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बिजली की अघोषित कटौती से मची त्राहि-त्राहि, बिलबिलाए शहरी व ग्रामीण
Updated Tue, 06 Jun 2017 02:04 AM IST
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गर्मी में बढ़ा पारा, बिजली कटौती ने रुलाया
फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे किसान, सरकार का शेड्यूल भी बिगड़ा
शहर को 13-14 व ग्रामीणों को चार-पांच घंटे ही मिल रही बिजली की सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
भीषण गर्मी का सितम बढ़ते ही बिजली विभाग बेचैन हो गया है। प्रत्येक बिजलीघर ओवरलोड से जूझ रहा है। ट्रांसफार्मर फुंकने लगे हैं। बार-बार ट्रिपिंग तो अघोषित कटौती की वजह से ग्रामीणों का हाल बेहाल है। निर्धारित शेड्यूल धड़ाम हो गया है। बिना बिजली किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। बावजूद इसके विभागीय अफसर आपूर्ति के संकट को खत्म करने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
दिन पर दिन गर्मी बढ़ती जा रही है। गर्म हवा के थपेड़े लोगों को झुलसाने लगे हैं। लगातार स्थिति बिगड़ती जा रही है। गर्मी से राहत का एक मात्र सहारा बिजली है, लेकिन वह भी गड़बड़ा गई है। शासन द्वारा शहरी इलाके में आपूर्ति किए जाने का 24 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र में सप्लाई का 18 घंटे का शेड्यूल धड़ाम हो गया है। हर तरफ अघोषित कटौती को लेकर त्राहि-त्राहि मची है। गांवों को मुश्किल से चार-पांच घंटे ही सप्लाई मिल पा रही है, जबकि शहरवासियों को 13-14 घंटे। कभी फाल्ट में बिजली गुल हो रही है तो कभी ट्रिपिंग के बहाने काटी जा रही है। यही सिलसिला काफी दिनों से चल रहा है।
अधिकारियों की मानें तो ओवरलोड की वजह से कटौती हो रही है। ट्रांसफार्मर बार-बार ट्रिप कर रहे हैं, जिसकी वजह से स्थिति और भयानक हो रही है। एक ओर जहां रोजेदार परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर किसान भी अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक लोग बिजली संचालित यंत्रों का जमकर प्रयोग कर रहे हैं। जो लोड पहले सामान्य था, वह अब तेजी से बढ़ गया है। टीएफ चालू रखेंगे तो वह फुंक जाएंगे। निजात तभी मिलेगी जब लोग कम यंत्र चलाएं।
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बयान.....
इस कदर ओवरलोडिंग है कि फीडर चालू करते ही ट्रिप कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में सप्लाई लगातार जारी रखना मुश्किल हो रहा है। एक-एक फीडर शुरू कर व्यवस्था को बनाया जा रहा है। बिजलीघरों पर भार अधिक होने की वजह से ही ये समस्या पैदा हो रही है।
- शमीम इकबाल नकवी, जेई ट्रांसमीशन।
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फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे किसान, सरकार का शेड्यूल भी बिगड़ा
शहर को 13-14 व ग्रामीणों को चार-पांच घंटे ही मिल रही बिजली की सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
भीषण गर्मी का सितम बढ़ते ही बिजली विभाग बेचैन हो गया है। प्रत्येक बिजलीघर ओवरलोड से जूझ रहा है। ट्रांसफार्मर फुंकने लगे हैं। बार-बार ट्रिपिंग तो अघोषित कटौती की वजह से ग्रामीणों का हाल बेहाल है। निर्धारित शेड्यूल धड़ाम हो गया है। बिना बिजली किसान अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। बावजूद इसके विभागीय अफसर आपूर्ति के संकट को खत्म करने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।
दिन पर दिन गर्मी बढ़ती जा रही है। गर्म हवा के थपेड़े लोगों को झुलसाने लगे हैं। लगातार स्थिति बिगड़ती जा रही है। गर्मी से राहत का एक मात्र सहारा बिजली है, लेकिन वह भी गड़बड़ा गई है। शासन द्वारा शहरी इलाके में आपूर्ति किए जाने का 24 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र में सप्लाई का 18 घंटे का शेड्यूल धड़ाम हो गया है। हर तरफ अघोषित कटौती को लेकर त्राहि-त्राहि मची है। गांवों को मुश्किल से चार-पांच घंटे ही सप्लाई मिल पा रही है, जबकि शहरवासियों को 13-14 घंटे। कभी फाल्ट में बिजली गुल हो रही है तो कभी ट्रिपिंग के बहाने काटी जा रही है। यही सिलसिला काफी दिनों से चल रहा है।
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अधिकारियों की मानें तो ओवरलोड की वजह से कटौती हो रही है। ट्रांसफार्मर बार-बार ट्रिप कर रहे हैं, जिसकी वजह से स्थिति और भयानक हो रही है। एक ओर जहां रोजेदार परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर किसान भी अपनी फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक लोग बिजली संचालित यंत्रों का जमकर प्रयोग कर रहे हैं। जो लोड पहले सामान्य था, वह अब तेजी से बढ़ गया है। टीएफ चालू रखेंगे तो वह फुंक जाएंगे। निजात तभी मिलेगी जब लोग कम यंत्र चलाएं।
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बयान.....
इस कदर ओवरलोडिंग है कि फीडर चालू करते ही ट्रिप कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में सप्लाई लगातार जारी रखना मुश्किल हो रहा है। एक-एक फीडर शुरू कर व्यवस्था को बनाया जा रहा है। बिजलीघरों पर भार अधिक होने की वजह से ही ये समस्या पैदा हो रही है।
- शमीम इकबाल नकवी, जेई ट्रांसमीशन।