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चुनावी महासमर में भागीदारी करें या ईद पर घर आए
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मुरादाबाद। चुनाव लोकसभा हो या विधानसभा। मुस्लिम मतदाता राजनीति के धुरी के हमेशा करीब रहे हैं। उनको लुभाने के लिए प्रत्येक चुनाव में सभी पार्टियां जतन करती है। मगर इस लोकसभा चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं का एक तबका असमंजस की स्थिति में भी है। यह वह लोग है, जिनके परिवार के सदस्य खाड़ी देशों में रोजगार के लिए गए हुए हैं।
इस लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद संसदीय सीट पर 47.12 फीसदी मुस्लिम मतदाता है। यहां तीसरे चरण में 23 अप्रैल को मतदान होने हैं। जबकि डेढ़ महीने बाद यानी 5 जून को ईद-उल-फितर का त्योहार है। खाड़ी देशों में जाकर नौकरी करने वाले युवकों के परिवारों में असमंजस की स्थिति है कि मतदान के महापर्व लिए घर आए या त्योहार पर। क्योंकि सउदी अरब समेत खाड़ी देशों से डेढ़ महीने में दो बार आना संभव नहीं है।
फोन पर होती है चुनावी चर्चायें
खाड़ी देशों में रहने वाले युवकों की परिवार के साथ बातचीत में चुनावी चर्चा खूब होती है। रोजगार भले ही देश से बाहर हो, लेकिन सत्ता का सिरमौर कौन होगा, यह कोतुहल उन्हें भी कम नहीं है। भोजपुर के अहमदपुर-आनंदपुर गांव में कुछ युवक मतदान दिवस से पहले घर वापस भी आ चुके हैं।
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समर्थक लुभा रहे कि बेटों को बुलाओ, वोट दिलाओ
शहर में असालतपुरा, नवाबपुरा, लालबाग, करूला, चक्की की मिलक, नागफनी और किसरौल के एरिया मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र हैं। यहां सैकड़ों परिवारों के युवक खाड़ी देशों में नौकरी करने जाते हैं। उनका वोट मुरादाबाद संसदीय सीट पर बना हुआ है। भोजपुर, पाकबड़ा समेत मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में पार्टियों के समर्थक लोगों को लुभा रहे हैं कि मतदान दिवस पर बाहर रहने वालों को बुलाकर वोट दिलवाओ।
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इस लोकसभा चुनाव में मुरादाबाद संसदीय सीट पर 47.12 फीसदी मुस्लिम मतदाता है। यहां तीसरे चरण में 23 अप्रैल को मतदान होने हैं। जबकि डेढ़ महीने बाद यानी 5 जून को ईद-उल-फितर का त्योहार है। खाड़ी देशों में जाकर नौकरी करने वाले युवकों के परिवारों में असमंजस की स्थिति है कि मतदान के महापर्व लिए घर आए या त्योहार पर। क्योंकि सउदी अरब समेत खाड़ी देशों से डेढ़ महीने में दो बार आना संभव नहीं है।
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फोन पर होती है चुनावी चर्चायें
खाड़ी देशों में रहने वाले युवकों की परिवार के साथ बातचीत में चुनावी चर्चा खूब होती है। रोजगार भले ही देश से बाहर हो, लेकिन सत्ता का सिरमौर कौन होगा, यह कोतुहल उन्हें भी कम नहीं है। भोजपुर के अहमदपुर-आनंदपुर गांव में कुछ युवक मतदान दिवस से पहले घर वापस भी आ चुके हैं।
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समर्थक लुभा रहे कि बेटों को बुलाओ, वोट दिलाओ
शहर में असालतपुरा, नवाबपुरा, लालबाग, करूला, चक्की की मिलक, नागफनी और किसरौल के एरिया मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र हैं। यहां सैकड़ों परिवारों के युवक खाड़ी देशों में नौकरी करने जाते हैं। उनका वोट मुरादाबाद संसदीय सीट पर बना हुआ है। भोजपुर, पाकबड़ा समेत मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में पार्टियों के समर्थक लोगों को लुभा रहे हैं कि मतदान दिवस पर बाहर रहने वालों को बुलाकर वोट दिलवाओ।