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हजारों उपभोक्ताओं के राशन पर संकट
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मुरादाबाद। जिले में एक लाख 13 हजार से अधिक उपभोक्ता के सरकारी राशन पर संकट खड़ा हो गया है। राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए राशन कार्ड को आधार से लिंक कराया जा रहा है। 30 जून इसकी आखिरी तारीख है। मुरादाबाद जिले में 87 फीसदी उपभोक्ताओं के कार्ड लिंक हुए हैं। बाकी उपभोक्ताओं को कार्ड लिंक करने के लिए भटकना पड़ रहा है। विभागीय सर्वर लड़खड़ाने से आधार लिंक कराने में जूझना पड़ रहा है। जबकि कई उपभोक्ताओं के आधार कार्ड नहीं बने हैं।
सरकारी गल्ले की कालाबाजारी की शिकायतों के बाद पूर्ति विभाग ने वितरण व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल कर दी है। गल्ले की दुकानों से जिले भर में पॉस मशीनों से उपभोक्ताओं को राशन वितरण शुरू हो गया है। पहले चरण में मुरादाबाद शहर की दुकानों से ही पॉस मशीनों से राशन दिया वितरण होता था। मुरादाबाद जिले में आठ लाख 70 हजार उपभोक्ता हैं। 1200 गल्ले की दुकानों से 23 लाख लोगों को प्रतिमाह दो किलो चावल और तीन किलो गेहूं वितरण होता है। वितरण व्यवस्था को पारदर्शी करने के लिए उपभोक्ताओं के राशन कार्ड और यूनिट आधार से लिंक कराए जा रहे हैं। विभागीय कार्यालय एवं जन सेवा केंद्रों पर लिंक कराने वाले उपभोक्ताओं की भीड़ लग रही है।
डीएसओ संजीव सिंह के मुताबिक 87 फीसदी (756900) राशन कार्ड आधार से लिंक हो चुके हैं। एक लाख 13 हजार 100 (13 फीसदी) कार्ड लिंक होने हैं। इनमें कइयों के आधार कार्ड नहीं हैं, जबकि कई उपभोक्ताओं के आधार सर्वर लड़खड़ाने से लिंक नहीं हो रहे हैं। विभागीय वेबसाइट अपग्रेड होने से सर्वर में दिक्कत आ रही हैं। इससे विभागीय कार्य भी बाधित हो रहा है। पूर्ति विभाग के मुताबिक 30 जून आधार से राशन कार्ड लिंक कराने की आखिरी तारीख है। इसके बाद लिंक नहीं होने यूनिट और कार्ड पर राशन बंद हो जाएगा।
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सरकारी गल्ले की कालाबाजारी की शिकायतों के बाद पूर्ति विभाग ने वितरण व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल कर दी है। गल्ले की दुकानों से जिले भर में पॉस मशीनों से उपभोक्ताओं को राशन वितरण शुरू हो गया है। पहले चरण में मुरादाबाद शहर की दुकानों से ही पॉस मशीनों से राशन दिया वितरण होता था। मुरादाबाद जिले में आठ लाख 70 हजार उपभोक्ता हैं। 1200 गल्ले की दुकानों से 23 लाख लोगों को प्रतिमाह दो किलो चावल और तीन किलो गेहूं वितरण होता है। वितरण व्यवस्था को पारदर्शी करने के लिए उपभोक्ताओं के राशन कार्ड और यूनिट आधार से लिंक कराए जा रहे हैं। विभागीय कार्यालय एवं जन सेवा केंद्रों पर लिंक कराने वाले उपभोक्ताओं की भीड़ लग रही है।
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डीएसओ संजीव सिंह के मुताबिक 87 फीसदी (756900) राशन कार्ड आधार से लिंक हो चुके हैं। एक लाख 13 हजार 100 (13 फीसदी) कार्ड लिंक होने हैं। इनमें कइयों के आधार कार्ड नहीं हैं, जबकि कई उपभोक्ताओं के आधार सर्वर लड़खड़ाने से लिंक नहीं हो रहे हैं। विभागीय वेबसाइट अपग्रेड होने से सर्वर में दिक्कत आ रही हैं। इससे विभागीय कार्य भी बाधित हो रहा है। पूर्ति विभाग के मुताबिक 30 जून आधार से राशन कार्ड लिंक कराने की आखिरी तारीख है। इसके बाद लिंक नहीं होने यूनिट और कार्ड पर राशन बंद हो जाएगा।
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