स्वतंत्रता सेनानियों को देंगे श्रद्धांजलि: मिर्जापुर निवासी विंग कमांडर पूरी करेंगे 1000 KM की साइकिल यात्रा
मिर्जापुर जिले के कुरकुठिया निवासी विंग कमांडर संतोष दुबे (46) इस समय प्रयागराज में 29वीं बटालियन में तैनात हैं। उन्होंने अपने एक सहयोगी के साथ 1000 किमी की साइकिल यात्रा शुरू की है।
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स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के लिए मिर्जापुर जिले के रहने वाले सेना के दो जांबाज जवानों ने 1000 किमी की दुर्गम साइकिल यात्रा की शुरुआत की है। यात्रा कश्मीर से शुरू की है। इसका समापन दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल में होगा। दोनों लोग शनिवार की शाम तक पंजाब के अंबाला पहुंच चुके थे।
मिर्जापुर जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र के कुरकुठिया निवासी विंग कमांडर संतोष दुबे (46) इस समय प्रयागराज में 29वीं बटालियन में तैनात हैं। उनके साथी आशीष कुमार श्रीवास्तव (50) नगर के रमईपट्टी के निवासी हैं, जो 2013 में वायुसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद 2016 से गुरुसंडी स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक में हेड कैशियर के पद पर कार्यरत हैं।
10 अगस्त को शुरू की यात्रा
दोनों लोगों ने 10 अगस्त को कारगिल वार मेमोरियल द्रास सेक्टर से साइकिल यात्रा शुरू की। इससे पहले मिर्जापुर से कार पर ही साइकिल लादकर ले गए थे। बीते 10 अगस्त को शुरू हुई यात्रा जोजिला के दुर्गम पहाड़ियों से होते हुए शाम को श्रीनगर पहुंची। अगले दिन 11 अगस्त को श्रीनगर से निकले।
इसके बाद रामबन होते शाम को उधमपुर पहुंचे। अगले दिन 12 अगस्त को उधमपुर से होते हुए जालंधर के लिए निकले। इसके बाद 13 अगस्त की शाम तक वे अंबाला पहुंच चुके थे। अब 15 अगस्त को नेशनल वार मेमोरियल दिल्ली पहुंचना है। इसमें साइकिलिंग विंग कमांडर संतोष दुबे कर रहे हैं।
उनके साथ कार से आशीष श्रीवास्तव पीछे चल रहे हैं, जो उनके भोजन से लेकर साइकिल की मरम्मत आदि में सहयोग कर रहे हैं। दोनों लोगों ने बातचीत के दौरान बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव के तहत स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के साथ ही सड़क सुरक्षा और यातायात जागरूकता के लिए 1000 किमी की यात्रा शुरू की है।