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विंध्याचल मंदिर का पहले की तरह होगा संचालन, विकास परिषद से व्यवस्था पर कोई असर नहीं: डॉ. नीलकंठ तिवारी
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विंध्याचल। विंध्य धाम विकास परिषद के गठन से क्षेत्र का विकास होगा। पर्यटन व यात्री सुविधाओं में विस्तार होगा। विंध्याचल मंदिर की व्यवस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। यह बातें पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने मंदिर में दर्शन पूजन करने व विंध्य कॉरिडोर के कार्य का निरीक्षण करने के बाद अष्टभुजा डाक बंगले पर पत्रकारों से कहीं।
कहा कि विंध्यधाम विकास परिषद बन जाने से क्षेत्र का विकास होगा। सरकार द्वारा ब्रज विकास परिषद का गठन किया गया था] जिसमें ब्रज क्षेत्र के आसपास यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रोड बिजली-सड़क-यात्री सुविधा केंद्र व पर्यटन का विकास हुआ। इसी तरह विंध्यधाम विकास परिषद का गठन किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में यहां दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए क्षेत्र का विकास कराया जाएगा। कॉरिडोर से समूचे विंध्यक्षेत्र का विकास होगा। निकट भविष्य में कॉरिडोर का शिलान्यास मुख्यमंत्री कर सकते हैं। मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि मां विंध्यवासिनी मंदिर परिक्रमा पथ के लिए आवश्यक संपूर्ण संपत्ति का क्रय कर लिया गया है। इसके लिए जनप्रतिनिधि व प्रशासन बधाई के पात्र हैं। पर्यटन विभाग द्वारा कार्य के लिए बजट भेजा गया था उसे स्वीकृति कर लिया गया है। इसके लिए जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा। जल्द ही शिलान्यास भी किया जाएगा। इससे पूर्व धर्मार्थ कार्य मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक भी की। इस दौरान ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल, नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, सुचिस्मिता मौर्य, मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र, जिलाधिकारी प्रवीण कुुमार लक्षकार, एडीएम यूपी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट विनय सिंह आदि मौजूद रहे। नगर विधायक ने पूर्व में भी दावा किया था कि विकास परिषद के गठन से मंदिर क्षेत्र का विकास होगा, संचालन या व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।
मंदिर में दर्शन पूजन कर लिया आशीर्वाद
विन्ध्याचल । रविवार की शाम चार बजे धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी मां विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचे। पक्का घाट पहुंचकर गंगाजल से आचमन करने के पश्चात पूजन सामग्री के साथ मां विंध्यवासिनी के गर्भ गृह में पहुंचकर विधि विधान से पूजन अर्चन किया। मां विंध्यवासिनी मंदिर के चारों तरफ परिक्रमा पथ का निरीक्षण किया। इसके बाद विंध्याचल अष्टभुजा डाक बंगले में पहुंचकर अधिकारियों संग बैठक की।
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कहा कि विंध्यधाम विकास परिषद बन जाने से क्षेत्र का विकास होगा। सरकार द्वारा ब्रज विकास परिषद का गठन किया गया था] जिसमें ब्रज क्षेत्र के आसपास यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रोड बिजली-सड़क-यात्री सुविधा केंद्र व पर्यटन का विकास हुआ। इसी तरह विंध्यधाम विकास परिषद का गठन किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में यहां दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए क्षेत्र का विकास कराया जाएगा। कॉरिडोर से समूचे विंध्यक्षेत्र का विकास होगा। निकट भविष्य में कॉरिडोर का शिलान्यास मुख्यमंत्री कर सकते हैं। मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि मां विंध्यवासिनी मंदिर परिक्रमा पथ के लिए आवश्यक संपूर्ण संपत्ति का क्रय कर लिया गया है। इसके लिए जनप्रतिनिधि व प्रशासन बधाई के पात्र हैं। पर्यटन विभाग द्वारा कार्य के लिए बजट भेजा गया था उसे स्वीकृति कर लिया गया है। इसके लिए जल्द ही कार्य शुरू किया जाएगा। जल्द ही शिलान्यास भी किया जाएगा। इससे पूर्व धर्मार्थ कार्य मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक भी की। इस दौरान ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल, नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, सुचिस्मिता मौर्य, मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र, जिलाधिकारी प्रवीण कुुमार लक्षकार, एडीएम यूपी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट विनय सिंह आदि मौजूद रहे। नगर विधायक ने पूर्व में भी दावा किया था कि विकास परिषद के गठन से मंदिर क्षेत्र का विकास होगा, संचालन या व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।
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मंदिर में दर्शन पूजन कर लिया आशीर्वाद
विन्ध्याचल । रविवार की शाम चार बजे धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी मां विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचे। पक्का घाट पहुंचकर गंगाजल से आचमन करने के पश्चात पूजन सामग्री के साथ मां विंध्यवासिनी के गर्भ गृह में पहुंचकर विधि विधान से पूजन अर्चन किया। मां विंध्यवासिनी मंदिर के चारों तरफ परिक्रमा पथ का निरीक्षण किया। इसके बाद विंध्याचल अष्टभुजा डाक बंगले में पहुंचकर अधिकारियों संग बैठक की।
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