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विंध्याचल: दो दिनों में 25 दान पात्रों से निकले 37 लाख रुपये से ज्यादा
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विंध्याचल में दान पात्र से निकले नोटों की गणना करते तहसीलकर्मी।- संवाद।
विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी मंदिर और परिक्रमा पथ पर विंध्य विकास परिषद की तरफ से लगाए गए 25 दान पेटिकाओं में से मंगलवार को 22 दानपात्रों को खोला गया।
दोनों की गणना के बाद 37 लाख से ज्यादा रुपये मिले। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर के छत पर बने श्री विंध्य पंडा समाज कार्यालय में गिनती कराई गई।
दूसरे दिन मंगलवार को 15 लाख, 27 हजार 632 रुपये मिले। सोमवार को 22 लाख 18 हजार रुपयों की गिनती हुई थी। गणना के बाद राशि को विंध्य विकास परिषद की पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी के भारतीय स्टेट बैंक शाखा विंध्याचल के खाते में जमा कराया गया।
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नायब तहसीलदार सदर गरिमा यादव की देखरेख में राजस्व विभाग के अमीनों ने गणना शुरू हुई। देर रात तक गिनती हुई। 22 दान पेटिकाओं में कुल 15 लाख रुपये से ज्यादा की धनराशि मिली। श्री विंध्य पंडा समाज कार्यालय में सुबह गणना के लिए दान पेटिकाएं खोली गईं।
इसमें पांच दान पेटिका मां विंध्यवासिनी मंदिर प्रांगण के एवं परिक्रमा पथ प्रांगण में लगी 17 दान पेटिकाएं खोली गईं। जिसमें दानपात्र से 15 लाख, 27 हजार 632 रुपये मिले। इसमें 11लाख 72 हजार, 857 रुपये की नोट मिले एवं 3 लाख 54 हजार 775 रुपये के सिक्के थे।
गणना के बाद विंध्य विकास परिषद की पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी के भारतीय स्टेट बैंक शाखा विंध्याचल के खाते में रुपये जमा कराए गए। इस दौरान विंध्य विकास परिषद के लिपिक ईश्वर दंत त्रिपाठी सहित संग्रह अमीन सूरज सोनकर, विजय शंकर दुबे, विजय श्याम पांडेय मौजूद रहे।
मेला व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं धन : श्रद्धालुओं की ओर से दान पेटिका में डाले गए धन को मां विंध्यवासिनी मंदिर की व्यवस्थाओं में विंध्य विकास परिषद की तरफ से खर्च किया जाता है।
श्री विंध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि इस धन से मंदिर की सजावट, सफाई व अन्य व्यवस्थाओं में खर्च किया जाता है।
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दोनों की गणना के बाद 37 लाख से ज्यादा रुपये मिले। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर के छत पर बने श्री विंध्य पंडा समाज कार्यालय में गिनती कराई गई।
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दूसरे दिन मंगलवार को 15 लाख, 27 हजार 632 रुपये मिले। सोमवार को 22 लाख 18 हजार रुपयों की गिनती हुई थी। गणना के बाद राशि को विंध्य विकास परिषद की पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी के भारतीय स्टेट बैंक शाखा विंध्याचल के खाते में जमा कराया गया।
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नायब तहसीलदार सदर गरिमा यादव की देखरेख में राजस्व विभाग के अमीनों ने गणना शुरू हुई। देर रात तक गिनती हुई। 22 दान पेटिकाओं में कुल 15 लाख रुपये से ज्यादा की धनराशि मिली। श्री विंध्य पंडा समाज कार्यालय में सुबह गणना के लिए दान पेटिकाएं खोली गईं।
इसमें पांच दान पेटिका मां विंध्यवासिनी मंदिर प्रांगण के एवं परिक्रमा पथ प्रांगण में लगी 17 दान पेटिकाएं खोली गईं। जिसमें दानपात्र से 15 लाख, 27 हजार 632 रुपये मिले। इसमें 11लाख 72 हजार, 857 रुपये की नोट मिले एवं 3 लाख 54 हजार 775 रुपये के सिक्के थे।
गणना के बाद विंध्य विकास परिषद की पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी के भारतीय स्टेट बैंक शाखा विंध्याचल के खाते में रुपये जमा कराए गए। इस दौरान विंध्य विकास परिषद के लिपिक ईश्वर दंत त्रिपाठी सहित संग्रह अमीन सूरज सोनकर, विजय शंकर दुबे, विजय श्याम पांडेय मौजूद रहे।
मेला व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं धन : श्रद्धालुओं की ओर से दान पेटिका में डाले गए धन को मां विंध्यवासिनी मंदिर की व्यवस्थाओं में विंध्य विकास परिषद की तरफ से खर्च किया जाता है।
श्री विंध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि इस धन से मंदिर की सजावट, सफाई व अन्य व्यवस्थाओं में खर्च किया जाता है।