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Mirzapur News: प्रयागराज से 15 घंटे में विंध्याचल, 5 किमी पैदल चले तब हुए दर्शन
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विंध्याचल। महाकुंभ के प्रलट प्रवाह के कारण प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे जाम होने से लोग परेशान हैं। संगम स्नान करने के बाद निजी साधनों से विंध्याचल पहुंचने में 15 घंटे का समय लग गया।
जाम में फंसने के कारण रास्ते में खाने-पीने का सामान खत्म हो गया। रास्ते में दुकानदारों ने मनमानी कीमत वसूली। विंध्याचल में पांच किमी तक पैदल चलने के बाद मां के दरबार में पहुंचे।
बिहार के सासाराम निवासी प्रमोद कुमार द्विवेदी ने बताया कि सोमवार की रात में संगम में स्नान करने के बा मां विंध्यवासिनी और काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए निकले लेकिन प्रयागराज से लेकर विंध्याचल तक जाम से जूझना पड़ा। गाड़ी में रखा खाने-पीने का सामान खत्म हो गया है। विंध्याचल में हाईवे पर सामान लेने बस से उतरे तो दुकानदारों ने मनमानी कीमत वसूली।
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झारखंड निवासी रोशन लाल ने बताया कि विंध्याचल पहुंचने पर दो किलोमीटर दूर गाड़ी खड़ी करा दी गई। यहां पैदल चलकर मां विंध्यवासिनी के मंदिर दर्शन-पूजन करने जाना पड़ा।
पटना निवासी श्याम लाल ने बताया कि निजी वाहन से सात लोग संगम स्नान करने के लिए निकले हुए थे संगम में डुबकी लगाने के पश्चात करीब 15 घंटे बाद विंध्याचल धाम पहुंचे लेकिन पहुंचने के पश्चात हाईवे किनारे वाहन खड़ा करके दर्शन पूजन करने के लिए पैदल ही गए।
छत्तीसगढ़ निवासी प्रह्लाद ने बताया कि मां के दर्शन पूजन करने के लिए पहुंचे लेकिन अटल चौक से लेकर शिवपुर तक वन वे हो जाने से कई किलोमीटर का चक्कर काटने के पश्चात मोतीझील मार्ग पर वाहन स्टैंड में गाड़ी खड़ी करके के बाद दर्शन-पूजन करने के लिए मंदिर पहुंचे।
इसी तरह अष्टभुजा के पास हरियाणा से आए श्रद्धालुओं में ओमकार, मनकी देवी आदि ने बताया कि जाम के कारण प्रयागराज से विंध्याचल आने में 14 घंटे लग गए। वहीं, बिहार के भोजपुर से आए रामनाथ, दिनकर आदि ने कहा कि मां विंध्यवासिनी के दर्शन मिलने से सारे शिकवे दूर हो गए।
कर्नाटक के शिवमंगल, राजकरन, अंकित ने बताया कि बस से 60 यात्रियों का दल आया है। जगह-जगह जाम के कारण प्रयागराज से विंध्याचल पहुंचने 14 से 15 घंटे का समय लग गया।
जाम में फंसने के कारण रास्ते में खाने-पीने का सामान खत्म हो गया। रास्ते में दुकानदारों ने मनमानी कीमत वसूली। विंध्याचल में पांच किमी तक पैदल चलने के बाद मां के दरबार में पहुंचे।
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बिहार के सासाराम निवासी प्रमोद कुमार द्विवेदी ने बताया कि सोमवार की रात में संगम में स्नान करने के बा मां विंध्यवासिनी और काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन के लिए निकले लेकिन प्रयागराज से लेकर विंध्याचल तक जाम से जूझना पड़ा। गाड़ी में रखा खाने-पीने का सामान खत्म हो गया है। विंध्याचल में हाईवे पर सामान लेने बस से उतरे तो दुकानदारों ने मनमानी कीमत वसूली।
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झारखंड निवासी रोशन लाल ने बताया कि विंध्याचल पहुंचने पर दो किलोमीटर दूर गाड़ी खड़ी करा दी गई। यहां पैदल चलकर मां विंध्यवासिनी के मंदिर दर्शन-पूजन करने जाना पड़ा।
पटना निवासी श्याम लाल ने बताया कि निजी वाहन से सात लोग संगम स्नान करने के लिए निकले हुए थे संगम में डुबकी लगाने के पश्चात करीब 15 घंटे बाद विंध्याचल धाम पहुंचे लेकिन पहुंचने के पश्चात हाईवे किनारे वाहन खड़ा करके दर्शन पूजन करने के लिए पैदल ही गए।
छत्तीसगढ़ निवासी प्रह्लाद ने बताया कि मां के दर्शन पूजन करने के लिए पहुंचे लेकिन अटल चौक से लेकर शिवपुर तक वन वे हो जाने से कई किलोमीटर का चक्कर काटने के पश्चात मोतीझील मार्ग पर वाहन स्टैंड में गाड़ी खड़ी करके के बाद दर्शन-पूजन करने के लिए मंदिर पहुंचे।
इसी तरह अष्टभुजा के पास हरियाणा से आए श्रद्धालुओं में ओमकार, मनकी देवी आदि ने बताया कि जाम के कारण प्रयागराज से विंध्याचल आने में 14 घंटे लग गए। वहीं, बिहार के भोजपुर से आए रामनाथ, दिनकर आदि ने कहा कि मां विंध्यवासिनी के दर्शन मिलने से सारे शिकवे दूर हो गए।
कर्नाटक के शिवमंगल, राजकरन, अंकित ने बताया कि बस से 60 यात्रियों का दल आया है। जगह-जगह जाम के कारण प्रयागराज से विंध्याचल पहुंचने 14 से 15 घंटे का समय लग गया।