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अयोध्या वापसी पर श्रीराम के राजतिलक
Updated Sun, 04 Nov 2018 02:53 AM IST
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चंदौसी। बनियाठेर क्षेत्र के गांव बनियाखेड़ा में चल रही रामलीला शनिवार संपन्न हो गई। अंतिम दिन कलाकारों ने बड़े ही मार्मिक ढंग से राज तिलक का मंचन किया।
श्रीराम लीला मंचन के आखिरी दिन मेघनाद वध के बाद सुलोचना सती हो गई तो रावण ने अपने पुत्र अहिरावण को पातालपुरी से बुलाकर कहा दो तपस्वियों ने सूर्पनखा के नाक कान काट लिए हैं। मैने जब उनमें से एक की पत्नी का हरण किया तो उन्होंने हमारे पुत्र अक्षय कुमार, मेघनाद, भाई कुंभकरण का भी वध कर दिया और विभीषण उनसे जाकर मिल गया है। अब तुम जाओ और उन तपस्वी युवकों को अपनी माया से समाप्त कर दो। उसने राम लक्ष्मण का अपहरण कर लिया। इसके बाद राम रावण का युद्ध हुआ। विभीषण ने बताया कि रावण की नाभि में अमृत है। उसके बाद नाभि में वाण मारकर रावण का अंत कर दिया। लंका पर विजय के बाद विभीषण को राजगद्दी सौंपकर श्रीराम लक्ष्मण सीता अयोध्या लौटे। राजतिलक किया गया। अयोध्या में दीपावली मनाई गई। इस दौरान पूर्व प्रधान कर्मवीर सिंह यादव, मलक सिंह यादव, महेश पाल सिंह मौर्य, ताराचंद मौर्य, लोकेश प्रजापति, कमल सिंह प्रजापति, मूलचंद कश्यप, सोमपाल सिंह प्रजापति व अन्य ग्रामवासी उपस्थित थे।
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श्रीराम लीला मंचन के आखिरी दिन मेघनाद वध के बाद सुलोचना सती हो गई तो रावण ने अपने पुत्र अहिरावण को पातालपुरी से बुलाकर कहा दो तपस्वियों ने सूर्पनखा के नाक कान काट लिए हैं। मैने जब उनमें से एक की पत्नी का हरण किया तो उन्होंने हमारे पुत्र अक्षय कुमार, मेघनाद, भाई कुंभकरण का भी वध कर दिया और विभीषण उनसे जाकर मिल गया है। अब तुम जाओ और उन तपस्वी युवकों को अपनी माया से समाप्त कर दो। उसने राम लक्ष्मण का अपहरण कर लिया। इसके बाद राम रावण का युद्ध हुआ। विभीषण ने बताया कि रावण की नाभि में अमृत है। उसके बाद नाभि में वाण मारकर रावण का अंत कर दिया। लंका पर विजय के बाद विभीषण को राजगद्दी सौंपकर श्रीराम लक्ष्मण सीता अयोध्या लौटे। राजतिलक किया गया। अयोध्या में दीपावली मनाई गई। इस दौरान पूर्व प्रधान कर्मवीर सिंह यादव, मलक सिंह यादव, महेश पाल सिंह मौर्य, ताराचंद मौर्य, लोकेश प्रजापति, कमल सिंह प्रजापति, मूलचंद कश्यप, सोमपाल सिंह प्रजापति व अन्य ग्रामवासी उपस्थित थे।
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