फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   mla and minister in run for 0001 vehicle number in uttar pradesh

एक 'नंबर' के लिए भिड़ गए मंत्री और विधायक

Sat, 01 Jun 2013 01:44 PM IST
मुजफ्फरनगर/ब्यूरो
मुजफ्फरनगर/ब्यूरो Updated Sat, 01 Jun 2013 01:44 PM IST
विज्ञापन
mla and minister in run for 0001 vehicle number in uttar pradesh

परिवहन विभाग के अधिकारी आजकल 0001 नंबर को लेकर काफी तनाव में हैं। इस नंबर को लेने के लिए नेताओं की जंग लखनऊ तक पहुंच गई है।

विज्ञापन


परिवहन मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक इस नंबर को लेकर सिफारिश कर चुके हैं।

परिवहन विभाग की सीरीज में 0001 नंबर आने वाला है। इस नंबर को लेकर नेताओं ने अपनी प्रतिष्ठा जोड़ ली है। विधायक पंकज मलिक, शामली के जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान, चरण सिंह टिकैत, संजीव वशिष्ठ ने लखनऊ तक इस नंबर के लिए डेरा डाल दिया है।

एआरटीओ प्रशासन इस नंबर को लेकर सबसे ज्यादा परेशान है। एआरटीओ प्रशासन जयशंकर तिवारी ने बताया कि विधायक पंकज मलिक को यह नंबर देने के लिए परिवहन मंत्री दुर्गाप्रसाद यादव उन्हें दो बार फोन कर चुके हैं।
विज्ञापन


संजीवनी ट्रैवल्स के संजीव वशिष्ठ को यह नंबर देने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से पत्र आ चुका है।

प्रदेश के राज्य मंत्री वीरेंद्र सिंह ने अपने बेटे जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान को यह नंबर देने के लिए दबाव बनाया है।

भाकियू नेता राकेश टिकैत यह नंबर अपने बेटे चरण सिंह टिकैत को दिलाना चाहते हैं।

एआरटीओ का कहना है कि वह चारों से व्यक्तिगत प्रार्थना कर मामले का समाधान निकालने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन कोई भी मानने को तैयार नहीं है।

यदि उत्तरांचल और पंजाब की तरह इस नंबर की बोली लगनी शुरू हो जाए तो सरकार का राजस्व बढ़ जाएगा और हमारा तनाव समाप्त हो जाएगा। हमने शासन को इस तरह का प्रस्ताव भेजा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed