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मुरादाबाद में ‘भविष्य ज्योति’ कार्यक्रम में मेडल पाकर खिले 375 मेधावियों के चेहरे
Mon, 03 Jun 2019 02:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
अमर उजाला, मुरादाबाद ब्यूरो
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Published by: मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jun 2019 02:00 AM IST
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भविष्य ज्योति कार्यक्रम में छात्र हुए सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला और आईएमएस गाजियाबाद की ओर से शनिवार को ‘भविष्य ज्योति’ कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें सीबीएसई, आईसीएसई और उत्तरप्रदेश माध्यमिक बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने वाले 375 मेधावियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
आईएमएस की डायरेक्टर सपना राकेश ने मेधावी छात्र - छात्राओं के करियर संबंधी सवालों का जवाब देकर उन्हें आगे की राह दिखाई। उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद ही छात्र - छात्राओं की पढ़ाई उनका भविष्य तय करती है। इसलिए एक-दूसरे की देखादेखी नहीं बल्कि अपनी रुचि से कोर्स चुनें।
मानसरोवर पैराडाइज में आयोजित भविष्य ज्योति कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर विनोद अग्रवाल और आईएमएस गाजियाबाद की डायरेक्टर सपना राकेश ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में 12वीं की परीक्षा में मंडल एवं जिले का मान बढ़ाने वाले 375 मेधावी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे थे। इनमें 90 फीसदी से अधिक अंक वाले 30 मेधावी और 60 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 345 बच्चे शामिल थे। महापौर व आईएमएस की निदेशक ने मेधावियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया। मेडल पाते ही छात्र - छात्राओं के चेहरे खिल उठे।
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महापौर विनोद अग्रवाल ने मेधावियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आबादी के साथ बेरोजगारी और हर क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। ऐसे में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत और बुलंद हौसले जरूरी हैं। 12वीं की परीक्षा में अच्छे अंक लाकर छात्र - छात्राओं ने इसे साबित किया है अब आगे भी कड़ी मेहनत और लगन को बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश के नवनिर्माण में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। युवा अपनी पसंद से अपना फील्ड चुनें। उन्होंने स्वरोजगार के लिए भी युवाओं को प्रेरित किया। इस दौरान आईएमएस के पुष्पेंद्र, संतोष, ध्रुव, डा. आलोक, सूर्या और सुब्रो सेन समेत कई लोग मौजूद रहे। संचालन गरिमा सिंह ने किया।
मेधावियों ने पूछे सवाल
ओपन सत्र में मेधावी बच्चों ने करियर संबंधित कई सवाल भी पूछे। छात्रों ने कहा कि 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए दिशा तय नहीं कर पा रहे हैं। किस फील्ड में नौकरी और सैलरी की सबसे अधिक संभावनाएं हैं। आईएमएस की डायरेक्टर ने मेधावियों से कहा कि करियर का चुनाव उन्हें खुद करना है। हर फील्ड में नौकरी और अच्छा वेतन है।
सेल्फी से संजोया यादगार पल
मेडल और सम्मान पाकर मेधावी छात्र एवं छात्राओं ने यादगार पल को अपने मोबाइल में कैद किया। मंच से लेकर हॉल में मेधावी अपने अभिभावकों के साथ दोस्तों के साथ सेल्फी लेते नजर आए।
बातचीत
--------
- 12वीं के बाद की पढ़ाई को लेकर दुविधा में थी। भविष्य ज्योति कार्यक्रम से काफी मदद मिली। अब मेरा विजन साफ हो गया। अपनी रुचि के हिसाब से कंप्यूटर डिजाइनिंग के क्षेत्र में भविष्य बनाऊंगी। - कशिश चावला
- सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत की जरूरत होती है। हौसला बुलंद हो तो हर मुश्किल आसान है। प्रतिस्पर्द्धा हर फील्ड में है। जितनी बढ़ी चुनौती उसे उतनी मेहनत से पास किया जा सकता है। - अक्शा खान
- सफलता के लिए कोई शार्ट कट रास्ता नहीं होता। मेहनत से ही खुद का मुकाम हासिल करना होता है। कार्यक्रम ने मनोबल बढ़ाया और इंजीनियरिंग फील्ड में जाकर देश की सेवा करना चाहता हूं। - वंश चौहान
- अमर उजाला ने आत्म विश्वास बढ़ाया है। ओपन सत्र में कैरियर को लेकर कई सवाल मन में उठ रहे थे, एक्सपर्ट ने सभी तरह की जिज्ञासाओं का जवाब दिया है। - जिकरा खान
- 12वीं के बाद हर छात्र को करियर को लेकर चुनौती होती है। फैसला लेना कठिन होता है। सही फैसला ही कैरियर के लिए बेहतर साबित होता है। कार्यक्रम से काफी कुछ सीखने को मिला है। - श्रुति सिंह
- करियर को लेकर काउंसलिंग जरूरी है। भविष्य ज्योति कार्यक्रम ने अधिकतर छात्र एवं छात्राओं को अपना फील्ड चुनने का रास्ता दिखाया है। इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए। - सैयद हुजैफा
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आईएमएस की डायरेक्टर सपना राकेश ने मेधावी छात्र - छात्राओं के करियर संबंधी सवालों का जवाब देकर उन्हें आगे की राह दिखाई। उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद ही छात्र - छात्राओं की पढ़ाई उनका भविष्य तय करती है। इसलिए एक-दूसरे की देखादेखी नहीं बल्कि अपनी रुचि से कोर्स चुनें।
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मानसरोवर पैराडाइज में आयोजित भविष्य ज्योति कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर विनोद अग्रवाल और आईएमएस गाजियाबाद की डायरेक्टर सपना राकेश ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में 12वीं की परीक्षा में मंडल एवं जिले का मान बढ़ाने वाले 375 मेधावी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचे थे। इनमें 90 फीसदी से अधिक अंक वाले 30 मेधावी और 60 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 345 बच्चे शामिल थे। महापौर व आईएमएस की निदेशक ने मेधावियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया। मेडल पाते ही छात्र - छात्राओं के चेहरे खिल उठे।
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महापौर विनोद अग्रवाल ने मेधावियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आबादी के साथ बेरोजगारी और हर क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। ऐसे में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत और बुलंद हौसले जरूरी हैं। 12वीं की परीक्षा में अच्छे अंक लाकर छात्र - छात्राओं ने इसे साबित किया है अब आगे भी कड़ी मेहनत और लगन को बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश के नवनिर्माण में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। युवा अपनी पसंद से अपना फील्ड चुनें। उन्होंने स्वरोजगार के लिए भी युवाओं को प्रेरित किया। इस दौरान आईएमएस के पुष्पेंद्र, संतोष, ध्रुव, डा. आलोक, सूर्या और सुब्रो सेन समेत कई लोग मौजूद रहे। संचालन गरिमा सिंह ने किया।
मेधावियों ने पूछे सवाल
ओपन सत्र में मेधावी बच्चों ने करियर संबंधित कई सवाल भी पूछे। छात्रों ने कहा कि 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए दिशा तय नहीं कर पा रहे हैं। किस फील्ड में नौकरी और सैलरी की सबसे अधिक संभावनाएं हैं। आईएमएस की डायरेक्टर ने मेधावियों से कहा कि करियर का चुनाव उन्हें खुद करना है। हर फील्ड में नौकरी और अच्छा वेतन है।
सेल्फी से संजोया यादगार पल
मेडल और सम्मान पाकर मेधावी छात्र एवं छात्राओं ने यादगार पल को अपने मोबाइल में कैद किया। मंच से लेकर हॉल में मेधावी अपने अभिभावकों के साथ दोस्तों के साथ सेल्फी लेते नजर आए।
बातचीत
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- 12वीं के बाद की पढ़ाई को लेकर दुविधा में थी। भविष्य ज्योति कार्यक्रम से काफी मदद मिली। अब मेरा विजन साफ हो गया। अपनी रुचि के हिसाब से कंप्यूटर डिजाइनिंग के क्षेत्र में भविष्य बनाऊंगी। - कशिश चावला
- सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत की जरूरत होती है। हौसला बुलंद हो तो हर मुश्किल आसान है। प्रतिस्पर्द्धा हर फील्ड में है। जितनी बढ़ी चुनौती उसे उतनी मेहनत से पास किया जा सकता है। - अक्शा खान
- सफलता के लिए कोई शार्ट कट रास्ता नहीं होता। मेहनत से ही खुद का मुकाम हासिल करना होता है। कार्यक्रम ने मनोबल बढ़ाया और इंजीनियरिंग फील्ड में जाकर देश की सेवा करना चाहता हूं। - वंश चौहान
- अमर उजाला ने आत्म विश्वास बढ़ाया है। ओपन सत्र में कैरियर को लेकर कई सवाल मन में उठ रहे थे, एक्सपर्ट ने सभी तरह की जिज्ञासाओं का जवाब दिया है। - जिकरा खान
- 12वीं के बाद हर छात्र को करियर को लेकर चुनौती होती है। फैसला लेना कठिन होता है। सही फैसला ही कैरियर के लिए बेहतर साबित होता है। कार्यक्रम से काफी कुछ सीखने को मिला है। - श्रुति सिंह
- करियर को लेकर काउंसलिंग जरूरी है। भविष्य ज्योति कार्यक्रम ने अधिकतर छात्र एवं छात्राओं को अपना फील्ड चुनने का रास्ता दिखाया है। इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए। - सैयद हुजैफा