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Moradabad News: जिले के 132 ईंट भट्ठे अवैध, बंद होने का खतरा मंडराया

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 30 Dec 2025 02:16 AM IST
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132 brick kilns in the district are illegal, facing the threat of closure.
मुरादाबाद। जनपद के करीब 132 ईंट भट्ठों पर बंद होने का खतरा मंडराने लगा है। क्षेत्रीय अधिकारी उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति आगामी ईंट भट्ठा सत्र 2025-26 में संचालित नहीं होने देंगे। इसके लिए जनवरी माह के पहले सप्ताह में अभियान चलाकर वैध ईंट भट्ठों का सत्यापन किया जाएगा।
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मुरादाबाद जनपद में 328 ईंट भट्ठा हैं। इसमें से 150 ईंट भट्ठा ही ऐसे हैं, जिनके पास उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से भट्ठा संचालन की अनुमति है और वह वैध हैं। साथ ही 63 ऐसे भट्ठा हैं, जिनके पास पहले एनओसी थी, लेकिन अब उसकी निर्धारित तारीख निकल चुकी है और नवीनीकरण नहीं हुआ है।
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क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उप्र डीके गुप्ता का कहना है कि कई ऐसे ईंट भट्ठा संचालक हैं, जिनकी अनुमति की समय सीमा 31 जुलाई तक ही थी। इसके बाद उन्हें पुनः अनुमति लेनी होती है। उन्होंने कहा कि भट्ठा संचालन एक नवंबर से शुरू होता है और अगले वर्ष 30 जून तक भट्ठा संचालित किए जाते हैं। इसके अलावा 69 ऐसे डिफाल्टर ईंट भट्ठा हैं, जिन्होंने स्थापना के बाद से अब तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से भट्ठा संचालन की एनओसी ली ही नहीं है।
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सबसे ज्यादा डिफाल्टर भट्ठे बिलारी में
मुरादाबाद के 69 डिफाल्टर भट्ठों में सबसे ज्यादा बिलारी के हैं। यहां पर 42 ईंट भट्ठे हैं। इसके अलावा कांठ के दस भट्ठे, सदर में दस और ठाकुरद्वारा में सात ईंट भट्ठे हैं।

एनजीटी के भट्ठा ध्वस्त करने के आदेश
अधिकारियों का कहना है कि यदि प्रदूषण विभाग से बिना एनओसी प्राप्त किए एवं खनन विभाग का विनियमन शुल्क जमा किए बिना ही ईंट भट्ठा का संचालन होता पाया जाता है तो राष्ट्रीय हरित अधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार ईंट भट्ठा का ध्वस्तीकरण एवं सामान जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। इसलिए जो भी भट्ठा संचालक एनओसी नवीनीकरण के लिए आ रहे हैं, उन सभी को एनओसी दी जा रही है।


80 ईंट भट्ठा संचालकों को नहीं मिल पा रही एनओसी
डिस्ट्रिक्ट भट्ठा एसोसिएशन मुरादाबाद के संरक्षक अनिल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था कि अवैध ईंट भट्ठे बंद किए जाएं। करीब 80 ऐसे ईंट भट्ठे हैं जिनके पास एनओसी नहीं है लेकिन वह सभी एनओसी लेना चाह रहे हैं। वह चाहते हैं कि या तो उन्हें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी मिल जाए या कोई हल निकाला जाए जिससे वह अपना कारोबार कर सकें। अभी ऐसी कोई आदेश जारी नहीं हुआ है कि उनकी एनओसी बन सके। क्योंकि एनजीटी के मानक सख्त हो गए हैं।

वर्जन...
एनजीटी के आदेश पर सत्यापन अभियान चलाया जाएगा, ताकि कोई भट्ठा अवैध रूप से चलने न पाए। जिन ईंट भट्ठा स्वामियों के आवेदन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में लंबित हैं, ऐसे ईंट भट्ठा स्वामी एनओसी प्राप्त करने के बाद ही ईंट भट्ठा पथाई व ईंट भट्ठे के संचालन का कार्य करें।
डीके गुप्ता, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उप्र
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