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Mirzapur News: हाथों की उंगलियों को बनाएं हथियार, दुश्मन पर होगा घातक प्रहार
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छानबे क्षेत्र के बबुरा गांव में स्थित कृष्णा सिंह पब्लिक स्कूल में अपराजिता कार्यक्रम के दौरा
मिर्जापुर। छानबे ब्लॉक के बबुरा स्थित कृष्णा सिंह पब्लिक स्कूल में बृहस्पतिवार को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए।
आत्मरक्षा तकनीक की जानकारी छात्राओं ने अपनी साथियों को आत्मरक्षा के उपाय बताए। कहा- लड़कियां हाथों की उंगलियों को ही अपना हथियार बनाएं। प्रशिक्षिका ने बताया कि यदि कोई अवांछित व्यक्ति छेड़खानी करे तो उसका धैर्य से मुकाबला करें। कुछ न मिले तो अपने हाथ की उंगलियों को ही हथियार बनाकर उसकी आंखों में घातक तरीके से प्रहार करें। यदि कोई हाथ पकड़ता है तो उसके नाक पर जोर से पंच मारें। इस अवसर पर छात्राओं ने भी अभ्यास किया।
विधि सिंह, लाडली सिंह ने खुशबू मिश्रा के साथ सजीव प्रदर्शन कर छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीकों की जानकारी दी। बताया कि यदि कोई हाथ पकड़ता है तो तुरंत घूमकर हाथों की उंगलियों से उसकी आंखों को निशाना बनाएं। यदि दूसरे हाथ में कुछ है तो उसी से वार करें।
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यदि हाथ खाली है तो मुट्ठी बांधकर मुंह पर पंच मारें। तेज आवाज में शोर मचाएं। इससे शोहदा डरेगा और उसकी पकड़ कमजाेर होगी। हाथ छूटते ही उसको धक्का देकर गिराने का प्रयास करें। इतने में ही वह भाग जाएगा या भागने का पूरा प्रयास करेगा।
कोई पीछे से चोटी पकड़े तो उसको पैर से बैक किक या धक्का मारें। खुशी यादव और कोमल सेठ ने बताया कि कलाई पकड़ने या पीछे से शरीर को पकड़ने पर जोरदार झटका या कोहनी से हमला करना अधिक असरदार होता है।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि यदि कोई साधन नहीं है तो हर लड़की अपने बालों का क्लिप या कांटे का त्वरित इस्तेमाल कर सकती है। पलक सिंह और भूमिका सिंह व अन्य छात्राओं ने मंच पर ताइक्वांडों के कुछ दावं का प्रदर्शन किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य माता शंकर मिश्रा ने कहा कि महिलाएं यदि जागरूक हों तो वह अपनी रक्षा स्वयं कर सकती हैं। इस मौके पर कॉलेज के प्रबंधक आशीष सिंह, पुष्पा त्रिपाठी, काजल मिश्रा, सुस्मिता पांडेय व अन्य थे।
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आत्मरक्षा तकनीक की जानकारी छात्राओं ने अपनी साथियों को आत्मरक्षा के उपाय बताए। कहा- लड़कियां हाथों की उंगलियों को ही अपना हथियार बनाएं। प्रशिक्षिका ने बताया कि यदि कोई अवांछित व्यक्ति छेड़खानी करे तो उसका धैर्य से मुकाबला करें। कुछ न मिले तो अपने हाथ की उंगलियों को ही हथियार बनाकर उसकी आंखों में घातक तरीके से प्रहार करें। यदि कोई हाथ पकड़ता है तो उसके नाक पर जोर से पंच मारें। इस अवसर पर छात्राओं ने भी अभ्यास किया।
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विधि सिंह, लाडली सिंह ने खुशबू मिश्रा के साथ सजीव प्रदर्शन कर छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीकों की जानकारी दी। बताया कि यदि कोई हाथ पकड़ता है तो तुरंत घूमकर हाथों की उंगलियों से उसकी आंखों को निशाना बनाएं। यदि दूसरे हाथ में कुछ है तो उसी से वार करें।
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यदि हाथ खाली है तो मुट्ठी बांधकर मुंह पर पंच मारें। तेज आवाज में शोर मचाएं। इससे शोहदा डरेगा और उसकी पकड़ कमजाेर होगी। हाथ छूटते ही उसको धक्का देकर गिराने का प्रयास करें। इतने में ही वह भाग जाएगा या भागने का पूरा प्रयास करेगा।
कोई पीछे से चोटी पकड़े तो उसको पैर से बैक किक या धक्का मारें। खुशी यादव और कोमल सेठ ने बताया कि कलाई पकड़ने या पीछे से शरीर को पकड़ने पर जोरदार झटका या कोहनी से हमला करना अधिक असरदार होता है।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि यदि कोई साधन नहीं है तो हर लड़की अपने बालों का क्लिप या कांटे का त्वरित इस्तेमाल कर सकती है। पलक सिंह और भूमिका सिंह व अन्य छात्राओं ने मंच पर ताइक्वांडों के कुछ दावं का प्रदर्शन किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य माता शंकर मिश्रा ने कहा कि महिलाएं यदि जागरूक हों तो वह अपनी रक्षा स्वयं कर सकती हैं। इस मौके पर कॉलेज के प्रबंधक आशीष सिंह, पुष्पा त्रिपाठी, काजल मिश्रा, सुस्मिता पांडेय व अन्य थे।