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मच्छर बेकाबू, 1000 को मलेरिया का डंक
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Tue, 06 Sep 2016 12:33 AM IST
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मच्छरों की संख्या बढ़ने से मलेरिया के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। दो माह के अंदर एक हजार से अधिक रोगियों में मलेरिया पाया गया है। अभी डेंगू के किसी मरीज की पुष्टि सरकारी स्तर पर नहीं हुई है लेकिन निजी चिकित्सक प्लेटलेट कम दिखाकर मरीजों को डेंगू का शिकार जरूर बता रहे हैं।
जिले में आई बाढ़ के बाद जगह-जगह जलभरा हुआ है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कागजों पर दवाओं का छिड़काव किए जाने से इनकी संख्या में कमी नहीं आ रही है। इससे गांवों से शहर तक के लोग मच्छरों से परेशान हैं। लोग चैन से सो नहीं पा रहे हैं और मलेरिया ने पांव पसारना शुरू कर दिया है।
स्वास्थ्य महकमा के मुताबिक जिले किसी में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन लोगों कि जिले में डेंगू के भी मरीज पाए गए हैं लेकिन मिर्जापुर में सही तरीके से इलाज नहीं होने से लोग इलाहाबाद या बनारस जा रहे हैं। डेंगू से अब तक देहात कोतवाली के शफीक अहमद, सेवानिवृत स्वास्थ्यकर्मी मोहन लाल यादव सहित सीखड़ व लालगंज ब्लॉक के कई लोग डेंगू के शिकार हुए हैं।
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वायरल फीवर और बुखार के मरीजों की संख्या में तो बाढ़ का पानी उतरने के बाद वृद्धि हुई है। इसमें जांच में तमाम लोगों को मलेरिया भी पाया गया है। जिला चिकित्सालय के एसआरएल लैब की रिपोर्ट के मुताबिक दो माह में 1000 से अधिक मलेलिया के रोगी पाए गए हैं। प्रतिदिन मलेरिया के 10 से 15 मरीज आ रहे हैं। डेंगू की आशंका पर कई लोगों की जांच हुई लेकिन पुष्टि नहीं हुई।
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जिले में आई बाढ़ के बाद जगह-जगह जलभरा हुआ है और मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कागजों पर दवाओं का छिड़काव किए जाने से इनकी संख्या में कमी नहीं आ रही है। इससे गांवों से शहर तक के लोग मच्छरों से परेशान हैं। लोग चैन से सो नहीं पा रहे हैं और मलेरिया ने पांव पसारना शुरू कर दिया है।
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स्वास्थ्य महकमा के मुताबिक जिले किसी में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन लोगों कि जिले में डेंगू के भी मरीज पाए गए हैं लेकिन मिर्जापुर में सही तरीके से इलाज नहीं होने से लोग इलाहाबाद या बनारस जा रहे हैं। डेंगू से अब तक देहात कोतवाली के शफीक अहमद, सेवानिवृत स्वास्थ्यकर्मी मोहन लाल यादव सहित सीखड़ व लालगंज ब्लॉक के कई लोग डेंगू के शिकार हुए हैं।
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वायरल फीवर और बुखार के मरीजों की संख्या में तो बाढ़ का पानी उतरने के बाद वृद्धि हुई है। इसमें जांच में तमाम लोगों को मलेरिया भी पाया गया है। जिला चिकित्सालय के एसआरएल लैब की रिपोर्ट के मुताबिक दो माह में 1000 से अधिक मलेलिया के रोगी पाए गए हैं। प्रतिदिन मलेरिया के 10 से 15 मरीज आ रहे हैं। डेंगू की आशंका पर कई लोगों की जांच हुई लेकिन पुष्टि नहीं हुई।