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खाएं दाल, रहे स्वस्थ्य
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मुरादाबाद।
यदि आप शारीरिक कमजोरी के शिकार हैं तो आपको भोजन के प्रति ध्यान देने की जरूरत है। पौष्टिक भोजन के रूप में दालों के नियमित इस्तेमाल से आप हमेशा स्वस्थ रह सकते हैं। दालों से भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है। सेहत की दृष्टि से दालों की उपयोगिता को देखते ही भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान देश में पहला विश्व दाल दिवस मना रहा है। संस्थान ने दालों से बने उत्पादों को ब्रह्मावर्त ब्रांड के जरिए लांच किया है। ताकि दालों से बने उत्पाद उपभोक्ताओं के लिए फास्ट फूड का विकल्प बन सकें।
भागदौड़ की जीवन शैली में अधिकतर लोग फास्ट फूड पर निर्भर हैं। फास्ट फूड से तमाम बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। शरीर में प्रोटीन की कमी होने से बच्चों और महिलाओं को सर्वाधिक दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। जिला अस्पताल के डा. राजेंद्र कुमार बताते हैं, अनियमित दिनचर्या में दालें थाली से दूर हो रही हैं। हर आदमी फास्ट फूड और रेडिमेड खाने की तरह जा रहा है। इससे प्रोटीन की कमी हो रही है। उच्च मध्यम वर्गीय लोग दूसरे विकल्पों से प्रोटीन की कमी पूरी कर लेते हैं। लेकिन मध्यम वर्गीय लोग प्रोटीन की कमी से बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं। बच्चों और महिलाओं में प्रोटीन की सबसे अधिक कमी पाई जा रही है। डा. ज्योत्सना पंत बताती हैं दाल पौष्टिक आहार हैं। भोजन में रोजाना दालों का उपभोग करने से प्रोटीन की कमी नहीं हो सकती है। खासकर, बच्चों के लिए चने, गेहूं, जौ के मिक्स लड्डू बनाकर खिलाने से प्रोटीन की कमी दूर हो सकती है।
बाजार में उतारे गए दालों के उत्पाद
भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान ने दालों से निर्मित बिस्किट,खस्ता जैसे उत्पाद भी शामिल किए गए हैं। दालों में हाई प्रोटीन की दूष्टि से संयुक्त राष्ट्र ने भी 10 फरवरी को विश्व दाल दिवस घोषित किया है। इसे भारत में रविवार को पहली बार मनाया गया।
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दालों की कीमत एक नजर में
- अरहर 65 से 80 रुपये किलो
- उड़द 57 से 70 रुपये किलो
- चना 52 से 60 रुपये किलो
- मसूर 54 से 60 रुपये किलो
- मूंग 60 से 70 रुपये किलो
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यदि आप शारीरिक कमजोरी के शिकार हैं तो आपको भोजन के प्रति ध्यान देने की जरूरत है। पौष्टिक भोजन के रूप में दालों के नियमित इस्तेमाल से आप हमेशा स्वस्थ रह सकते हैं। दालों से भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है। सेहत की दृष्टि से दालों की उपयोगिता को देखते ही भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान देश में पहला विश्व दाल दिवस मना रहा है। संस्थान ने दालों से बने उत्पादों को ब्रह्मावर्त ब्रांड के जरिए लांच किया है। ताकि दालों से बने उत्पाद उपभोक्ताओं के लिए फास्ट फूड का विकल्प बन सकें।
भागदौड़ की जीवन शैली में अधिकतर लोग फास्ट फूड पर निर्भर हैं। फास्ट फूड से तमाम बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। शरीर में प्रोटीन की कमी होने से बच्चों और महिलाओं को सर्वाधिक दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। जिला अस्पताल के डा. राजेंद्र कुमार बताते हैं, अनियमित दिनचर्या में दालें थाली से दूर हो रही हैं। हर आदमी फास्ट फूड और रेडिमेड खाने की तरह जा रहा है। इससे प्रोटीन की कमी हो रही है। उच्च मध्यम वर्गीय लोग दूसरे विकल्पों से प्रोटीन की कमी पूरी कर लेते हैं। लेकिन मध्यम वर्गीय लोग प्रोटीन की कमी से बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं। बच्चों और महिलाओं में प्रोटीन की सबसे अधिक कमी पाई जा रही है। डा. ज्योत्सना पंत बताती हैं दाल पौष्टिक आहार हैं। भोजन में रोजाना दालों का उपभोग करने से प्रोटीन की कमी नहीं हो सकती है। खासकर, बच्चों के लिए चने, गेहूं, जौ के मिक्स लड्डू बनाकर खिलाने से प्रोटीन की कमी दूर हो सकती है।
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बाजार में उतारे गए दालों के उत्पाद
भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान ने दालों से निर्मित बिस्किट,खस्ता जैसे उत्पाद भी शामिल किए गए हैं। दालों में हाई प्रोटीन की दूष्टि से संयुक्त राष्ट्र ने भी 10 फरवरी को विश्व दाल दिवस घोषित किया है। इसे भारत में रविवार को पहली बार मनाया गया।
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दालों की कीमत एक नजर में
- अरहर 65 से 80 रुपये किलो
- उड़द 57 से 70 रुपये किलो
- चना 52 से 60 रुपये किलो
- मसूर 54 से 60 रुपये किलो
- मूंग 60 से 70 रुपये किलो