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Mirzapur News: नरायनपुर पंप कैनाल से मई के बजाय अप्रैल में ही छोड़ दिया पानी
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नरायनपुर। नरायनपुर पंप कैनाल रविवार को दोपहर 12 बजे अचानक चालू कर दिया गया। जबकि नहर में मई पशुओं के पीने के पानी छोड़ा जाता है। इस समय पानी का जरूरत नहीं है। गेहूं की फसल पक चुकी है और कटाई-मड़ाई चल रही है। ऐसे में नहर का संचालन होने से लोगों ने सवाल उठाया है।
किसानों ने बताया कि अभी नहर में खुदाई चल रही है। मशीनें लगी हुई हैं। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। वहीं जोगवा गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में 26 लाख का काम तालाब में लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराया जा रहा था। अंदर खाने में पैसे का भुगतान भी कर दिया गया है। जबकि मौके पर काम पूरा नहीं हुआ है। मामले को रफा दफा करने के लिए तालाब में पानी भरने की योजना थी। 6 अप्रैल को इसके विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया था। इस समय नहर में पानी का आना मतलब विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से ही काम की लीपापोती करने के उद्देश्य से नहर को खोला गया है। वहीं यदि किसान पानी की मांग करे तो तमाम प्रकार से हिला हवाली की जाती है। लेकिन इस समय क्या जरूरी पड़ गई की फसल हटने से पहले नहर में पानी छोड़ दिया गया है।
इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिशासी अभियंता राम सूर्य मणि का कहना है कि उन्हे मूसा खाड़ से सूचना मिला है। वे विवश हैं। इस बारे में उनके पास कोई लिखित सूचना नहीं है। वहीं जेई एमके मौर्य का कहना है कि पंप कैनाल का संचालन कुछ देर बाद बंद कर दिया गया है।
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किसानों ने बताया कि अभी नहर में खुदाई चल रही है। मशीनें लगी हुई हैं। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। वहीं जोगवा गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में 26 लाख का काम तालाब में लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराया जा रहा था। अंदर खाने में पैसे का भुगतान भी कर दिया गया है। जबकि मौके पर काम पूरा नहीं हुआ है। मामले को रफा दफा करने के लिए तालाब में पानी भरने की योजना थी। 6 अप्रैल को इसके विरोध में ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया था। इस समय नहर में पानी का आना मतलब विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से ही काम की लीपापोती करने के उद्देश्य से नहर को खोला गया है। वहीं यदि किसान पानी की मांग करे तो तमाम प्रकार से हिला हवाली की जाती है। लेकिन इस समय क्या जरूरी पड़ गई की फसल हटने से पहले नहर में पानी छोड़ दिया गया है।
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इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिशासी अभियंता राम सूर्य मणि का कहना है कि उन्हे मूसा खाड़ से सूचना मिला है। वे विवश हैं। इस बारे में उनके पास कोई लिखित सूचना नहीं है। वहीं जेई एमके मौर्य का कहना है कि पंप कैनाल का संचालन कुछ देर बाद बंद कर दिया गया है।
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