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'मोदी, राहुल और नीतीश पीएम के लायक नहीं'

Sun, 04 Aug 2013 01:09 AM IST
वाराणसी/ब्यूरो
वाराणसी/ब्यूरो Updated Sun, 04 Aug 2013 01:09 AM IST
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modi rahul and nitish are not eligible candidates for pm

लोकतंत्र बचाओ मोर्चा के संरक्षक और चिंतक केएन गोविंदाचार्य ने कहा कि नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के लायक नहीं हैं। उन्हें पहले अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ केंद्रीय मंत्री के तौर पर काम कर अनुभव लेना चाहिए।

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गोविंदाचार्य ने कहा कि सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे में नेताओं को भी लाया जाना चाहिए। नेताओं को इसके दायरे में लाने और व्यवस्था परिवर्तन के लिए छह अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दिया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश में वाराणसी के महमूरगंज में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोविंदाचार्य ने कहा कि मोदी, राहुल और नीतीश के पास देशी सोच नहीं है। वे अमेरिका और ब्राजील की नकल कर रहे हैं जो भारत के लिए नुकसानदेह है।
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तीनों विदेशी पूंजी पर आधारित विकास का रास्ता अपनाना चाहते हैं। उनके विकास के पैमाने अधूरे और गलत हैं।

उन्होंने कहा कि तीनों की प्राथमिकताओं में कुपोषण नहीं है। इन नेताओं के पास जमीन, जल, जंगल और जानवरों को बचाने के लिए कोई सुनियोजित प्लान नहीं है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मोदी ने गुजरात के बजट में पांच सौ करोड़ का सरप्लस दिखाया है लेकिन यह नहीं बताया कि राज्य के पास केंद्र का कर्जा कितना है?

गुजरात में महिलाओं के कुपोषण की समस्या है लेकिन इसकी चिंता मोदी को नहीं है। कहा कि नीतीश भी पटना को पेरिस बनाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल 1960 तक आजादी का महत्व समझते थे। 1965 से 1980 तक कई दलों का उदय हुआ और सत्ता पाने की होड़ मची रही।

1985 से 1995 तक बाहुबल और 1995 से 2010 तक राजनीति में धनबल का प्रभाव हो गया। यही कारण है कि अन्ना, बाबा रामदेव और अरविंद केजरीवाल जैसे लोगों को व्यवस्था परिवर्तन के लिए आवाज उठानी पड़ी।


उन्होंने देश के दो बड़े राजनीति दलों को गिरोह की संज्ञा देते हुए कहा कि लोगों को व्यवस्था परिवर्तन के लिए आगे आना चाहिए। कहा कि सजायाफ्ता लोगों को प्रत्याशी न बनाया जाए।

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