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Mirzapur News: अमृत सरोवर तालाब की खोदाई का विरोध, श्रमिकों ने किया प्रदर्शन
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जिगना। विकासखंड छानबे क्षेत्र में ग्राम पंचायत बिहसडाखुर्द के राजस्व ग्राम यादवपुर स्थित कंगला शिव मंदिर के पास तालाब निर्माण को लेकर ग्रामीणों में रोष है। भूमि संरक्षण विभाग की ओर से जेसीबी मशीन से अमृत सरोवर तालाब को तैयार करवाया जा रहा है। रविवार को काफी संख्या में श्रमिकों और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने काम बंद करवाकर जिलाधिकारी से मामले की जांच कराए जाने की मांग की।
ग्रामीणों और श्रमिकों का कहना है कि ठंड के दिनों में जहां श्रमिकों को कार्य नहीं मिल रहा है वहीं भूमि संरक्षण विभाग द्वारा मजदूरों से कार्य न करवाकर जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर से अमृत सरोवर तालाब का कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग द्वारा तालाब के पूरे क्षेत्रफल को भी नहीं लिया जा रहा है। ग्रामीणाें ने विरोध करते हुए मशीन की जगह मजदूरों से कार्य कराए जाने तथा तालाब की पैमाइस कराकर पूरे क्षेत्रफल में तालाब निर्माण कराए जाने की मांग की है।
प्रदर्शन करने वालों में हृदयनारायण, अनिल कुमार, पारसनाथ, राजेंद्र प्रसाद, दुर्गावती, गुड़िया, मीना, उर्मिला, रिंकी सहित आदि ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कर मशीन की जगह श्रमिकों से तालाब निर्माण कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में भूमि संरक्षण अधिकारी कमलजीत सिंह ने कहा कि यह कार्य मनरेगा से नहीं हो रहा है। 8.50 लाख रुपये से अमृत सरोवर का निर्माण कराया जाएगा। तालाब खोदाई में श्रमिक की जगह जेसीबी से कार्य कराए जाने की अनुमति है। यदि श्रमिकों से कार्य कराया जाएगा तो उसका अधिक खर्च आएगा।
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ग्रामीणों और श्रमिकों का कहना है कि ठंड के दिनों में जहां श्रमिकों को कार्य नहीं मिल रहा है वहीं भूमि संरक्षण विभाग द्वारा मजदूरों से कार्य न करवाकर जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर से अमृत सरोवर तालाब का कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग द्वारा तालाब के पूरे क्षेत्रफल को भी नहीं लिया जा रहा है। ग्रामीणाें ने विरोध करते हुए मशीन की जगह मजदूरों से कार्य कराए जाने तथा तालाब की पैमाइस कराकर पूरे क्षेत्रफल में तालाब निर्माण कराए जाने की मांग की है।
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प्रदर्शन करने वालों में हृदयनारायण, अनिल कुमार, पारसनाथ, राजेंद्र प्रसाद, दुर्गावती, गुड़िया, मीना, उर्मिला, रिंकी सहित आदि ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कर मशीन की जगह श्रमिकों से तालाब निर्माण कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में भूमि संरक्षण अधिकारी कमलजीत सिंह ने कहा कि यह कार्य मनरेगा से नहीं हो रहा है। 8.50 लाख रुपये से अमृत सरोवर का निर्माण कराया जाएगा। तालाब खोदाई में श्रमिक की जगह जेसीबी से कार्य कराए जाने की अनुमति है। यदि श्रमिकों से कार्य कराया जाएगा तो उसका अधिक खर्च आएगा।
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