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दुर्गाष्टमी की धूम, महागौरी की विशेष पूजा अर्चना
Updated Fri, 29 Sep 2017 01:35 AM IST
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दुर्गाष्टमी की धूम, महागौरी की विशेष पूजा अर्चना
चंदौसी।
शारदीय नवरात्र के आठवें दिन मां भगवती के आठवें स्वरूप मां महागौरी की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। दुर्गाष्टमी पर देवी भक्तों ने कन्याओं को जिमाया। विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। देर शाम महाआरती के बाद देवी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण अपने व्रत का परायण किया।
मां भगवती के आठवें स्वरूप महागौरी का रूप गौर वर्ण है। इनकी उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से दी गई है। अष्टवर्षा भवेद गौरी यानी इनकी आयु आठ साल की मानी गई है। इनके सभी आभूषण और वस्त्र सफेद हैं। मान्यता है कि पति रूप में शिव को प्राप्त करने के लिए महागौरी ने कठोर तपस्या की थी। इसी वजह से इनका शरीर काला पड़ गया। तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने इनके शरीर को गंगा के पवित्र जल से धोकर कांतिमय बना दिया। उनका रूप गौर वर्ण का हो गया। गुरुवार को मां महागौरी का भक्तों ने विधि विधान से पूजन अर्चन किया। देर शाम महाआरती के बाद भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर व्रत परायण किया।
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चंदौसी।
शारदीय नवरात्र के आठवें दिन मां भगवती के आठवें स्वरूप मां महागौरी की विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। दुर्गाष्टमी पर देवी भक्तों ने कन्याओं को जिमाया। विधि विधान से पूजा अर्चना की गई। देर शाम महाआरती के बाद देवी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण अपने व्रत का परायण किया।
मां भगवती के आठवें स्वरूप महागौरी का रूप गौर वर्ण है। इनकी उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से दी गई है। अष्टवर्षा भवेद गौरी यानी इनकी आयु आठ साल की मानी गई है। इनके सभी आभूषण और वस्त्र सफेद हैं। मान्यता है कि पति रूप में शिव को प्राप्त करने के लिए महागौरी ने कठोर तपस्या की थी। इसी वजह से इनका शरीर काला पड़ गया। तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने इनके शरीर को गंगा के पवित्र जल से धोकर कांतिमय बना दिया। उनका रूप गौर वर्ण का हो गया। गुरुवार को मां महागौरी का भक्तों ने विधि विधान से पूजन अर्चन किया। देर शाम महाआरती के बाद भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर व्रत परायण किया।
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