{"_id":"6632aab87d331e2c79039377","slug":"villagers-in-majhigawan-saw-leopard-for-the-fourth-day-mirzapur-news-c-192-1-svns1034-115684-2024-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: मझिगवां में ग्रामीणों को चौथे दिन भी दिखा तेंदुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: मझिगवां में ग्रामीणों को चौथे दिन भी दिखा तेंदुआ
विज्ञापन
ड्रमंडगंज। वन विभाग के ड्रमंडगंज रेंज के मझिगवां गांव स्थित जल निगम की पुरानी पानी टंकी परिसर में चौथे दिन बुधवार को भी ग्रामीणों को तेंदुआ दिखा। सूचना मिलने के बाद मंगलवार को देर रात वन विभाग की टीम ग्रामीणों के साथ पानी टंकी के पास पहुंची। इस दौरान टीम ने पटाखे भी फोड़े, लेकिन तेंदुआ पानी टंकी परिसर से बाहर नहीं निकला।
मझिगवां निवासी मुन्नू सिंह ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को देर रात टार्च की रोशनी में प्राथमिक विद्यालय के पास से तेंदुए को पानी टंकी की तरफ जाते हुए देखा था। इस बीच बुधवार को सुबह रमेश सिंह के पुत्र राज सिंह ने टंकी की खिड़की से बाहर झांकते हुए तेंदुआ को देखकर शोर मचाया। जब ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर टंकी के पास पहुंचे तो तेंदुआ भीतर जाकर छिप गया। ग्रामीण वीर बहादुर सिंह, मुन्नू सिंह, रंजना सिंह, बुद्धसेन सिंह, संजय सिंह, राज सिंह, धीरेंद्र सिंह आदि ने बताया कि तेंदुआ के खौफ से ग्रामीण पूरी रात जगने के लिए विवश हैं। ग्रामीणों का कहना है कि संभवतः पानी टंकी परिसर में बने कमरों और टंकी के नीचे के हिस्से मेंं ही तेंदुआ छिपा हुआ है। उनका आरोप है कि वन विभाग तेंदुआ को पकड़ने में रुचि नहीं ले रहा है, इससे गांव में खतरा बना हुआ है। क्षेत्रीय वनाधिकारी वीरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद मंगलवार को रात में पानी टंकी परिसर के पास पहुंचकर पटाखे फोड़े गए, लेकिन तेंदुआ कहीं दिखाई नहीं दिया। रेंजर ने ग्रामीणों को अपने स्तर से सतर्क रहने की हिदायत देते हुए कहा है कि यदि तेंदुआ फिर दिखाई दे तो उसे छेड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
विज्ञापन
मझिगवां निवासी मुन्नू सिंह ने बताया कि उन्होंने मंगलवार को देर रात टार्च की रोशनी में प्राथमिक विद्यालय के पास से तेंदुए को पानी टंकी की तरफ जाते हुए देखा था। इस बीच बुधवार को सुबह रमेश सिंह के पुत्र राज सिंह ने टंकी की खिड़की से बाहर झांकते हुए तेंदुआ को देखकर शोर मचाया। जब ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर टंकी के पास पहुंचे तो तेंदुआ भीतर जाकर छिप गया। ग्रामीण वीर बहादुर सिंह, मुन्नू सिंह, रंजना सिंह, बुद्धसेन सिंह, संजय सिंह, राज सिंह, धीरेंद्र सिंह आदि ने बताया कि तेंदुआ के खौफ से ग्रामीण पूरी रात जगने के लिए विवश हैं। ग्रामीणों का कहना है कि संभवतः पानी टंकी परिसर में बने कमरों और टंकी के नीचे के हिस्से मेंं ही तेंदुआ छिपा हुआ है। उनका आरोप है कि वन विभाग तेंदुआ को पकड़ने में रुचि नहीं ले रहा है, इससे गांव में खतरा बना हुआ है। क्षेत्रीय वनाधिकारी वीरेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद मंगलवार को रात में पानी टंकी परिसर के पास पहुंचकर पटाखे फोड़े गए, लेकिन तेंदुआ कहीं दिखाई नहीं दिया। रेंजर ने ग्रामीणों को अपने स्तर से सतर्क रहने की हिदायत देते हुए कहा है कि यदि तेंदुआ फिर दिखाई दे तो उसे छेड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
विज्ञापन