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चिकित्सकों की कमी से स्वास्थ सेवाएं ठप होने की कगार पर
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:20 AM IST
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टांडा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टांडा में चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने की कगार पर है। पालिका अध्यक्ष ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को चिकित्सालय में चिकित्सकों की भारी कमी से अवगत कराते हुए चिकित्सकों की मांग की गई।
नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने की कगार पर है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी होने से नगर वासी अपंजीकृत चिकित्सकों से इलाज कराने को मजबूर हैं। चिकित्सालय में चिकित्सकों की भारी कमी से लोगों को परेशानी हो रही है। नगर के लोगों ने पालिका अध्यक्ष को इस समस्या से अवगत कराया। जिसके बाद पालिका अध्यक्ष महनाज जहां ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी रामपुर को पत्र भेजकर नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 8 से 10 चिकित्सक तैनात थे। इसमें से कुछ चिकित्सकों को रामपुर चिकित्सालय से संबद्ध कर दिया गया। अब वर्तमान में मात्र 2-3 चिकित्सक ही रह गए हैं। जिससे चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। सीएचसी स्थित ओपीडी पर प्रत्येक दिन 700- 800 मरीज आते हैं। चिकित्सकों की कमी से मरीजों के परिजनों में आए दिन हंगामा होता रहता है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है। क्योंकि यहां कोई भी महिला चिकित्सक तैनात नहीं है। ऐसे में महिलाओं को मुरादाबाद या काशीपुर ले जाना पड़ता है। जिससे अनहोनी की आशंका बनी रहती है। पालिकाध्यक्ष ने अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती की मांग की है।
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नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने की कगार पर है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी होने से नगर वासी अपंजीकृत चिकित्सकों से इलाज कराने को मजबूर हैं। चिकित्सालय में चिकित्सकों की भारी कमी से लोगों को परेशानी हो रही है। नगर के लोगों ने पालिका अध्यक्ष को इस समस्या से अवगत कराया। जिसके बाद पालिका अध्यक्ष महनाज जहां ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी रामपुर को पत्र भेजकर नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 8 से 10 चिकित्सक तैनात थे। इसमें से कुछ चिकित्सकों को रामपुर चिकित्सालय से संबद्ध कर दिया गया। अब वर्तमान में मात्र 2-3 चिकित्सक ही रह गए हैं। जिससे चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। सीएचसी स्थित ओपीडी पर प्रत्येक दिन 700- 800 मरीज आते हैं। चिकित्सकों की कमी से मरीजों के परिजनों में आए दिन हंगामा होता रहता है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है। क्योंकि यहां कोई भी महिला चिकित्सक तैनात नहीं है। ऐसे में महिलाओं को मुरादाबाद या काशीपुर ले जाना पड़ता है। जिससे अनहोनी की आशंका बनी रहती है। पालिकाध्यक्ष ने अस्पताल में चिकित्सकों की तैनाती की मांग की है।
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