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अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के 1158 छात्रों को नहीं मिलेगी छात्रवृत्ति
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मुरादाबाद। जिले में अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग के 1158 छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिलेगी। आवेदन के समय की गई त्रुटियों के चलते डाटा गलत मिला है। इन आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। विभाग ने अन्य सभी छात्रों का डाटा सत्यापित कर सर्वर पर लॉक कर दिया है।
शैक्षिक सत्र 2019-20 के लिए जनपद में सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति वर्ग के 41 हजार 644 छात्रों ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया था। कक्षा-11 व 12 के छात्रों को छात्रवृत्ति, स्नातक, परास्नातक, अन्य डिग्री और डिप्लोमा वाले छात्रों को शासन की ओर से शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाती है। इनमें से करीब 21 हजार छात्रों को अब तक छात्रवृत्ति मिल चुकी है। जनवरी 2020 में छात्रवृत्ति जारी करते हुए शासन को सर्वर पर कुछ डाटा संदिग्ध दिखाई दिया। त्रुटियों के चलते शासन ने मुरादाबाद जनपद में नौ हजार 466 छात्रों का डाटा संदिग्ध श्रेणी में डालकर समाज कल्याण विभाग को वापस कर दिया तथा उसे सत्यापित कराने के निर्देश दिए। समाज कल्याण विभाग ने सभी शैक्षिक संस्थानों से छात्रों द्वारा आवेदन किया गया डाटा लेकर सूची को सत्यापित किया। इनमें से एक हजार 158 छात्र ऐसे मिले हैं, जिन्होंने आवेदन के समय त्रुटियां की थी। जिन्हें सही नहीं किया जा सकता था। विभाग ने शासन के निर्देश पर इस डाटा को अस्वीकार्य कर दिया है। इन छात्रों ने अधिकांश: बैंक खाता संख्या, नामांकन संख्या और अन्य कई त्रुटियां की थी। शेष डाटा को विभाग ने शासन के सर्वर पर लॉक कर दिया है।
कुल आवेदन - 41,644
संदिग्ध आवेदन - 9,466
निरस्त आवेदन - 1,158
छात्र बैंक खाते में करते रहे लेनदेन
अधिकांश छात्र छात्रवृत्ति अथवा शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ही बैंक खाता खुलवाते हैं और उसमें लेनदेन नहीं करते हैं। कई बार निष्क्रिय बैंक खातों में छात्रवृत्ति पीएफएमएस के माध्यम से ट्रांसफर नहीं हो पाती है। इस कारण छात्र अपने बैंक खातों को चालू रखे तथा उसमें लेनदेन करते रहें। ताकि छात्रवृत्ति जारी होने पर उन्हें तुरंत मिल जाए।
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- संदिग्ध छात्रों की सूची को सत्यापित करा दिया गया है। कुछ छात्रों ने आवेदन के समय त्रुटियां की थी, जो सही नहीं हो सकती थी। उन्हें निरस्त कर दिया गया था। सभी छात्र अपने बैंक खातों को सक्रिय रखें, ताकि जिनके आवेदन सत्यापित हो चुके हैं, उन्हें छात्रवृत्ति मिल सके।
- सुनील कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
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शैक्षिक सत्र 2019-20 के लिए जनपद में सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति वर्ग के 41 हजार 644 छात्रों ने छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया था। कक्षा-11 व 12 के छात्रों को छात्रवृत्ति, स्नातक, परास्नातक, अन्य डिग्री और डिप्लोमा वाले छात्रों को शासन की ओर से शुल्क प्रतिपूर्ति दी जाती है। इनमें से करीब 21 हजार छात्रों को अब तक छात्रवृत्ति मिल चुकी है। जनवरी 2020 में छात्रवृत्ति जारी करते हुए शासन को सर्वर पर कुछ डाटा संदिग्ध दिखाई दिया। त्रुटियों के चलते शासन ने मुरादाबाद जनपद में नौ हजार 466 छात्रों का डाटा संदिग्ध श्रेणी में डालकर समाज कल्याण विभाग को वापस कर दिया तथा उसे सत्यापित कराने के निर्देश दिए। समाज कल्याण विभाग ने सभी शैक्षिक संस्थानों से छात्रों द्वारा आवेदन किया गया डाटा लेकर सूची को सत्यापित किया। इनमें से एक हजार 158 छात्र ऐसे मिले हैं, जिन्होंने आवेदन के समय त्रुटियां की थी। जिन्हें सही नहीं किया जा सकता था। विभाग ने शासन के निर्देश पर इस डाटा को अस्वीकार्य कर दिया है। इन छात्रों ने अधिकांश: बैंक खाता संख्या, नामांकन संख्या और अन्य कई त्रुटियां की थी। शेष डाटा को विभाग ने शासन के सर्वर पर लॉक कर दिया है।
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कुल आवेदन - 41,644
संदिग्ध आवेदन - 9,466
निरस्त आवेदन - 1,158
छात्र बैंक खाते में करते रहे लेनदेन
अधिकांश छात्र छात्रवृत्ति अथवा शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ही बैंक खाता खुलवाते हैं और उसमें लेनदेन नहीं करते हैं। कई बार निष्क्रिय बैंक खातों में छात्रवृत्ति पीएफएमएस के माध्यम से ट्रांसफर नहीं हो पाती है। इस कारण छात्र अपने बैंक खातों को चालू रखे तथा उसमें लेनदेन करते रहें। ताकि छात्रवृत्ति जारी होने पर उन्हें तुरंत मिल जाए।
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- संदिग्ध छात्रों की सूची को सत्यापित करा दिया गया है। कुछ छात्रों ने आवेदन के समय त्रुटियां की थी, जो सही नहीं हो सकती थी। उन्हें निरस्त कर दिया गया था। सभी छात्र अपने बैंक खातों को सक्रिय रखें, ताकि जिनके आवेदन सत्यापित हो चुके हैं, उन्हें छात्रवृत्ति मिल सके।
- सुनील कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी।