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Mirzapur News: वामन द्वादशी पर फूलों से सजे वामनवीर, मंदिर पर उमड़ा आस्था का सैलाब
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गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने किए दर्शन-पूजन, जमकर हुई खरीदारी और गुड़ की जलेबी का उठाया लुत्फ
विंध्याचल। ओझला में वामन द्वादशी पर मंगलवार को श्री वामनवीर का वार्षिक शृंगार-पूजन एवं मेला लगा। फूलों से भव्य शृंगार के बाद वामन देव के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गंगा स्नान के बाद भक्तों ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर मंगल कामना की। घंटा-घड़ियाल, शंख और जयकारों से दिनभर मंदिर परिसर गूंजता रहा। पूजन के बाद दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने मेले में खरीदारी की।
मेले में बांस की लकड़ी से बनी घरेलू उपयोग की वस्तुओं समेत अन्य सामान की दुकानों पर भीड़ रही। खान-पान की दुकानों के साथ गुड़ की जलेबी का लोगों ने लुत्फ उठाया। पुजारी हेमंत कुमार मिश्रा ने बताया कि भगवान विष्णु के वामन अवतार ने राजा बलि से तीन पग भूमि दान में मांगी थी और पहला पग विंध्य में रखा था। वामन द्वादशी लघुता से विराटता का पर्व है। वार्षिक शृंगार-पूजन के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
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विंध्याचल। ओझला में वामन द्वादशी पर मंगलवार को श्री वामनवीर का वार्षिक शृंगार-पूजन एवं मेला लगा। फूलों से भव्य शृंगार के बाद वामन देव के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गंगा स्नान के बाद भक्तों ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर मंगल कामना की। घंटा-घड़ियाल, शंख और जयकारों से दिनभर मंदिर परिसर गूंजता रहा। पूजन के बाद दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने मेले में खरीदारी की।
मेले में बांस की लकड़ी से बनी घरेलू उपयोग की वस्तुओं समेत अन्य सामान की दुकानों पर भीड़ रही। खान-पान की दुकानों के साथ गुड़ की जलेबी का लोगों ने लुत्फ उठाया। पुजारी हेमंत कुमार मिश्रा ने बताया कि भगवान विष्णु के वामन अवतार ने राजा बलि से तीन पग भूमि दान में मांगी थी और पहला पग विंध्य में रखा था। वामन द्वादशी लघुता से विराटता का पर्व है। वार्षिक शृंगार-पूजन के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
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