों पर भी ग्रामीण सतर्कता बरत रहे हैं।
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तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग ने जिले के 40 से अधिक संवेदनशील गांवों में अभियान चला रखा है। इन गांवों में 49 पिंजरे और 40 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। वनकर्मी रात में भी गश्त कर रहे हैं। कैमरों से मिलने वाली तस्वीरों के आधार पर तेंदुओं की गतिविधियों वाले स्थानों की निगरानी की जा रही है। तीन अगस्त को लालापुर पीपलसाना में महिला की मौत के बाद अभियान तेज किया गया था। 32 दिनों में ही करीब 45 लाख रुपये खर्च होने, छह जिलों के करीब 80 कर्मचारियों के निगरानी अभियान में जुटने और 12 तेंदुओं के पकड़े जाने की जानकारी सामने आई थी। डीएफओ डॉ. विनय सिंह ने बताया कि अब तक 15 तेंदुओं का रेस्क्यू हो चुका है। इन सभी को सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा गया है।
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