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Mirzapur News: वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों ने किया पथराव, रेंजर व फाॅरेस्टर किसी तरह बचे, 10 वनकर्मी घायल, दो गंभीर

Sun, 04 Jan 2026 01:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 04 Jan 2026 01:42 AM IST
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Villagers pelted stones at the forest department team; the ranger and forester narrowly escaped; 10 forest workers were injured, two seriously injured.
शुक्रवार की रात लालगंज इलाके में ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प, स्रोत सोशल मीडिया
लालगंज। पुलिस और राजस्व विभाग को सूचना दिए बगैर वन विभाग की टीम शनिवार की भोर में पांच बजे तेंदुआ खुर्द गांव के जंगल में अतिक्रमण हटाने पहुंच गई। फसल उजाड़ने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने टीम पर पथराव से हमला कर दिया। इससे 10 वनकर्मी घायल हो गए। दो को गंभीर चोटें आई हैं। रेंजर व वन दरोगा किसी तरह जान बचाकर वहां से भागे। पुलिस ने इस मामले में तहरीर के आधार पर सात नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मुख्य आरोपी अजय, सिंटू, सुधाकर यादव, जीरा भारती को गिरफ्तार किया गया है। वन क्षेत्राधिकारी के के सिंह ने बताया कि लालगंज वन क्षेत्र के तेंदुआ खुर्द गांव में 10 वर्षों से लोग आरक्षित वन भूमि पर मकान बनाकर खेती कर रहे हैं। वन विभाग की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया गया। कई बार समय दिया गया लेकिन अतिक्रमण नहीं हटाया गया। ऐसे में विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि अपर आयुक्त के आश्वासन के बावजूद वन विभाग की टीम ने तेंदुआ खुर्द की आदिवासी बस्ती में पहुंचकर फसलों को उजाड़ दिया। विरोध पर कर्मचारियों ने लाठी-डंडा लेकर दौड़ाया और महिलाओं के साथ मारपीट की। ग्रामीणों के अनुसार, दस दिन का समय दिया गया था और इसी बीच शुक्रवार को कमिश्नर कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर बुलडोजर की कार्रवाई रोकने की मांग की गई थी। धरने के दौरान अपर आयुक्त विंध्याचल मंडल ने कार्रवाई न कराने का आश्वासन दिया था।
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ग्रामीण शोभा कोल, मंजय वर्मा, सत्तन, पवन, कमलेश, राजकुमार आदि का आरोप है कि अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के वन विभाग ने फसल नष्ट कर दी। रेंजर केके सिंह का कहना है कि फसल उजाड़ने का आरोप निराधार है। विभाग ने केवल अतिक्रमण हटाने की नियमानुसार प्रक्रिया अपनाई है। थानाध्यक्ष लालगंज अभय कुमार सिंह ने बताया कि वन विभाग की तहरीर के आधार पर जीरा भारती, शोभा, मंजय वर्मा, सतन, पवन, अमरेश, राजकुमार व 50 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।
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तेंदुआ खुर्द गांव में सुबह पांच बजे वन विभाग के कुछ कर्मचारी वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचे थे। कुछ ग्रामवासी व महिलाओं के साथ उनकी कहासुनी व झड़प हुई। वन विभाग के कर्मचारियों के प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना लालगंज पर जीरा भारती समेत सात नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। मुख्य आरोपी अजय, सिंटू कोल निवासी तेंदुआ खुर्द थाना लालगंज, सुधाकर यादव निवासी मुजरा थाना जलालपुर जनपद जौनपुर, जीरा भारती निवासिनी रिक्शा खुर्द थाना संतनगर को गिरफ्तार किया गया। वन विभाग के अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण हटाने संबंधी पूर्व में कोई सूचना स्थानीय थाना व राजस्व विभाग को नहीं दी गई थी। - अमर बहादुर, सीओ लालगंज
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25 हेक्टेयर भूमि पर कई वर्षों से अतिक्रमण कर लोग खेती इत्यादि कर रहे थे। जमीन को लेकर स्थानीय स्तर पर कई बार विवाद भी हुए। कई बार नोटिस भी दिया गया। नवंबर में भी विवाद हुआ था। आईजीआरएस पर शिकायतें भी खूब हो रहीं थीं। विभाग ने नियमत: नोटिस की कार्रवाई की। नवंबर में राजस्व की टीम ने नापी कर वन विभाग की जमीन को अलग कर दिया। उसके चारों तरफ सुरक्षा खाई भी खोदवा दी गई थी। पौधरोपण के लिए प्रक्रिया शुरू होने की बात आई तो स्थानीय लोगों ने वन भूमि पर लगाई गई फसल को काटने का समय मांगा। दिसंबर तक समय दिया गया था। टीम आज पौधरोपण के लिए पहुंची तो कुछ ने नेताओं के बहकावे में आकर पथराव कर दिया गया। थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।-राकेश कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी

ये घायल हुए-घायल वनकर्मियों में दीनानाथ, ओमप्रकाश, पप्पू, उमाशंकर, भगवानदास, रामबाबू, जयप्रकाश, बलराम सहित 10 वन कर्मी हैं। कुछ ग्रामीण भी चोटिल हुए हैं।

डीएफओ बोले, अतिक्रमण हटाने नहीं पौधरोपण करने गई थी टीम

मिर्जापुर। वन विभाग के अधिकारी यह दावा कर रहे हैं कि टीम पौधरोपण करने पहुंची थी लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उनके साथ बल प्रयोग किया गया और उनकी फसल उजाड़ दी गई। प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि वन विभाग की जमीन पर पौधरोपण के लिए वन कर्मी मौके पर पहुंचे थे। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि शनिवार की तड़के बॉडी आर्मर, हेलमेट और लाठी-डंडे लेकर भला कौन सा पौधरोपण करने वन कर्मी पहुंचे थे। वन विभाग के लोग पौधरोपण करने जाने की बात कह रहे है पर वायरल वीडियो में वनकर्मी हाथ में डंडा आदि लिए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस के बयान ने वन कर्मियों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक वन विभाग पर अतिक्रमण हटाने के लिए बिना पुलिस और राजस्व को सूचना दिए जाने की बात कह रही है। संवाद
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